12/09/2026
BBC News हिन्दी लिखता है कि जंतर मंतर पर अलग-अलग राज्यों के नागरिक समाज संगठनों ने प्रदर्शन का एलान किया है। जंतर-मंतर एक बार फिर चर्चा में रह सकता है. अलग-अलग राज्यों के नागरिक समाज संगठनों ने चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के ख़िलाफ़ 1 या 2 अक्तूबर को प्रदर्शन करने की योजना बनाई है. अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने कहा कि नागरिक समाज समूह 10 से 20 अक्तूबर के बीच कम से कम 10 ज़िलों का दौरा करेंगे.
वे हर राज्य में लगभग 100 बूथों का दौरा कर ऐसे सबूत जुटाएंगे, जिनसे यह पता चले कि इस प्रक्रिया ने देश के नागरिकों को किस तरह की परेशानी पहुंचाई है. उन्होंने कहा, "हम अपना सोशल ऑडिट करेंगे. हमारा मानना है कि देश भर में हटाए गए मतदाताओं की संख्या क़रीब 15 करोड़ हो सकती है." "अब यह साफ़ हो गया है कि यह एक घोटाला और साज़िश है. इसने नागरिकों की गरिमा और अधिकारों को ख़तरे में डाल दिया है. किसी सरकार या संविधान ने किसी को भी नागरिकों को ऐसी परेशानी में डालने का अधिकार नहीं दिया है."
प्रकाश राज ने कहा कि नागरिक समाज ने शुरुआत से ही चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों के लोगों के अनुभव को देखते हुए उन्हें पहले से आशंका थी. उन्होंने कहा, "जब यह प्रक्रिया कर्नाटक में शुरू हुई तो हम सतर्क थे. हमने कहा था कि तुरंत चुनाव नहीं होने वाले हैं. अगर मक़सद यह है कि हर पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल हो, तो इसके लिए समय लिया जाना चाहिए."
उन्होंने कहा, "यह कोई टी-20 मैच या बारिश से प्रभावित पांच ओवर का मैच नहीं है. चुनाव में अभी दो साल हैं. लेकिन हमारी बात नहीं सुनी गई. इसे सिर्फ़ एक महीने की प्रक्रिया बना दिया गया. एएसडीडीओ सूची के तहत एक करोड़ 80 लाख नाम हटाए गए थे. बाद में 2002 मैपिंग के बाद यह संख्या डेढ़ करोड़ रह गई. हमने छह महीने का अतिरिक्त समय देने की मांग की थी. उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की मां का उदाहरण देते हुए कहा, "24 अगस्त को जारी विवरण में अंग्रेज़ी और कन्नड़ में नाम अलग-अलग हैं. पति का नाम भी कन्नड़ और अंग्रेज़ी में अलग लिखा गया है. पते भी अलग हैं."
प्रकाश राज ने कहा, "अब यह साबित हो चुका है कि यह एक घोटाला है. यह मुझे नोटबंदी की याद दिलाता है, जब लोगों को अपने ही पैसे के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ा था. उन्होंने आगे कहा, "यह मुझे कोरोना काल की भी याद दिलाता है, जब लोगों की मदद के लिए कोई राजनीतिक दल आगे नहीं आया था. सार्वजनिक सभाओं के लिए राजनीतिक दलों के पास लोगों को लाने के लिए बसें, ट्रक, पैसा और बिरयानी के पैकेट होते हैं. लेकिन कोरोना के दौरान लोगों को दूर-दराज़ स्थित अपने घरों तक पैदल जाने के लिए अकेला छोड़ दिया गया था.****
एक क्रूर, अहंकारी, सनकी गिरोह जिसे हम आज आरएसएस, भाजपा कह रहे हैं, इनसे न्याय या किसी भलाई की उम्मीद न करें। जिस प्रकार से सरकारी विभागों के सम्पत्तियों को बेच रहे हैं, इसे ठीक ऐसे समझ सकते है कि ये सभी संशाधन हमारे किडनी, लिवर, हार्ट हैं। जब पुरवर्ती खासकर कांग्रेसी सरकारों ने भारत की स्थिति जब दयनीय थी, तभी सरकारी संपत्ति को सफलता पूर्वक बनाये थे औऱ भारत को समृद्ध बनाये थे, 2014 तक देश जहां तक समृद्ध हुआ था, उससे निचले स्थानों पर जाना, क्या सही है?? इन आरएसएस, भाजपा व इनके दो कौड़ी के फर्जी पूंजीपतियों के अवैध फायदे के लिए बार बार भाजपा को चुनाव जिताते रहोगे??
क्या हिन्दू के नाम पर वोट दे रहे हैं तो तुम, हम हिंदुओ के लिए अच्छी शिक्षा, अच्छी चिकित्सा, शासकीय नौकरी, न्याय, सम्मान, अवसर कब प्राप्त करोगे?? केवल दो पूंजीपति धनवान व दो व्यक्ति सत्तावन बने रहेंगे, तभी हिन्दू खतरे से बाहर आएगा?? कुछ तो अकल लगाओ रे, हरामजादे लोग?? क्या हमारी बर्बादी व आरएसएस, भाजपा नेताओं की आबादी, समृद्धि ही असली हिन्दू है।स्थायी समाधान के लिए केवल संकेत से, इशारे से, व्यंग से, अप्रत्यक्ष रूप से बात करने से बात नहीं बनेगी या किन्ही महापुरुषों के उपदेशों को बार बार दुहराने से बात नही बनेगी, हर लेखों में हर जगह हर बातों में सीधा सीधा यही लिखिए, यह बोलिये कि चाहे कुछ भी क्यों न हो जाए, भाजपा व भाजपा गठबंधन को वोट न दें, लोगों को भी समझायें कि वे भी भाजपा व भाजपा गठबंधन को वोट न दें, भाजपा सरकार के सारे कार्य, नियम, नीति, कानून, सहायता, गाय मारकर जूता दान जैसे हैं। एक एक मतदान केंद्र की जिम्मेदारी लें।
ऐसे सभी गम्भीर समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए भाजपा को वोट न दें, देश के वर्तमान व आगामी हर छोटे बड़े चुनावों में भाजपा को वोट न दें। लोगों को भी समझाएं कि वे भाजपा को वोट न दें। इसी में सभी का भलाई है। सबको सामाजिक न्याय मिले। जिनको इस लेख को समझने में, जिज्ञासा, प्रमाण जाननी है, समाधान पर कोई कार्य करनी है तो मेरे निचे दिए मोब.न.पर वाट्सएप कर सकते हैं, https://www.facebook.com/share/g/1BeWPJqJ2y/ फेसबुक ग्रुप में अवश्य जुड़िये।
*प्रभाकर ग्वाल*
*पूर्व सीबीआई मजिस्ट्रेट*
*छत्तीसगढ़,9479270390*