Ashutosh Snehsagar Mishra

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Ashutosh Snehsagar Mishra यतो धर्मस्ततो जयः 🚩 धर्म हिंसा तथैव च 🚩

ब्रह्म क्षत्रिय 🚩 प्रखर राष्ट्रवाद की भावना को प्रज्ज्वलित कर भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने को कृत संकल्पित ।

02/10/2026

कुतर्क की कुत्तागिरी की कोई हद नहीं

दयानंद पांडेय

वह कौन कृतघ्न और घृणित लोग हैं जिन्हों ने स्मित मच्छार के साहस और शौर्य को सैल्यूट नहीं किया l सैल्यूट ? अरे इस घटना की नोटिस तक नहीं ली l सिर्फ़ इस लिए कि हमलावर को-पायलट मुस्लिम जेहादी था l किसी मुस्लिम संगठन , ओवैसी आदि तो छोड़िए, कांग्रेस , सपा जैसी सभी सेक्यूलर सूरमा पार्टियां भी इस बाबत कब्रिस्तान जैसी ख़ामोशी अख़्तियार किए बैठी हैं l

ऐसे जैसे कुछ घटा ही न हो l और तो और कुछ श्वान तो स्मित मच्छार की मजम्मत में भी उपस्थित हो गए हैं l पूछ रहे हैं कि नेतन्याहू को कैसे यह सब पता चल गया ? और तो और मोदी ने बिना सोचे समझे कैसे नेतन्याहू को आँख बंद कर फालो कर लिया ? अजब-ग़ज़ब सवाल हैं इन श्वानों के l

स्मित मच्छार का दोष सिर्फ़ इतना है कि एक तो वह हिंदू है , तिस पर ब्राह्मण l गुजराती भी l हनुमान चालीसा पढ़ने की बात बताई है उस कठिन घड़ी में , स्मित मच्छार ने l हनुमान चालीसा की ताक़त का बखान किया है स्मित ने l भगवत गीता की बात की l यह सब कहां बर्दाश्त होगा इन अभागों को l फिर ओमान के उस जेहादी को-पायलट के प्लान को क्यों नाकाम कर दिया l कुतर्क की कुत्तागिरी की कोई हद नहीं है l स्मित मच्छार ने अपनी जान पर खेल कर कैसे इतने सारे लोगों को बचा लिया , सारे भौंकते हुए सवाल इसी पर है l या फिर ख़ामोशी !

अल्ला हो अकबर ! का नारा उस ओमान के जेहादी को-पायलट ने ही नहीं , यह सारे कृतघ्न और घृणित लोग भी लगा रहे हैं l बस शब्द बदल गए हैं l भाव और जेहाद वही हैं l

नाथूराम गोडसे का नाम हर कोई लेता है लेकिन जिस कार और हथियार को उपयोग हुआ था वो जौनपुर के शासक महाराजा यादवेंद्र दत्त दुब...
02/10/2026

नाथूराम गोडसे का नाम हर कोई लेता है लेकिन जिस कार और हथियार को उपयोग हुआ था वो जौनपुर के शासक महाराजा यादवेंद्र दत्त दुबे जी की थी।

अपने जमाने की मशहूर कार कंपनी स्टडबेकर ने जौनपुर के महाराजा यादवेंद्र दत्त दुबे जी के कहने पर एक कार बनाया था। USF 73 वाली ये कार 1930 में भारत आई थी। इस कार पर एक आरोप है कि जौनपुर के महाराजा ने नाथूराम गोडसे को गांधी जी को मारने के लिए ये कार दी थी। जिसके बाद ये कार दिल्ली के मलखाने में 1976 तक रही बाद में इसे कोलकाता के एक व्यापारी ने खरीद लिया। बाद में कई लोगों ने इसे खरीदा और बेचा अभी ये दिल्ली में है।
2000 से ही ये कार दिल्ली में है और विंटेज कार रैली में पुरस्कार जीतती आ रही है।
कार के आगे बोल्ड अक्षरों में किलर' लिखा हुआ है।

राम मंदिर आंदोलन में गिरफ्तारी देने वाले ये एक मात्र राज घराने के थे राम मंदिर में आगे क्या होगा इनके राजमहल में ही निर्णय लिया जाता था।

