11/09/2023
साहिब, बस कसूर सिर्फ इतना था, वह बेजुबान आवारा था, बेसहारा था, अच्छी नसल का होता तो 40 लाख की गाड़ी में घूमता, ऊंची कोठी के प्रांगण में मलमल के बिस्तर पर सोता, कुदरत ने ही जब मजाक करते हुए बेजुबान और बेसहारा कर दिया तो इस में पृथ्वी की सब से सर्वश्रेष्ठ मानव जाति का क्या कसूर, ठेका थोड़े ही ले रखा आसपास के सभी बेसहारा प्राणियों के संरक्षण का,
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पोस्टमार्टम द्वारा निर्मला धर्माइक, अध्यक्षा, मानव सेवा कोटखाई,
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दिनांक 5 सितंबर 2023 को सायं के वक्त मानव सेवा कोटखाई के हेल्पलाइन नंबर पर देहली से माननीय सांसद मेनका गांधी की संस्था पीएफए की ओर से सहयोगात्मक रूप में एक सूचना दर्ज होती हैं जिसमे कहा जाता है कि देव भूमि हिमाचल के जिला बिलासपुर के बरमाणा में एक तेज गति का वाहन एक बेसहारा कुत्ते को कुचल देता है, किसी बाहरी राज्य के पर्यटक ने कुत्ते के जिस्म से निकलती रूह की विचलित और भावुक होने वाली वीडियो पीएफए के हेल्पलाइन पर फॉरवर्ड कर दी, वहां से सहयोग के लिए सूचना मानव सेवा कोटखाई के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत कर्ता की पहचान सहित दर्ज हो गई, शिकायत कर्ता की पहचान सार्वजनिक न करने का शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया गया, मानव सेवा कोटखाई ने किसी बेजुबान की जान बचाने के लिए सहयोग के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस कंट्रोल रूम शिमला को लिखित सूचना फॉरवर्ड करते हुए सहयोग मांगा गया, हिमाचल प्रदेश कंट्रोल रूम शिमला ने भी मानव सेवा कोटखाई की शिकायत को शिकायत नंबर 292235 दर्ज करते हुए जिला बिलासपुर के संबंधित थाना बरमाना को सहयोग करने के निर्देश दिए, बरमाणा पुलिस मानव सेवा कोटखाई के कार्यालय से संपर्क साधते हुए, अविलंब सहयोग करते हुए आधी रात को घायल कुत्ते का घटना स्थल पर ही प्राथमिक उपचार कर दिया, जिसके लिए मानव सेवा कोटखाई द्वारा बरमाना पुलिस का आभार, किंतु बरमाणा पुलिस से एक चूक हो गई, उन्होंने उपचार के बाद कुत्ते को घटना स्थल पर ही छोड़ दिया,
2. रात खुलने पर दिनांक 6 सितंबर 2023 को संस्थान ने घायल कुत्ते को घटना स्थल से रेस्क्यू करने हेतु संबंधित क्षेत्र के प्रधान महोदय से फोन कॉल के माध्यम से सहयोग मांगा कि कि घायल कुत्ते को घटना स्थल से हटा कर किसी सुरक्षित स्थान पर रखे, ताकि धूप और बारिश से बच जाए, संबंधित क्षेत्र की प्रधान महोदय एक महिला है, जब संस्थान ने संबंधित क्षेत्र की महिला प्रधान से फोन कॉल के माध्यम से सहयोग मांगा तो उन्होंने केवल एनजीओ का नाम सुनते ही फोन काट दिया,
3. इसके बाद संस्थान ने तुरंत थाना बरमाना से पुनः संपर्क साधा तो आग्रह पर थाना बरमाना ने प्रधान साहिबा के पति का नंबर दिया, किंतु प्रधान महोदय भी कहां फोन उठाने वाले थे, मानव सेवा कोटखाई द्वारा थाना बरमाना से पुनः सहयोग मांगते हुए किसी अन्य पंचायत प्रतिनिधि का फोन नंबर मांगा, थाना बरमाना द्वारा दो नंबर प्रदान किए गए, पहला नंबर उप प्रधान महोदय का था, जिसके प्रोफाइल पिक पर प्रेस ( मीडिया) का लोगो था, साफ था उप प्रधान महोदय एक पत्रकार होने का प्रभाव दिखाते हुए अपना नाम बताने से इंकार करते हुए कहा कि इस संदर्भ में प्रधान से संपर्क करे, और फोन काट दिया, अब बारी संबंधित क्षेत्र के वार्ड मेंबर की थी, उन्होंने भी कहा कि मेने सूचना प्रधान महोदय को दे दी है, मैं कुछ नही कर सकता,
