26/02/2026
प्राइवेसी सुरक्षा के सभी नियम लागू करेगा मेटा व व्हाट्सएप
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद झुका, कहा मानेंगे सारी शर्तें, यूजर्स का डेटा अब सुरक्षित
सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद व्हाट्सएप और उसकी पैरेंट कंपनी मेटा ने अदालत के समक्ष आश्वासन दिया है कि वे भारत में प्राइवेसी सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का पालन करेंगे। कंपनियों ने कहा है कि यूजर्स के डेटा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और नई प्राइवेसी नीति में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि नागरिकों की निजता (Privacy) संविधान के तहत संरक्षित अधिकार है और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को इसका सम्मान करना ही होगा। अदालत ने कंपनियों से पूछा कि क्या यूजर्स को उनके डेटा पर वास्तविक नियंत्रण दिया जा रहा है और क्या डेटा शेयरिंग पूरी तरह पारदर्शी है।
व्हाट्सएप की ओर से पेश वकील ने कहा कि कंपनी भारतीय कानूनों और अदालत के निर्देशों का पालन करेगी। यूजर्स को यह विकल्प दिया जाएगा कि वे अपने डेटा की शेयरिंग को नियंत्रित कर सकें।
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि टेक कंपनियों को यह समझना होगा कि वे भारत में काम कर रही हैं, इसलिए भारतीय कानूनों का पालन अनिवार्य है। अदालत ने संकेत दिया कि यदि शर्तों का उल्लंघन हुआ तो सख्त कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे।
यह मामला मुख्य रूप से डेटा शेयरिंग, यूजर सहमति और प्राइवेसी पॉलिसी में पारदर्शिता से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स की निजी जानकारी का उपयोग सीमित और स्पष्ट सहमति के आधार पर ही करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद मेटा और व्हाट्सएप ने अपने रुख में बदलाव दिखाया है, जिसे डिजिटल प्राइवेसी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।