28/08/2023
जिस यात्रा को बृज मंडल यात्रा का नाम दिया जा रहा है, यह बृज मंडल यात्रा नहीं है। इस यात्रा की सुरुआत 2021 में हुई। बृज मंडल यात्रा 84 कोस की हौती है जो काफी समय से होती आ रही है, जो गाँव बिछौर, नीमका, बोडाका, सोन्द, बन्चारी,, डकोरा, हसनपुर, नोहझील , बाजना, मांट, सुरीर, राया, दाऊजी, मथुरा, टेंटीगाव, कुछ क्षेत्र भरतपुर जिला, डीग, कामां, केदारनाथ, बद्रीनाथ, पसोपा, सतबास, नौनेहरा, गडीबरबारी, बिछौर से होकर जाती है। सभी लोग यात्रा वालों की सेवा करते हैं । इस यात्रा को करने वाले नंगे पैर यात्रा करते हैं और यह यात्रा 8 से 10 दिन में पूरी करते हैं।बृज मंडल यात्रा 16.8.2023 को समाप्त हो चुकी है। ये लोग सोभा यात्रा को बृज मंडल यात्रा बताकर हमारे सभ्य हिन्दू भाईयों की सहानुभूति लेना चाहते हैं, ये भर्म फैलाकर की बृज मंडल यात्रा को रोक दिया है। ये गलत है, ऐसा नहीं होना चाहिए, धर्म के नाम पर किसी की भावना से खिलवाड़ नही होनी चाहिये। धार्मिक यात्रा निकालो, पूजा पाट करो, किसी को कोई एतराज नहीं, लेकिन हथियार लहराना, गलत नारे लगाना, ये सही नहीं है। ये एक दूसरे से नफरत देश और समाज के लिए अच्छा नहीं है। हम सब के लिए नुकसान दायक है। आपसी भाईचारा क़ायम रखना हम सबकी जिम्मेदारी है, इसको बना कर रखना होगा। एक दूसरे का सम्मान ही हम सबकी जिम्मेदारी है। हम सबको शान्ति व्यवस्था बनाकर रखनी है। कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाना जिससे आपसी भाईचारा खराब हो।