Advocate Kirti Vijayvargiya

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We offer expertise and legal advice on all sorts of civil and criminal matters including matrimonial matters, industrial disputes, cheque bouncing matters, accident claims, employment disputes, insolvencies and cyber laws. We provide a comprehensive range of legal services in the areas of Civil, Criminal, Constitutional, & corporate matters & provide effective solutions to the clients by represent

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समस्त देशवासियों को राष्ट्रीय गौरव के महापर्व स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ  जय हिंद🇮🇳जय भारत🇮🇳 #स्वतंत्रता_दिवस...
15/08/2025

समस्त देशवासियों को राष्ट्रीय गौरव के महापर्व स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

जय हिंद🇮🇳
जय भारत🇮🇳

#स्वतंत्रता_दिवस


िंद🇮🇳

अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास हुई विमान दुर्घटना का समाचार अत्यंत दुखद है। हादसे के समय विमान में सवार सभी यात्रियों के सकुशल...
12/06/2025

अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास हुई विमान दुर्घटना का समाचार अत्यंत दुखद है। हादसे के समय विमान में सवार सभी यात्रियों के सकुशल होने की ईश्वर से प्रार्थना करती हूँ
संकट की इस घड़ी में हमारी संवेदनाएं सभी यात्रियों और उनके परिवारों के साथ है
ईश्वर सबको सुरक्षित रखें।

जय हिंद 🇮🇳जय हिंद की सेना 🇮🇳भारत माता की जय 🇮🇳
07/05/2025

जय हिंद 🇮🇳
जय हिंद की सेना 🇮🇳
भारत माता की जय 🇮🇳

धन्यवाद सफायर ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन.. शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में मेरा सम्मान करने हेतु..
04/05/2025

धन्यवाद सफायर ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन.. शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में मेरा सम्मान करने हेतु..

आप सभी को अक्षय तृतीया की अनंत शुभकामनाएं। मानवता को समर्पित यह पावन पर्व हर किसी के लिए सफलता, संपन्नता और प्रसन्नता ले...
30/04/2025

आप सभी को अक्षय तृतीया की अनंत शुभकामनाएं। मानवता को समर्पित यह पावन पर्व हर किसी के लिए सफलता, संपन्नता और प्रसन्नता लेकर आए, जो विकसित भारत के संकल्प को नई शक्ति प्रदान करे।

अदालत संसद के बनाए कानून पर रोक नहीं लगा सकती... वक्फ संशोधन एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकारCentral Government In...
29/04/2025

अदालत संसद के बनाए कानून पर रोक नहीं लगा सकती... वक्फ संशोधन एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकारCentral Government In Supreme Court On Waqf Amendment Act: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया कि यह कानून संयुक्त संसदीय समिति की सिफारिशों पर बनाया गया है, ⁠जो संसद के दोनों सदनों में व्यापक बहस के बाद तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट है.

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन एक्ट को सही ठहराते हुए कहा कि पिछले 100 सालों से वक्फ बाय यूजर को केवल पंजीकरण के आधार पर मान्यता दी जाती है, मौखिक रूप से नहीं. इसलिए, संशोधन निरंतर अभ्यास के अनुरूप है. केंद्र सरकार ने कहा कि सरकारी भूमि को जानबूझकर या गलत तरीके से वक्फ संपत्ति के रूप में चिन्हित करना राजस्व रिकॉर्ड को सही करने के लिए है और सरकारी भूमि को किसी धार्मिक समुदाय की भूमि नहीं माना जा सकता. केंद्र सरकार ने ये भी कहा कि अदालत संसद के बनाए कानून पर रोक नहीं लगा सकती.

