25/11/2024
पीपुल्स यूनियन फिर सिविल लिबर्टीज,राजस्थान
राजस्थान सरकार ने सांगानेर ओपन कैंप के क्षेत्र में कटौती के मामले में सर्वोच्च न्यायालय में सुहास चकमा बनाम भारत संघ और अन्य मामले, 1082/2020 में दायर अवमानना याचिका में बिना शर्त माफी मांगी
सर्वोच्च न्यायालय ने जयपुर में सांगानेर ओपन कैंप के मामले में रजिस्ट्रार को अपना कमिश्नर नियुक्त किया
पीयूसीएल की अपील है कि मुख्यमंत्री सांगानेर के लिए 300 बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए वैकल्पिक जमीन आवंटित करें और प्रसिद्ध खुली जेल को अछूता रहने दें।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय में सांगानेर में 300 बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए जेडीए द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान सरकार को आवंटित ,सांगानेर ओपन कैंप भूमि आवंटित किए जाने के मामले में आज, 25 नवंबर, 2024 को सुनवाई हुई। इससे पहले 17 मई, 2024 को अदालत ने एक अंतरिम आदेश पारित किया था जिसमें कहा गया था कि "..खुले शिविरों, संस्थानों या जेलों के क्षेत्र में, जहां भी वे कार्य कर रहे हैं, कटौती का कोई प्रयास नहीं किया जाएगा।" इसके बावजूद राजस्थान सरकार ने जेडीए द्वारा एक अस्पताल के लिए स्वास्थ्य विभाग को भूमि आवंटन के मामले को बढ़ाया था, और निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जीओआर को खुली जेल की मौजूदा सेल्स को हटाने के लिए केंद्रीय जेल अधिकारियों के साथ समन्वय करने का भी निर्देश दिया था।
याचिकाकर्ता प्रसून गोस्वामी ने चल रहे सुहास चकमा केस बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य केस, 1082/2020 में अवमानना याचिका दायर की थी, जिसमें यह आदेश पारित किया गया था। आज सुनवाई जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच में हुई. याचिकाकर्ता प्रसून गोस्वामी द्वारा दायर अवमानना याचिका में, राजस्थान सरकार ने माफी मांगी कि यदि कोई निर्णय इस माननीय न्यायालय द्वारा पारित निर्देशों के अनुरूप नहीं है, तो वे बिना शर्त माफी मांगते हैं और आगे वचन देते हैं कि वे निर्देशों का पालन करेंगे।
अदालत को दिए गए अपने आश्वासन में सरकार ने यह भी जोर देकर रकहा कि "वह इस माननीय अदालत द्वारा समय-समय पर जारी किए गए ऐसे सभी निर्देशों का पालन करेगा"। (संलग्नक देखें राजस्थान राज्य द्वारा अवमानना याचिका का उत्तर)।
राजस्थान सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले सॉलिसिटर जनरल ने एक नक्शा प्रस्तुत किया, जिसमें ओपन जेल के लिए क्या छोड़ा जाएगा इसका विस्तार दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि खुली जेल के लिए 17,800 वर्ग मीटर से विस्तार करते हुए अतिरिक्त 14,940 वर्ग मीटर जमीन दी जाएगी, जो सैटेलाइट अस्पताल के लिए वर्तमान खुली जेल की जमीन से 2.2 हेक्टेयर जमीन ले लिए जाने के बाद छोड़ी जा रही थी। राजस्थान सरकार ने एक वचन दिया कि जब तक कैदियों के लिए घरों का पूर्ण स्थानांतरण नहीं हो जाता तब तक अस्पताल का कोई निर्माण नहीं किया जाएगा। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि वे तीन सौ बिस्तरों वाले अस्पताल के खिलाफ नहीं हैं लेकिन खुली जेल के मौजूदा क्षेत्र को कम करना कैदियों के हित में नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को अदालत का कमिश्नर नियुक्त किया और कहा कि रजिस्ट्रार सप्ताहांत में आएंगे और जमीनी स्तर पर स्थिति की जांच करेंगे और अपनी रिपोर्ट अदालत को देंगे। सुनवाई की अगली तारीख 16 दिसंबर, 2024 रखी गई है।
पीयूसीएल का मानना है कि खुली जेल की तथाकथित खाली जगहें, जो अस्पताल को दी जा रही थीं, वास्तव में ओपन कैंप जेल के निवासी और बाहरी समुदाय के बीच की साझा भूमि थी । वह ऐसा स्थान थी जहां शिविर के निवासी और बाहरी लोग बच्चों के खेल के मैदानों, स्कूल, आंगनवाड़ी और एक साथ रहने के माध्यम से संवाद करते थे। इन अंतःक्रियाओं के माध्यम से ही कैदी होने का कलंक कम करने और तथा उनके समाज में पुनः एकीकरण का रास्ता विकसित होता है। खुली जेल को केवल आवासिय बैरकों में सीमित करके और सामुदायिक भूमिको छीन लेने से यह जगह शहरी स्लम बना दिया जाएगा। यह आम नागरिक समुदाय और बंदियों के साथ मेल-मिलाप के माध्यम से कैदी के समाज में पुनर्स्थापना और पुनर्वास के लिए सुधार गृह के मूलभूत सिद्धांत के खिलाफ है।
पीयूसीएल चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान सरकार को आवंटित की जा रही खुली भूमि की बहाली के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगा और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त कमिश्नर को अपनी रिपोर्ट देने के लिए तैयार है। पीयूसीएल एक बार फिर मुख्यमंत्री राजस्थान श्री भजनलाल शर्मा से अपील करते हुए कहता है कि वे प्रदेश की सभी जनता के साथ साथ कैदियों के भी मुख्यमंत्री हैं और उनका पुनर्वास भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना आम जनता का।अतः सांगानेर जो कि उनका निर्वाचन क्षेत्र हैं में 300 बेड के अस्पताल के लिए वैकल्पिक जमीन आवंटित की जानी चाहिए तथा खुली जेल की जमीन को अछूता रखा जाना चाहिए।
कविता श्रीवास्तव (राष्ट्रीय अध्यक्ष, पीयूसीएल), 9351562965 भंवर मेघवंशी (पीयूसीएल, राजस्थान, अध्यक्ष), 9571047777