4. अब संस्थान ने दोबारा बरमाना पुलिस से संपर्क साधा, कहा कि अब हमे एसडीएम महोदय का नंबर उपलब्ध करवाए, पुलिस से इसी बीच महिला प्रधान से संपर्क साधा, और तुरंत महिला प्रधान का कॉल आ गया, इसी बीच प्रधान महोदया से संस्थान सारा विवरण सांझा कर ही रहा था कि प्रधान पत्नी के हाथ से पति ने फोन छिनते हुए संस्थान से कहा कि इस नंबर पर दोबारा कॉल नही आना चाहिए जब तक कि मैं कॉल वापिस न करू, साफ था, प्रधान महोदया का पति अपनी पत्नी की शक्तियों का उपयोग कर संस्थान को डरा धमका रहा था, कहा कि हम घटना स्थल पर है, कुत्ता रात को ही बीबी उपचार के बाद कही भाग गया है, जब कुत्ता मिलेगा तो आपको सूचित कर दिया जाएगा,
5. इस के बाद संस्थान ने बरमाना पुलिस को लिखित ऑनलाइन आवेदन किया, कहा कि घटना स्थल की वीडियो ग्राफी के साथ जीडी एंट्री दर्ज करते हुए पुष्टि करे कि घायल कुता घटना स्थल पर है या नही, बरमाणआ पुलिस ने भी तुरंत सहयोग करते हुए घटना स्थल की वीडियो ग्राफी करते हुए सायं के वक्त पुष्टि की, कि घायल कुता अभी सांय के वक्त भी घटना स्थल पर हैं,
6. अब रात खुलने के बाद तीसरे दिन संस्थान ने संबंधित क्षेत्र के उप प्रधान से संपर्क किया, कहा कि अपने घायल कुत्ते को घटना स्थल से रेस्क्यू करने के लिए क्या उपाय किए, उप प्रधान ने फिर कहा कि कुत्ता घटना स्थल पर नही है, किसी कार्य से मैं पूरे दिन घटना स्थल पर था, मुझे घायल कुत्ता कही नजर नही आया, उप प्रधान महोदय ने आगे कहा कि कल रात मेने बरमाना पुलिस से भी बात की हैं उहोंने भी कहा कि कल रात मेरी पुलिस से बात हुई उन्होंने भी कहा कि कुत्ता घटना स्थल पर नही है उपचार के बाद कुत्ता कही भाग गया था,, उप प्रधान महोदय ने हर विषम परिस्थितियों में 24 घंटे, समाज का हर असाधारण कार्य करने वाली संस्था को हल्के में ले लिया, उप प्रधान महोदय को यह पता नही था कि पुलिस ने दोबारा वीडियो ग्राफी के साथ संस्थान के कार्यालय को दोबारा पुष्टि कर ली कि कुत्ता दूसरी रात भी घटना स्थल पर सड़क के किनारे ही है, वीडियो में साफ दिख रहा था कि कुत्ता जिंदगी की अखरी जंग लड़ रहा हैं, साफ था उप प्रधान महोदय, एक पंचायत प्रतिनिधि का कर्तव्य निभाने से पहले पत्रकार होने का ऐसे एहसास दिला रहे थे जेसे किसी कलेक्टर के उच्चतम पद पर हो , जेसे जो उहोंने कह दिया, वह पत्थर की लकीर, मानो पुलिस प्रशासन पत्रकार की कलम के इशारे पर कार्य करती हो,
7. जब बरमाणा में संस्थान को पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग नही मिला तो, संस्थान ने सब से पहले बरमाना के कई एनजीओ प्रतिनिधियों, डॉग प्रेमियों, समाज सेवियों, स्थानियों दुकानदारों से फोन पर संपर्क किया, विशेष कर उन संस्थाओं से जिन्होंने करोना संकट में (पब्लिक दान पर) गरीब सहयोग करने का लगातार ढिंढोरा पिटा था, किंतु कोई भी घायल कुत्ते को घटना स्थल से किसी सुरक्षित जगह पर रखने और उपचार करना तो दूर की बात किसी घायल बेजुबान के मुंह में पानी की दोया बूंद डालने को त्यार नही था,
8. अब संस्थान के लिए एक चुनौती थी, संस्थान चाहता तो उसी वक्त हिमाचल सचिवालय की हेल्पलाइन का उपयोग करता, एक ही रात में घायल कुत्ते को रेस्क्यू करवाता, अब संस्थान दो दिन ओर शांत हो गया, संस्थान बरामाना क्षेत्र के सरकारी तथा गैर सरकारी तंत्र को परखना चाहता था, कि क्या किसी में कोई भावना बची हैं या नही ?