जौनपुर राजवंश की रियासत लगभग पूरे पूर्वांचल में फैली हुई थी। जिसमें की जौनपुर, आजमगढ़, बनारस, गाजीपुर, गोरखपुर, मिर्जापुर के सभी क्षेत्र शामिल थे।
#जौनपुर
#रियासत
#कार
#इतिहास

तुकाराम ओंबले ने अगर कसाब को जिंदा नही पकड़ा होता तो क्या हम ये कह पाते कि कसाब पाकिस्तानी हैं या ये हिंदू आतंकवाद नही ह...
02/10/2026

तुकाराम ओंबले ने अगर कसाब को जिंदा नही पकड़ा होता तो क्या हम ये कह पाते कि कसाब पाकिस्तानी हैं या ये हिंदू आतंकवाद नही है...

और स्मित मच्चर ने अगर ये हवाई जहाज क्रेश होने से नही बचाया होता तो क्या ये साबित हो पाता कि इसे किसी भारतीय ने नही किया है...

अगर ये प्लेन क्रेश हो जाता हो जाता तो यकीं मानिए ये हेडलाइन होती कि गाजा पर हमले से दुखी भारतीय ने प्लेन क्रेश कराया या फिर ओमानी पायलट ने बहुत कोशिश की पर भारतीय पायलट ने विमान क्रेश करा दिया...

आज क्या हो रहा होता,चूंकि भारत को सेल्फ डिफेंस में ही आनंद आता है,उसे नैरेटिव वार इस जन्म में सिखना नही है ,वो कैसे इस सिचुएशन को हैंडल कर रहा होता,सोचिए जरा...

जो चीजें ,जैसी दिख रही हैं वो वैसी हैं ही नही...वो हमारी आपकी सोच से बहुत आगे जा चुकी हैं...

मिस्टर गाँधी को सही अर्थो में केवल दो लोग ही समझ पाए एक व्यक्ति साउथ अफ्रीका में ट्रेन में मिला था जिसका आतिथ्य भी आप सब...
02/10/2026

मिस्टर गाँधी को सही अर्थो में केवल दो लोग ही समझ पाए एक व्यक्ति साउथ अफ्रीका में ट्रेन में मिला था जिसका आतिथ्य भी आप सबको याद होगा और दूसरे व्यक्ति थे श्रद्धेय नाथूराम गोडसे, गोडसे जी का योगदान उनका आतिथ्य भाव तो युगों युगो तक अजर अमर रहेगा ।

Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu’s former spokesperson David Keyes has reacted to the recent incident involving...
02/10/2026

Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu’s former spokesperson David Keyes has reacted to the recent incident involving a Flydubai flight travelling from the UAE to Israel.

In a post on X, Keyes praised the courage shown during the mid-air emergency and wrote, “I’m telling you, Indians and Jews together will save the world.”...🇮🇳🇮🇱🫡

02/10/2026

स्मित ने विमान उड़ाया
खालिद ने विमान उड़ाया

इसमें अलंकार बताइये? 🤔

 #बेंजामिन_नेतन्याहू के भाषण का अंश #इज़राइल_की_पुकार75 साल पहले हमें मरने के  लिए यहां लाया गया था। हमारे पास ना कोई दे...
02/10/2026

#बेंजामिन_नेतन्याहू के भाषण का अंश

#इज़राइल_की_पुकार

75 साल पहले हमें मरने के लिए यहां लाया गया था। हमारे पास ना कोई देश था, ना कोई सेना थी। सात देशों ने हमारे विरुद्ध जंग छेड़ दी। हम सिर्फ 65,000 थे। हमें बचाने के लिए कोई नहीं था। हम पर हमले होते रहे, होते रहे।

लेबनान, सीरिया, ईराक़, जॉर्डन, मिस्र, लीबिया, सऊदी अरब जैसे कई देशों ने हमारे ऊपर कोई दया नहीं दिखाई। सभी लोग हमें मारना चाहते थे किंतु हम बच गये।

संयुक्त राष्ट्र ने हमें धरती दी, वह धरती जो 65 प्रतिशत रेगिस्तान थी। हमने उसको भी अपने खून से सींचा। हमने उसे ही अपना देश माना क्योंकि हमारे लिए वही सब कुछ था।

