21/02/2026
व्यवहार न्यायालय परिसर, किशनगंज में दिनांक 14 मार्च 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा । जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज द्वारा विधिक जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार प्रसार किया जा रहा है । साथ ही, समय-समय पर विभिन्न पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की जा रही है ।
इसी क्रम में गुरुवार को सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज, श्री ओम शंकर के द्वारा अधिवक्ता संघ एवं जिला अधिवक्ता संघ तथा अभियोजन पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई । बैठक में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एवं सचिव तथा जिला अधिवक्ता संघ, किशनगंज के सचिव के साथ साथ जिला अभियोजन पदाधिकारी, किशनगंज एवं अन्य अभियोजन पदाधिकारीगण उपस्थित हुए | बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों के निष्पादन के संबंध में चर्चा हुई | जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज के सचिव श्री ओम शंकर ने बैठक में उपस्थित अधिवक्तागण से राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निष्पादन कराने हेतु सुझाव दिया | तथा आज दिनांक-20 फरवरी को जिले के सभी विभागों के साथ बैठक की गई | उक्त बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया की आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रिय लोक अदालत में आपने-अपने विभाग सम्बंधित पक्षकारो की उपस्थिति हेतु नोटिस निर्गत करें साथ ही उक्त लोक अदालत का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार करें | ज्ञात हो की यह राष्ट्रीय लोक अदालत वर्ष 2026 का प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित किया जा रहा है | जिसमें अपराधिक समझौता योग्य अपराध (क्रिमिनल कंपाउंडेबल ऑफेंसेज़ ,प्ली बार्गेनिंग (प्लिया बार्गेनिंग, एनआई एक्ट के तहत धारा 138 के मामले: चेक बाउंस होने से संबंधित मामले, मनी रिकवरी केसेज़, मोटर एक्सीडेंट क्लेम केसेज़, समझौता योग्य ट्रैफिक चालान, श्रम विवाद मामले, सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित विवाद वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर)/ पारिवारिक विवाद, भूमि अधिग्रहण मामले, सेवा मामले, जिसमें पेंशन मामले भी शामिल हैं सरकारी या निजी सेवाओं से संबंधित मामले, जैसे कि सेवा शर्तें, पदोन्नति, और पेंशन ।राजस्व और अन्य सहायक मामले, उच्च न्यायालय, जिला न्यायालय और राज्य/जिला/तालुका प्राधिकरणों के समक्ष लंबित हैं । अन्य सिविल मामले ( किराया, सहज अधिकार, निषेधाज्ञा सूट, विशिष्ट प्रदर्शन सूट आदि): अन्य सिविल मामले, जैसे कि किराया विवाद, सहज अधिकार, निषेधाज्ञा सूट, और विशिष्ट प्रदर्शन सूट आदि शामिल है | पूर्व में इस लोक अदालत हेतु जिले के सभी थानाध्यक्ष एवं जिले के सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी के साथ भी बैठक की गई है |