9. पूरे सात दिन में किसी का दिल नही पसीजा, केवल पशु चिकित्सा केंद्र ने केवल एक बार उपचार कर पल्ला झाड़ दिया कि अगर कुत्ते को इंजेक्शन भी लगाना तो कोई हाथ नहीं लगता, सब दूर से तमाशा देखते,हम अकेले कुछ नही कर सकते,
10. इतिहास गवाह हैं, बलिदान क्रांति लाता है, सस्थान भी इसी थ्योरी पर ही कार्य कर रहा था, अगर कुत्ते की जान चली गई तो संस्थान बरमाणा के उन सभी दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा जिस से भविष्य में सुधार हो, पृथ्वी का कोई भी प्राणी तडप तडप कर मरने को मजबूर न हों, सात दिन बीत गए, बरमाणा में मेला था, साहिब मेला था तो घायल कुत्ता मेले के इर्द गिर्द क्षेत्र ) परिसर में तीव्र दुर्गंध का कारण बनता, इस लिए घायल कुत्ते को किसी ने सड़क से बाहर झाड़ी में फेंक दिया, तस्वीर मानव सेवा कोटखाई के हेल्पलाइन में दर्ज हो गई,अब संस्थान ने अविलंब संबंधित क्षेत्र के एसडीएम महोदय से लिखित ऑनलाइन संपर्क किया, एसडीएम कार्यालय तुरंत हरकत में आया, संबंधित पंचायत, संबंधित पशु चिकित्सा केंद्र को घटना स्थल पर सहयोग करने के निर्देश दिए गए, अब एक समस्या और खड़ी हो गई, बरमाना से बेसहारा, बेजुबान ट्रामा सेंटर केवल 15 किलोमीटर दूर है, अगर टैक्सी का उपयोग भी किया जाए तो शायद 500 रुपए ही लगेगे, अब बरमाणा का कोई भी बुद्धिजीवी घायल कुत्ते को केवल 15 किलोमीटर दूर छोड़ने को तैयार नही, अब इस से पहले गंभीर समस्या और पशु चिकित्सा केंद्र की टीम घटना स्थल पर, कुता एक गहरी बड़ी झाड़ी में फेंका गया कि दो चार के बस की तो बात ही नही कि कुत्ते को बाहर खींचा जाए, अब पूरे दिन की कढ़ी मेहनत, जिसमे पशु उपचार कर्मियों का सहयोग भी सब से ऊपर, कुत्ते को झाड़ी से बाहर निकाला गया, फिर खुले आसमान के नीचे है, पर किसी के पास 15 किलोमीटर दूर ट्रामा सेंटर तक छोड़ने का कोई विकल्प नही, जेसे किसी को कारगिल की पहाड़ी पर करनी है, जेसे कभी भी जान जा सकती हैं, जेसे कश्मीर से कन्या कुमारी का लम्बा सफर, जो समय और पेट्रोल खर्च के अभाव में कभी पूरा नहीं किया जा सकता, अगर सफर कही सौ दो सौ किलोमीटर से ज्यादा होता तो पहले संबंधित क्षेत्र के उन निवासियों को हार्ट अटैक आता जो इस घटना के पात्र है, जो इस घटना को रोज अपनी आंखों से देख रहे है,
11. अब मानव सेवा कोटखाई की तरफ से हिमाचल सचिवालय को तिथि, क्रम, के अनुसार पूरे प्रकरण की शिकायत दर्ज की जायेगी और दोषियों पर निलंबन की कार्यवाही की मांग की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई बेसहारा जीव मरते वक्त दो बूंद पानी पीने के लिए न तरसे,
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देव भूमि हिमाचल की जिला शिमला की पूरी तरह आदर्शवादी, पूरी तरह गैर राजनीतिक संस्था मानव सेवा कोटखाई सभी विभागों का सम्मान करती हैं, किंतु
यह कमेंट उन लोगो के लिए हैं जो इस पूरे प्रकरण पर सात दिन से नजरे बंद किए हुुए है, जिन्होंने शर्मसार करने वाली मानवता की सारी हदें पार कर ली,
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हमसे जुड़ने के लिए, व्हाट्सएप हेल्पलाइन 94184 67733 अप अपने क्षेत्र की आपात, अपराध या गरीब से संबंधित कोई भी समस्या बताए, पुलिस प्रशासन के साथ समस्या का समाधान करने के लिए प्रयासरत रह कर जन कार्य को सहयोग दे, अगर अप एक्टिव है, महिला वर्ग से है तो अवश्य संस्थान को ज्वाइन करे,
जय हिंद,
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उत्कृष्ठ प्रतिभा के लिए, हिमाचल सरकार, प्रशासन, हिमाचल विशेषकर हिमाचल सरकार द्वारा दर्जनों बार रिवार्ड दे कर सम्मानित संस्था मानव सेवा कोटखाई,