हम कुछ नहीं भूले, हम फिरऔन से बच गए। हम यूनान से बच गए। हम रोमन से बच गए। हम स्पेन से बच गए। हम हिटलर से बच गए। हम अरब देशों से बच गए। हम सद्दाम से बच गए। हम गद्दाफी से बच गए।

ास से भी बचेंगे, िजबुल्ला से भी बचेंगे और ान_से_भी_बचेंगे।

हमारे जेरूसलम पर अब तक 52 बार आक्रमण किया गया, 23 बार घेरा गया, 39 बार तोड़ा गया, तीन बार बर्बाद किया गया, 44 बार कब्जा किया गया लेकिन हम अपने जेरूसलम को कभी नहीं भूले। वह हमारे हृदय में है, वह हमारे मस्तिष्क में है और जब तक हम रहेंगे, जेरूसलम हमारी आत्मा में रहेगा।

संसार ये याद रखें कि जिन्होंने हमें बर्बाद करना चाहा वह आज स्वयं नहीं है। मिस्र, लेबनान, बेबीलोन, यूनान, सिकंदर, रोमन सब खत्म हो गए हैं।

हम फिर भी बचे रहे।

हमें वे (इस्लामी) खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने हमारे रस्म रिवाज को कब्जाया। उन्होंने हमारे उपदेशों को कब्जाया। उन्होंने हमारी परंपरा को कब्जाया। उन्होंने हमारे पैगंबर को कब्जाया। कुछ समय पश्चात अब्राहम इब्राहिम कर दिए गए, सोलोमन सुलेमान हो गए, डेविड दाऊद बना दिए गए, मोजेज मूसा कर दिए गए...

मक्का के काबा में हम 2 लाख थे, मार दिए गए। हमें दुश्मन बता कर कत्ल किया गया, फिर सीरिया में, ओमान में यही हुआ। हम तीन लाख थे, मार दिए गए। ईराक़ में हम 2 लाख थे, तुर्की में चार लाख, हमें मारा जाता रहा, मारा जाता रहा। वे हमें मार रहे हैं, मारते जा रहे हैं। हमारे शहर, धन, दौलत, घर, पशु, मान-सम्मान सब कुछ कब्जाए जाते रहे फिर भी हम बचे रहे।

1300 सालों में करोड़ों यहूदियों को मारा गया फिर भी हम बचे रहे।

75 साल पहले वे हम पर थूकते थे, जलील करते थे, मारते थे। हमारी नियति यही थी किंतु हम स्वयं पर, अपने नेतृत्व पर, अपने विश्वास पर टिके रहे रहे।

आज हमारे पास एक अपना देश है। एक स्वयं की सेना है, एक छोटी अर्थव्यवस्था है। #इंटेल, #माइक्रोसॉफ्ट, #आईबीएम, #फेसबुक, जैसी कई संस्थायें हमने इस दौर में बनाईं। आज हमारे चिकित्सक दवा बन रहे हैं, लेखक किताबें लिख रहे हैं, ये सबके लिए हैं , यह मानवता के कल्याण के लिए है।

हमने #रेगिस्तान_को_हरियाली में बदला। हमारे फल, दवाएं, उपकरण, उपग्रह सभी के लिए है।

िसी_के_दुश्मन_नहीं है, हमने #किसी_को #खत्म करने की कसमें नहीं खाईं। हमें किसी को #बर्बाद भी नहीं करना, हम #साजिशें भी नहीं करते।

हम जीना चाहते हैं, सिर्फ सम्मान से, अपने देश में, अपनी जमीन पर, अपने घर में।

पिछले हजार सालों से हमें मिटाया गया, खदेड़ा गया, कब्जाया जाता रहा, हम मिटे नहीं, हारे नहीं और न आगे कभी हारेंगे। हम जीतेंगे, हम जीत कर रहेंगे, हम 3000 सालों से यरुशलम में ही थे। आज हम अपने पहले देश इजराइल में हैं। यह हमारा ही था, हमारा ही है और हमारा ही रहेगा, येरूसलम हमसे है और हम येरूसलम से हैं।

क्या यहूदियों जैसी जिजीविषा हम हिंदुओं में भी नही पनपनी चाहिए ??
#काबुल, #कंधार, #पेशावर #लाहौर, #ढाका, #चटगांव अपनी संतानों की प्रतीक्षा में है।

