MohitVerse

MohitVerse Universe where my pen writes what my heart whispers, my voice sings what my soul cannot contain. Dive into my verses, where poetry and rhythm walk hand in hand.

I am a seeker of meaning in metaphors, and a believer in the healing power of words and music. Inner Voice

03/06/2026
19/03/2026

अंधों का शहर

अब मुझसे कारोबार का हाल न पूछो,
आईने बेचता हूँ मैं अंधों के शहर में।
यहाँ सच बोलना जुर्म है, सुन लो,
और झूठ बैठा है ताज लेकर सर में।

मैंने तो बस चेहरों से नकाब हटाए थे,
उन्होंने मुझे ही कटघरे में खड़ा कर दिया,
जो दिखा दिया आईने में असल चेहरा,
उसी पल मुझे सबने बेअदब कर दिया।

यहाँ हर शख़्स खुद से भागता फिरता है,
पर दोष ज़माने के सिर धरता है,
मैंने जो दिखाया उसे उसका अक्स,
वो मुझसे ही नज़रें चुराकर गुजरता है।

कुछ ने तो आईना ही तोड़ दिया गुस्से में,
कि कहीं सच्चाई ज़िंदा न रह जाए,
कुछ ने कीमत पूछी मेरी खामोशी की,
कि सच कहीं सस्ता न बिक जाए।

मैं भी अब थोड़ा समझदार हो चला हूँ,
हर सच हर किसी को नहीं दिखाता,
इस अंधे बाज़ार के उसूल सीख लिए हैं—
अब आईना भी कभी-कभी झूठ बताता।

पर अंदर कहीं एक जिद अभी बाकी है,
कि शायद कोई तो आँखें खोलेगा,
इस अंधों के शहर में एक दिन
कोई तो आईना सच में तोलेगा।

तब तक…
अब मुझसे कारोबार का हाल न पूछो,
आईने बेचता हूँ मैं अंधों के शहर में…

Address

Rajasthan

Telephone

+919829020438

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when MohitVerse posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share