आंशिक या पूर्ण रोक का विरोध किया
वक्फ संशोधन एक्ट को सही ठहराते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि अदालत में इसके लंबित रहने के दौरान आंशिक या पूर्ण रोक का विरोध किया. केंद्र ने कहा कि यह कानून में स्थापित स्थिति है कि संवैधानिक न्यायालय किसी वैधानिक प्रावधान पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोक नहीं लगाएंगे और मामले पर अंतिम रूप से निर्णय लेंगे. संवैधानिकता की एक धारणा है, जो संसद द्वारा बनाए गए कानूनों पर लागू होती है. अदालत द्वारा अंतरिम रोक शक्ति संतुलन के सिद्धांत के विरुद्ध है.

याचिकाओं में किसी भी व्यक्तिगत मामले नहीं
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया कि यह कानून संयुक्त संसदीय समिति की सिफारिशों पर बनाया गया है, ⁠जो संसद के दोनों सदनों में व्यापक बहस के बाद तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट है. जबकि सुप्रीम कोर्ट के पास निस्संदेह कानून की संवैधानिकता की जांच करने की शक्ति है. ⁠अंतरिम स्तर पर, कानून के किसी भी प्रावधान के संचालन के खिलाफ निषेधाज्ञा प्रदान करना, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, 3 (बी) (सी) संवैधानिकता की इस धारणा का उल्लंघन होगा, जो राज्य की विभिन्न शाखाओं के बीच शक्ति के नाजुक संतुलन के पहलुओं में से एक है. यह जोर देने योग्य है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनवाई की जा रही याचिकाओं में किसी भी व्यक्तिगत मामले में अन्याय की शिकायत नहीं की गई है, जिसे किसी विशिष्ट मामले में अंतरिम आदेश द्वारा संरक्षित करने की आवश्यकता है ⁠और कोई तथ्य या विशिष्ट विवरण नहीं दिया गया है.