शौर्य पर गौरव का दिन हमलावर को आप कितना भी गुप्त रखो । लेकिन 170 पैसेंजर की बलि चढ़ने वाली थी । जो स्मित मच्छार की बहादु...
02/10/2026

शौर्य पर गौरव का दिन

हमलावर को आप कितना भी गुप्त रखो । लेकिन 170 पैसेंजर की बलि चढ़ने वाली थी । जो स्मित मच्छार की बहादुरी से टल गयी ।

ये ओसामा जैसी घटना नहीं थी, न ये हाइजैकिंग थी । ये तो सरफिरे पायलट की ही हरकत थी । यानि रक्षक ही भक्षक ।

सोचिये पायलट हो या ड्राइवर पैसेंजर को सुरक्षित पहुँचाना उसकी नैतिक ज़िम्मेदारी है । इतिहास गवाह है कि कितने पायलट पैसेंजर्स को बचाने में क़ुर्बान हो गये ।

वहाँ एक पायलट आपके जहाज को गिराने पर आमादा है । सोचिये ऐसेसमय दूसरा पायलट घायल हो कर भी गिरते प्लेन को रोक ले और सुरक्षित लैंडिंग करा दे । ऐसे स्मित मच्छार को सौ सौ सलाम । उसने भारत का नाम तो ऊँचा किया ही साथ ही पायलट पर भरोसे की मिसाल भी बना

बाकी अभी कुछ भी कहना उचित नहीं होगा । समय आने पर सब सामने होगा ।
शेष इसे पायलट का आपसी झगड़ा कहना हास्यास्पद है । अपनी जान दे कर जहाज नीचे गिराने में चरमपंथ की बू आ रही । फिदायीन का शक गहरा रहा ।

ख़ैर पुनः पुनः स्मित मच्छार जि़दाबाद । वे शीघ्र स्वस्थ हों । 🌹🙏🌹

02/10/2026

फ्लाई दुबई विमान का ओमानी को- पायलट बहुत ही पढाकू और पांचों वक्त का नमाजी था । बहुत ही धार्मिक प्रवृत्ति का था और धार्मिक नियमों का बहुत पाबंद था । अन्य महिलाओं को तो छोडिए अपमे महिला सहकर्मियों तक से हाथ भी नहीं मिलाता था । वह सेब केला आदि फल खाता था इसलिए जेब में एक छोटा सा चाकू रखता।
वह घर में प्यार से बकरी भी पालता था ।

02/10/2026

स्वघोषित महा मानव मोदी कह रहा था कि एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में कम्यूटर !

पायलट स्मित मच्छार का शौर्य: अंडेकरवादियों पर ऊपर वाले की लाठी पड़ी है आवाज़ नहीं आई लेकिन दर्द बहुत गहरा हुआ !

ये ब्राह्मणों को चुनमंगा भिगमंगा पोंगा बताकर यूरेशिया भेज रहे थे उसी ब्राह्मण ने अपने बाहुबल से पूरी दुनिया में हिंदू शौर्य का परचम लहरा दिया !

- दिलीप पाण्डेय

जाति ना देखो वीर की । भारत की कोई ऐसी जाति नहीं है जिसमें वीर ना पैदा हुए हों । राजपूत, जाट, मराठा, गोरखा, सिख, पासी,वाल्मीकि, गुर्जर, भील, कायस्थ... भारत के बेटों में वीरता कूट कूट कर भरी है । ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं जब भारत पाकिस्तान के युद्धों में हमारी सेना के जवान गोलियां, ग्रेनेड और बम खाकर भी दुश्मन की कई-कई चौकियों को उड़ा कर वीरगति को प्राप्त होते रहे हैं । यहां तो सिर कटने के बाद धड़ भी लड़ता है । ये तो राणा सांगा का देश है... 80 घाव लगे हैं तन में फिर भी व्यथा नहीं है मन में ।

