19/08/2026
⚖️ 4 महीने में 22 लोगों को मौत की सजा! लेकिन क्या अब सीधे होगी फांसी?
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच 10 मामलों में कुल 22 दोषियों को मौत की सजा सुनाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
लेकिन Sessions Court द्वारा Death Sentence सुनाए जाने का मतलब यह नहीं है कि दोषी को तुरंत फांसी दे दी जाएगी।
⚖️ कानून क्या कहता है?
भारत में Death Penalty केवल अत्यंत असाधारण यानी “Rarest of Rare” मामलों में दी जाती है। Sessions Court द्वारा सुनाई गई मौत की सजा को लागू करने से पहले High Court से confirmation आवश्यक होता है।
इसके बाद भी कानून में आगे के न्यायिक और संवैधानिक उपाय उपलब्ध हो सकते हैं, जिनमें—
🔹 High Court में Confirmation Proceedings
🔹 Supreme Court में Appeal
🔹 Review Petition
🔹 परिस्थितियों के अनुसार Curative Petition
🔹 Governor के समक्ष Article 161 के तहत Mercy Petition
🔹 President के समक्ष Article 72 के तहत Mercy Petition
शामिल हो सकते हैं।
इसलिए “मौत की सजा सुनाई गई” और “फांसी अंतिम हो गई” — दोनों एक बात नहीं हैं।
भारत में किसी व्यक्ति के जीवन से जुड़ी अंतिम सजा होने के कारण Death Penalty पर क