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पती नही तो, ससुराल वाले देंगें पीडित को गुजारा भत्ता - सुप्रीम कोर्ट
25/07/2021

पती नही तो, ससुराल वाले देंगें पीडित को गुजारा भत्ता - सुप्रीम कोर्ट

Amar Colony Delhi
25/07/2021

Amar Colony Delhi

FIR
25/07/2021

FIR

Sec 354
25/07/2021

Sec 354

Driving Licence
25/07/2021

Driving Licence

RTI
25/07/2021

RTI

74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्पूर्ण देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं ।जय हिन्द 🇮🇳🇮🇳🇮🇳
15/08/2020

74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्पूर्ण देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं ।
जय हिन्द 🇮🇳🇮🇳🇮🇳

12/07/2020

***महिलाओं को पता होने चाहिए यह 10 अधिकार****
1. समान वेतन का अधिकार-
समान पारिश्रमिक अधिनियम के अनुसार, अगर बात वेतन या मजदूरी की हो तो लिंग के आधार पर किसी के साथ भी भेदभाव नहीं किया जा सकता.
2. काम पर हुए उत्पीड़न के खिलाफ अधिकार-
काम पर हुए यौन उत्पीड़न अधिनियम के अनुसार आपको यौन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत दर्ज करने का पूरा अधिकार है.
3. नाम न छापने का अधिकार-
यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को नाम न छापने देने का अधिकार है. अपनी गोपनीयता की रक्षा करने के लिए यौन उत्पीड़न की शिकार हुई महिला अकेले अपना बयान किसी महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में या फिर जिलाधिकारी के सामने दर्ज करा सकती है.
4. घरेलू हिंसा के खिलाफ अधिकार-
ये अधिनियम मुख्य रूप से पति, पुरुष लिव इन पार्टनर या रिश्तेदारों द्वारा एक पत्नी, एक महिला लिव इन पार्टनर या फिर घर में रह रही किसी भी महिला जैसे मां या बहन पर की गई घरेलू हिंसा से सुरक्षा करने के लिए बनाया गया है. आप या आपकी ओर से कोई भी शिकायत दर्ज करा सकता है.
5. मातृत्व संबंधी लाभ के लिए अधिकार- मातृत्व लाभ कामकाजी महिलाओं के लिए सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि ये उनका अधिकार है. मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत एक नई मां के प्रसव के बाद 12 सप्ताह(तीन महीने) तक महिला के वेतन में कोई कटौती नहीं की जाती और वो फिर से काम शुरू कर सकती हैं.
6. कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अधिकार- भारत के हर नागरिक का ये कर्तव्य है कि वो एक महिला को उसके मूल अधिकार- 'जीने के अधिकार' का अनुभव करने दें. गर्भाधान और प्रसव से पूर्व पहचान करने की तकनीक(लिंग चयन पर रोक) अधिनियम (PCPNDT) कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अधिकार देता है.
7. मुफ्त कानूनी मदद के लिए अधिकार- बलात्कार की शिकार हुई किसी भी महिला को मुफ्त कानूनी मदद पाने का पूरा अधिकार है. स्टेशन हाउस आफिसर(SHO) के लिए ये ज़रूरी है कि वो विधिक सेवा प्राधिकरण(Legal Services Authority) को वकील की व्यवस्था करने के लिए सूचित करे.
8. रात में गिरफ्तार न होने का अधिकार-
एक महिला को सूरज डूबने के बाद और सूरज उगने से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता, किसी खास मामले में एक प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही ये संभव है.
9. गरिमा और शालीनता के लिए अधिकार- किसी मामले में अगर आरोपी एक महिला है तो, उसपर की जाने वाली कोई भी चिकित्सा जांच प्रक्रिया किसी महिला द्वारा या किसी दूसरी महिला की उपस्थिति में ही की जानी चाहिए.
10. संपत्ति पर अधिकार-
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत नए नियमों के आधार पर पुश्तैनी संपत्ति पर महिला और पुरुष दोनों का बराबर हक है.

03/04/2020

5 अप्रैल रात 9 बजे 9 मिनट घर की सारी लाईट बन्द करके दिया, मोमबत्ती, टार्च या मोबाइल की फ्लेश लाइट जलाकर इस लड़ाई में अपनी एकता का परिचय दे

पैसा ना होने पर गरीबों का इलाज करने से मना नही कर सकते निजी अस्पताल सुप्रीम कोर्ट का है आदेश
07/11/2019

पैसा ना होने पर गरीबों का इलाज करने से मना नही कर सकते निजी अस्पताल सुप्रीम कोर्ट का है आदेश

If someone is poor and needs immediate treatment then private hospitals can not refuse treatment. The Supreme Court has such an order that the court had already heard it earlier.

पाँच लाख तक की आय सीमा वाले सुप्रिम कोर्ट मे अपने केस की पैरवी  के लिए वकिल की मुफ्त सेवा ले सकेंगे
10/10/2019

पाँच लाख तक की आय सीमा वाले सुप्रिम कोर्ट मे अपने केस की पैरवी के लिए वकिल की मुफ्त सेवा ले सकेंगे

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