पिछले 48 घंटों से पूरी दुनिया के अंदर स्मित मच्छार की ही चर्चा हो रही है । दुनिया के हर अखबार की पहली हेडलाइंस है । ट्रंप, नेतन्याहू जैसे वर्ल्ड लीडर्स की जुबान और जेहन में स्मित मच्छार का नाम प्रकाशित हो रहा है । हिंदू शौर्य का गुणगान दुनिया कर रही है लेकिन ऐसे में जातिवादी अंडेकरवादियों को ना जाने क्या सूझी वो ग्रोक AI से ये पूछने लगे कि स्मित मच्छार की जाति क्या है ? उनको निराशा हाथ लगी क्योंकि स्मित मच्छार तो गुजरात के ब्राह्मण निकले । अब इस जानकारी ने इन अंडेकरवादियों के घावों पर और नमक मिर्च रगड़ दिया ।

जब किसी जाति, वर्ण या वर्ग को बेवजह गालियां दी जाती हैं। उनकी बहन बेटियों से बलात्कार के कॉल खुले मंचों से दिए जाते हैं तो ईश्वर भी ऐसी व्यवस्था करता है कि गालीबाजों के मुंह पर ताले लटक जाते हैं । पिछले 8 महीनों से किसी ब्राह्मण ने किसी दलित बहन बेटी को गाली नहीं दी । गालियों का जवाब गालियों से नहीं दिया लेकिन अंडेकरवादियों के मुंह पर तगड़ा तमाचा कुदरत ने ही जड़ दिया है ।

स्मित मच्छार ब्राह्मण हैं इसलिए नेतन्याहू के ट्वीट करने के बाद बुझे मन से मोदी ने 8 घंटे के बाद ट्वीट किया । ब्राह्मणों की बहन बेटियों को गाली देने वाले सुन लें... हम चुप बैठे हैं इसका मतलब ये नहीं कि कायर हैं... ये ना भूलें कि जो ब्राह्मण राजपुरुषों को गुरु की भांति शिक्षा देता था वही ब्राह्मण समय आने पर शस्त्र उठा लेता था ।

10 मिनट तक स्मित मच्छार कॉकपिट के अंदर जिस अभूतपूर्व परिस्थितियों में लड़े वो अभूतपूर्व शौर्य है । कुल्हाड़ी से वार हो रहे थे और विमान भी संभाल रहे थे । जबकि स्मित मच्छार कोई शस्त्र धारी ब्राह्मण नहीं बल्कि शास्त्र वाले ब्राह्मण हैं ।

अब कुछ बातें नोट करिए---

1- मोदी ने कहा था कि मुसलमानों के एक हाथ में कुरान और दूसरे में कम्पूयटर दिया जाए । ओमान के पायलट ने क्या किया आपने देख लिया ? क्या मोदी को अपने बयान पर कभी शर्म आई ? फेक नैरेटिव खड़ा करने के लिए मोदी को अपने बयान पर शर्मिंदा होना चाहिए ।

2- अगर ये पायलट मुसलमान रहा होता तो अब भारतीय मीडिया चिल्ला रहा होता अब्दुल ने बचाई जान । अब ये कह रहे हैं कि भारतीय ने बचाई जान । दोगलापन देखो । जबकि हमारे देश में करोड़ों ऐसे भारतीय भी मौजूद हैं जिनके दिलों में फिलिस्तीन बस रहा है और यहूदियों से बेइंतहां नफरत है ।

3- अब इस पर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म भी बनेगी जिसमें जान बचाने वाला पायलट अब्दुल, हमला करने वाले को हिंदू दिखाया जाएगा और मोदी चुपचाप बैठा रहेगा ।

और आखिरी बात मेरिट का कोई विकल्प नहीं होता है । हमारे एक परिचित वैद्य शारदा प्रसाद शास्त्री जी हैं बड़े बड़े अस्पतालों के धक्के खाने के बाद जब कोई स्त्री पुरुष उनके पास आता है तो बहुत कम पैसे में ठीक होकर जाता है । पता नहीं कितने लोगों को उन्होंने ऑपरेशन से बचा लिया । बी*पी, थाइ%राइड, शुग^र तक नॉर्मल कर दिया । मैंने अपने सामने ही शुगर वालों को मीठा खाते देखा है । याद रखिए हमेशा... मेरिट और तपस्या का कोई विकल्प नहीं होता है ! करोड़ों रुपए खर्च कर डिग्रियां खरीदी जा सकती हैं लेकिन विद्या तपस्या और सदाचार से अर्जित होती है ।

-साभार ---दिलीप पाण्डेय जी की पोस्ट से
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