Kulsoom Firoz Fb Page

Directions

Kulsoom Firoz Fb Page Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Kulsoom Firoz Fb Page, Legal, G-07 Buldia Tower Surendra Nagar Road, Kamta, Lucknow.
(1)

07/10/2026

आरोपी को Surrender कराने के लिए Innocent Family Member को Illegal Detain नहीं कर सकती Police.

05/10/2026

Child Maintenance केवल Father की Responsibility नहीं | Mother को भी Financial Capacity के अनुसार Contribution करना होगा | Allahabad High Court


04/10/2026

पत्नी का माँ न बन पाना तलाक का आधार नहीं! Madras High Court का बड़ा फैसला

29/09/2026
29/09/2026

बिना Written Grounds के Arrest पर पुलिस अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही #

26/09/2026

FIR से पहले सरकारी कर्मचारी के खिलाफ Sanction जरूरी नहीं! सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला


25/09/2026

“Vande Mataram नहीं गाने पर जेल? SC ने मांगा जवाब”

23/09/2026

इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त! 5 दिन की अवैध हिरासत पर ₹50,000 जुर्माना.

22/09/2026

“मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत Pronouncement of Talaq से विवाह समाप्त हुआ है, तो Ex-Spouse का नाम Passport से हटाने के लिए Divorce Decree या Separation Order जरूरी नहीं—Kerala High Court.”

🚨 सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: बिना लिखित आधार बताए गिरफ्तारी पर सख्त रुख!“बिना लिखित आधार बताए अरेस्ट किया, तो पुलिस अफ...
22/09/2026

🚨 सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: बिना लिखित आधार बताए गिरफ्तारी पर सख्त रुख!
“बिना लिखित आधार बताए अरेस्ट किया, तो पुलिस अफसर की सर्विस बुक में दर्ज होगा काला दाग!” — सुप्रीम कोर्ट का पुलिस की मनमानी पर सख्त रुख।
अक्सर पुलिस किसी व्यक्ति को पकड़कर थाने ले आती है और पूछने पर केवल इतना कहती है—“ऊपर से आदेश है” या “थाने चलो, सब पता चल जाएगा।” लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तारी की स्थिति में संवैधानिक अधिकारों का पालन करना अनिवार्य है।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्देश
1️⃣ Written Grounds of Arrest देना अनिवार्य
संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को उसकी समझ में आने वाली भाषा में गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में बताए जाने चाहिए। केवल मौखिक सूचना पर्याप्त नहीं है।
2️⃣ लिखित आधार न देने पर गिरफ्तारी की वैधता प्रभावित हो सकती है
यदि गिरफ्तारी के आवश्यक लिखित आधार उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, तो ऐसी गिरफ्तारी की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठ सकता है और न्यायालय उचित राहत दे सकता है।
3️⃣ लापरवाही करने वाले पुलिस अधिकारी की जवाबदेही
गिरफ्तारी के दौरान आवश्यक प्रक्रिया का पालन न करने वाले अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच और रिकॉर्ड में प्रतिकूल प्रविष्टि जैसे परिणामों का प्रश्न उठ सकता है।
4️⃣ Re-arrest पर भी सख्त प्रक्रिया
रिहा किए गए व्यक्ति को पुलिस अपनी मर्जी से दोबारा गिरफ्तार नहीं कर सकती। दोबारा गिरफ्तारी के लिए कानूनी आधार और निर्धारित प्रक्रिया का पालन आवश्यक होगा।
📌 केस संदर्भ
Jaskaran Jeet Singh v. State of Punjab
Criminal Appeal No. 4234/2026
⚖️ नागरिक अधिकारों की जानकारी हर व्यक्ति के लिए जरूरी है।
अगर गिरफ्तारी की स्थिति बने, तो व्यक्ति को अपने Grounds of Arrest और अपने संवैधानिक अधिकारों के बारे में जानकारी होनी चाहिए।
📢 इस पोस्ट को शेयर करें ताकि अधिक से अधिक लोग अपने मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें।

Address

G-07 Buldia Tower Surendra Nagar Road, Kamta
Lucknow
226028

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Kulsoom Firoz Fb Page posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category