वक्फ की बढ़ी संपत्ति, केंद्र सरकार का दावा
ये कानून निर्वाचित प्रतिनिधियों की इच्छा का प्रतिबिंब है, क्योंकि ये संसद में पास हुआ है इसके लिए विस्तृत विचार विमर्श हुआ यह जानकर हैरत हुई कि 2013 में लाए गए संशोधन के बाद, औकाफ क्षेत्र में 116% की वृद्धि हुई है निजी संपत्तियों और सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण करने के लिए वक्फ प्रावधानों के दुरुपयोग की सूचना मिली है⁠यह जानना वास्तव में चौंकाने वाला है कि वर्ष 2013 में लाए गए संशोधन के बाद, औकाफ क्षेत्र में 116% की वृद्धि हुई है मुगल काल से पहले, स्वतंत्रता-पूर्व युग और स्वतंत्रता-पश्चात युग में, भारत में कुल वक्फों की संख्या 18,29,163.896 एकड़ थी चौंकाने वाली बात यह है कि 2013 के बाद, वक्फ भूमि में 20,92,072.536 एकड़ की वृद्धि हुई है यह लगातार अनुभव रहा है कि प्रत्येक वक्फ और प्रत्येक वक्फ बोर्ड पारदर्शिता से बचने के उद्देश्य से विवरण सार्वजनिक डोमेन में अपलोड नहीं करते हैं और नियामक निरीक्षण से बचते हैंवक्फ परिषद और औकाफ बोर्ड के 22 सदस्यों में अधिकतम दो गैर-मुस्लिम होंगेयह कदम समावेशिता का प्रतिनिधित्व करता है ये वक्फ प्रशासन में हस्तक्षेप नहीं करता हैये कानून संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं करता ⁠ये संशोधन संवैधानिक तौर पर वैध हैवक्फ मुसलमानों की कोई धार्मिक संस्था नहीं बल्कि वैधानिक निकाय हैवक्फ संशोधन कानून के मुताबिक मुतवल्ली का काम धर्म निरपेक्ष होता है न कि धार्मिक⁠ये कानून निर्वाचित जन प्रतिनिधियों की भावनाओं को परिलक्षित करता हैउन्होंने ही बहुमत से इसे पारित किया है इस बिल को पारित करने से पहले संयुक्त संसदीय समिति की 36 बैठकें हुईं और 97 लाख से ज्यादा हितधारकों ने सुझाव और ज्ञापन दिए⁠समिति ने देश के दस बड़े शहरों का दौरा किया और जनता के बीच जाकर उनके विचार जानेऐसे कई उदाहरण हैं जो दिखाएंगे कि कैसे ' वक्फ बाय यूजर ' और 'वक्फ बोर्ड द्वारा किसी भी भूमि को वक्फ के रूप में घोषित करने' से सरकारी संपत्तियों और निजी संपत्तियों के अतिक्रमण का एक सेफ हेवन साबित हुआ हैसंसद द्वारा पारित कानून को संवैधानिक रूप से वैध माना जाता हैविशेष रूप से जब वह संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की सिफारिशों और संसद में व्यापक बहस के बाद बना हो सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया कि वह अभी किसी भी प्रावधान पर अंतरिम रोक न लगाए संशोधन से किसी भी व्यक्ति के वक्फ बनाने के धार्मिक अधिकार में हस्तक्षेप नहीं होता केवल प्रबंधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कानून में बदलाव किया गया है
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना प्रारंभिक हलफनामा दाखिल किया और वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करने की मांग की. केंद्र ने अधिनियम के किसी भी प्रावधान पर रोक लगाने का विरोध करते हुए कहा कि कानून में यह स्थापित स्थिति है कि संवैधानिक न्यायालय किसी वैधानिक प्रावधान पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोक नहीं लगाएंगे और मामले पर अंतिम रूप से निर्णय लेंगे. केंद्र ने कहा कि वक्फ-बाय-यूजर को वैधानिक संरक्षण से वंचित करने से मुस्लिम समुदाय के किसी व्यक्ति को वक्फ बनाने से वंचित नहीं किया गया. हलफनामे में आगे कहा गया है कि, "जानबूझकर, उद्देश्यपूर्ण और जानबूझकर भ्रामक कहानी" बहुत ही शरारती तरीके से बनाई गई है, जिससे यह धारणा बनती है कि जिन वक्फों ('वक्फ-बाय-यूजर' सहित) के पास अपने दावों का समर्थन करने के लिए दस्तावेज नहीं हैं, वे प्रभावित होंगे. यह न केवल असत्य और झूठ है, बल्कि जानबूझकर इस अदालत को गुमराह किया जा रहा है. धारा 3(1)(आर) के प्रावधान के तहत ‘वक्फ-बाय-यूजर' के रूप में संरक्षित होने के लिए संशोधन में या उससे पहले भी किसी ट्रस्ट, डीड या किसी दस्तावेजी सबूत पर जोर नहीं दिया गया है. प्रावधान के तहत संरक्षित होने के लिए एकमात्र अनिवार्य आवश्यकता यह है कि ऐसे ‘वक्फ-बाय-यूजर' को 8 अप्रैल, 2025 तक पंजीकृत होना चाहिए. क्योंकि पिछले 100 वर्षों से वक्फों को नियंत्रित करने वाले कानून के अनुसार पंजीकरण हमेशा अनिवार्य रहा है. केंद्र का कहना है कि जो लोग जानबूझकर ‘वक्फ-बाय-यूजर' को पंजीकृत कराने से बचते हैं, वे प्रावधान के लाभों का दावा नहीं कर सकते हैं.

वक्फ पर केंद्र सरकार का हलफनामा

सॉलिसिटर जनरल द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दिए गए बयान के अनुसार, वक्फ निकायों में अधिकतम केवल दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को ही अनुमति दी जाएगी केंद्र ने किसी भी अंतरिम स्थगन के खिलाफ तर्क दिया कि विधायिका ने कानून बनाया है. उसे ही संवैधानिक माना जाता है. उस कानून से स्थापित व्यवस्था को बदलना अनुचित होगायह प्रक्रिया, चाहे अंतरिम चरण में हो या अंतिम चरण में, अनुमति योग्य नहीं होगी.

