14/08/2026
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष और बीजेपी राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने शुक्रवार को तीखा हमला बोला। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि मनन कुमार मिश्रा की अगुवाई में BCI ने एक साल के भीतर बैठकों और सम्मेलनों पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने दावा किया कि यात्रा और आवास पर भी लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
सौरव दास ने इन खर्चों को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि BCI का इतना पैसा कहां और किस तरह खर्च किया जा रहा है। हालांकि, इन खर्चों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई जब BCI ने हैदराबाद की नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के 2026 बैच के छात्रों के एडवोकेट के रूप में एनरोलमेंट पर रोक लगाने का निर्देश दिया। आदेश में कहा गया था कि छात्रों के एक समूह ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध किया था।
मनन कुमार मिश्रा की ओर से जारी आदेश में कथित तौर पर कहा गया था कि जो छात्र देश के सर्वोच्च न्यायिक पद का सम्मान नहीं करते, वे जिम्मेदार अधिवक्ता नहीं बन सकते। BCI ने विश्वविद्यालय से तीन दिन के भीतर संबंधित घटनाक्रम की रिपोर्ट और छात्रों के नाम भी मांगे थे। आदेश सामने आने के बाद इसे लेकर कई स्तरों पर प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने BCI के इस कदम को अनुचित और दमनकारी बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आदेश वापस नहीं लिया गया तो BCI कार्यालय और मनन कुमार मिश्रा के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी BCI अध्यक्ष के लंबे कार्यकाल को लेकर सवाल उठाए और उनके इस्तीफे की मांग के संकेत दिए। इस बीच, मामले को लेकर विवाद बढ़ने के बाद BCI ने नालसार के 2026 बैच के छात्रों के एनरोलमेंट पर लगाई गई रोक वापस ले ली थी।