08/02/2026
🔴 पति का निधन… और पत्नी को मिला GST नोटिस !!!!
हाल ही में एक दुखी पत्नी मेरे कार्यालय आईं।
उनके पति, जो एक छोटे व्यवसाय को Sole Proprietor के रूप में चला रहे थे, का हाल ही में निधन हो गया था।
परिवार अभी भी इस दुख से उबरने की कोशिश कर रहा था।
लेकिन कुछ ही समय बाद, उनके पति के नाम पर GST Demand Notice आ गया।
उनकी चिंता स्पष्ट थी—
“मैं कभी अपने पति के व्यवसाय में शामिल नहीं रही।
तो अब GST के मामलों से मुझे क्यों जूझना पड़ रहा है?”
और आजकल ऐसी स्थिति कई परिवारों के साथ हो रही है।
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⚖️ कानून वास्तव में क्या कहता है?
अक्सर परिवार यह मान लेते हैं कि व्यवसायी की मृत्यु के बाद कर देनदारी सीधे पत्नी या परिवार पर आ जाती है।
लेकिन कानूनी स्थिति अलग है—
✔️ मृत व्यक्ति के नाम पर कानूनी कार्यवाही जारी नहीं रखी जा सकती
✔️ कानूनी प्रतिनिधि (Legal Representative) को उचित नोटिस और सुनवाई का अधिकार दिया जाना चाहिए
✔️ वसूली केवल विरासत में मिली संपत्ति से की जा सकती है
✔️ पत्नी की व्यक्तिगत आय या संपत्ति को जब्त नहीं किया जा सकता
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📌 Sole Proprietor की मृत्यु के बाद परिवार क्या करे?
• GST विभाग को मृत्यु की सूचना दें और मृत्यु प्रमाणपत्र जमा करें
• तय करें कि व्यवसाय जारी रखना है या बंद करना है
• उसी अनुसार GST Registration अपडेट या surrender करें
• किसी भी नोटिस का जवाब विशेषज्ञ सलाह लेकर ही दें
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एक सच्चाई जिसे परिवारों को जानना चाहिए
विरासत कभी-कभी जिम्मेदारी भी लेकर आती है, लेकिन केवल उतनी ही जितनी संपत्ति विरासत में मिली हो।
और कानून परिवारों की रक्षा करता है—
यदि किसी ने व्यवसाय या उसकी संपत्ति विरासत में नहीं पाई, तो उससे व्यवसाय का बकाया नहीं वसूला जा सकता।
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✍️ Adv. Ashish Kamthania
Tax & Legal Consultant
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⚠️ यह पोस्ट केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी कानूनी या कर संबंधी निर्णय से पहले विशेषज्ञ सलाह अवश्य लें।
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