याचिकाकर्ताओं द्वारा मांगा गया कोई भी ऐसा आदेश, संसद द्वारा विधिवत पारित संशोधन अधिनियम को अंतरिम स्तर पर स्थगित करने के समान होगा, जो कि एक अनुचित अभ्यास है अंतरिम राहत का कोई आधार नहीं है और इस संबंध में याचिकाकर्ताओं की प्रार्थनाएं अस्वीकार की जानी चाहिएप्रमुख कानूनी मुद्दों को हटाकर, संशोधन अधिनियम यह पुष्टि करता है कि वक्फ संपत्ति की पहचान, वर्गीकरण और विनियमन को कानूनी मानकों और न्यायिक निगरानी के अधीन किया जाना चाहिएवक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की विधायी संरचना यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी व्यक्ति को न्यायालयों तक पहुंच से वंचित न किया जाए, और संपत्ति अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक धर्मार्थ से संबंधित निर्णय निष्पक्षता और वैधता की सीमाओं के भीतर लिए जाएंइन बदलावों के माध्यम से संशोधन अधिनियम न्यायिक जवाबदेही, पारदर्शिता और निष्पक्षता लाता हैयह संशोधन अधिनियम स्पष्ट रूप से ठोस संवैधानिक आधार पर खड़ा है और संविधान के भाग III के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं करता

यह अधिनियम मुस्लिम समुदाय की आवश्यक धार्मिक प्रथाओं का सम्मान करता है और आस्था और उपासना से संबंधित मामलों को अछूता छोड़ता है, जबकि संविधान द्वारा अनुमोदित वक्फ प्रबंधन के धर्मनिरपेक्ष और प्रशासनिक पहलुओं को वैध रूप से विनियमित करता हैसंशोधन यह पुष्टि करता है कि वक्फ संपत्ति की पहचान और विनियमन कानूनी मानकों के अधीन होना चाहिएसंशोधन यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी व्यक्ति को न्यायालयों तक पहुंच से वंचित न किया जाएसंशोधन यह सुनिश्चित करता है कि संपत्ति अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता से संबंधित निर्णय निष्पक्षता और वैधता की सीमाओं के भीतर होंसंशोधन न्यायिक जवाबदेही लाता है संशोधन ठोस संवैधानिक आधार पर खड़ा है

संशोधन अधिनियम आस्था और उपासना के मामलों को अछूता छोड़ता हैसंशोधन मुस्लिमों की आवश्यक धार्मिक प्रथाओं का सम्मान करता हैयह अधिनियम केवल वक्फ के धर्मनिरपेक्ष और प्रशासनिक पहलुओं को वैध रूप से विनियमित करता है'यूज़र द्वारा वक्फ' के पंजीकरण के लिए जो अनिवार्य प्रणाली है, वह पहले से ही मौजूद थीइसके बावजूद, निजी और सरकारी भूमि को वक्फ और ‘यूज़र द्वारा वक्फ' के रूप में दावा किया गया

सरकार ने कहा कि सन् 1923 से लगभग एक सदी से सभी प्रकार के वक्फ, जिनमें 'यूज़र द्वारा वक्फ' भी शामिल है, के लिए पंजीकरण अनिवार्य था, फिर भी व्यक्ति या संगठन निजी भूमि और सरकारी भूमि को वक्फ घोषित करते रहे, जिसमें 'यूज़र द्वारा वक्फ' भी शामिल था. इससे न केवल नागरिकों के मूल्यवान संपत्ति अधिकारों का हनन हुआ बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों पर भी अनुचित दावे किए गए. केंद्र ने कहा कि कई वक्फ संपत्तियां अन्य समुदायों के लोगों के अधिकारों और उनके दावों से संबंधित हैं. पिछली वक्फ व्यवस्था संपत्ति हड़पने और अवैध कब्जा करने वालों के लिए जन्नत थीं, लेकिन अब ऐसी संपत्तियों का विनियमन सार्वजनिक व्यवस्था का विषय भी हो सकता है.

वक्फ पर केंद्र सरकार
वक़्फ बाय यूजर सरकारी और निजी संपत्तियों को हड़पने के लिए सुरक्षित स्वर्ग था2016 से अब तक वक्फ की संपदा में 116 गुना वृद्धि हुई है ⁠पिछले सौ सालों से वक्फ बाई यूजर मौखिक नहीं बल्कि रजिस्ट्रेशन के जरिए हो होता रहा हैवक्फ बोर्ड मुस्लिम धार्मिक संस्था नहींसंशोधन कानून संविधान के अनुरूपसंविधान के अनुच्छेद में वर्णित मौलिक अधिकारों के खिलाफ नहीं. ना ही इससे किसी के अधिकार का हनन है अदालत संसद के बनाए कानून पर रोक नहीं लगा सकती

कब तक सहेगा देश कायरों की कायराना हरकत,  देखते ही गोली मार दो 😡
23/04/2025

कब तक सहेगा देश कायरों की कायराना हरकत, देखते ही गोली मार दो 😡

सामाजिक न्याय के प्रणेता, महान समाज सुधारक एवं संविधान के शिल्पकार भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती प...
14/04/2025

सामाजिक न्याय के प्रणेता, महान समाज सुधारक एवं संविधान के शिल्पकार भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर सादर नमन🙏


#डॉ_भीमराव_रामजी_अम्बेडकर

जै जै जै हनुमान गोसाईं।कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।श्री हनुमान जी महाराज के प्राकट्योत्सव (हनुमान जयंती) की सभी देशवासियों...
12/04/2025

जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।

श्री हनुमान जी महाराज के प्राकट्योत्सव (हनुमान जयंती) की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ...

भगवान बजरंगबली की कृपा से सभी के जीवन में बल, बुद्धि, भक्ति और विजय का संचार हो।

#हनुमान_जयंती

मानवता को शर्मसार करने और चुल्लूभर पानी में डूब मरने के लिए ये एक चित्र पर्याप्त है. शुक्र है सर्वोच्च न्यायालय का कि उन...
05/04/2025

मानवता को शर्मसार करने और चुल्लूभर पानी में डूब मरने के लिए ये एक चित्र पर्याप्त है. शुक्र है सर्वोच्च न्यायालय का कि उन्होंने तेलंगाना सरकार की इस घिनौनी और क्रूर हरकत पर रोक लगा दी है, लेकिन पाँच दिनों में सौ एकड़ जंगल, विकास के नाम पर वहशी मानव ने साफ़ कर दिया है 😡

देर कर दी मेहरबाँ आते आते

मेरे जन्मदिन के अवसर पर प्राप्त स्नेहिल संदेश, आशीर्वाद रूपी शुभकामनाओं एवं स्नेह के लिए आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त क...
31/03/2025

मेरे जन्मदिन के अवसर पर प्राप्त स्नेहिल संदेश, आशीर्वाद रूपी शुभकामनाओं एवं स्नेह के लिए आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ,
आप सभी का मेरे प्रति यह अपार प्रेम और सहयोग सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करता है। मेरे जन्मदिन को अविस्मरणीय बनाने के लिए आप सभी का पुनः धन्यवाद 🙏

“नववर्षे नवानन्दः नवलक्ष्मीर्नवोत्कटिः।नवमङ्गलसंपन्नं नवं वर्षं तु ते भवेत्॥”अर्थ:नववर्ष आप सब के लिए नया नव आनंद, समृद्...
30/03/2025

“नववर्षे नवानन्दः नवलक्ष्मीर्नवोत्कटिः।
नवमङ्गलसंपन्नं नवं वर्षं तु ते भवेत्॥”

अर्थ:
नववर्ष आप सब के लिए नया नव आनंद, समृद्धि, नव प्रेरणा और नए मंगल से परिपूर्ण हो। यह वर्ष आपके और आपके प्रिय जनों के जीवन में नई सफलताएँ और सुख-शांति लेकर आए।

चत्र नवरात्र की शुभकामनाएँ

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Mhow
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