11/03/2023
8 मार्च 2023 स्वर्ण पथ मानसरोवर सब्जी बाजार जयपुर ग्रेटर राजस्थान
5,6,7 मार्च घर पर रही। सुरक्षा का सवाल था। 8 मार्च सब्जी लेने गयी। लगभग सभी ठेले के आगे कार खड़ी। एक ठेले के पास सही जगह दिखी तो फल लेने रूकी। आम भी थे उसके पास। मैं आम टोकरी में डाल रही थी कि एक स्कूटर आके रूका बिल्कुल मेरे पीछे। उसने डीसी से कुछ निकाला और ठेले पर रखा। खनक आवाज आयी।
मैने नजर ऊपर की तो ठेले पर पहले से भी बड़ा धारदार चाकू। ठेले वाला नोट खुला कराने गया था। आया तो मैंने कहा - चाकू ठेले के नीचे रखो या किसी चीज के नीचे छुपाओ। उसने सुना जरूर पर चाकू नीचे नहीं रखा। वो स्कूटर वाले की तरफ देख रहा था जो मेरे पीछे खड़ा था । परमिशन मांग रहा हो , हटा दू क्या? चाकू इस स्कूटर वाले ने रखा था।
मैंने दुबारा दोहराया- चाकू नीचे छिपाकर रख। नहीं माना। मैंने इस बार चिल्लाकर कहा- चाकू हटा ठेले से। तब भी नहीं माना। स्कूटर वाले ने परमिशन नहीं दी उसको। मैंने आम की टोकरी उसके ठेले पर वापस फेकी और उससे कहा - गरीब है कहकर ठेला लगाता है न , काहे का गरीब हुआ, महिला की गर्दन कटेगी तो तुझे पैसे तो बहुत मिलेगे बाद में। तो तु गरीब भी नहीं, रख अपने आम अपने पास, गरीबी का नाटक मत करना आज के बाद मेरे सामने।
चाकू नहीं हटाया तो नहीं हटाया। स्कूटर वाले के चेहरे पर आश्चर्य के भाव थे कि इसको पता है कि इसकी गर्दन कटेगी बाजार में। अपराधियो को फोटो दी जाती है कि गर्दन किसकी कटेगी । उसे घोर आश्चर्य था कि इस महिला को सब पता है। वो मोटा आदमी था। बाल थोडे धुंधराले। नाक चौड़ी और मोटी। ऊंचाई ठीक ठाक थी। उम्र 35-40 के बीच।
ठेले वाला कह सकता था ये चाकू मेरा नहीं, ये आदमी लाया है पर वो नहीं बोला। अपराधी के साथ मिली भगत का मतलब अपराध में शामिल होना ही कहलाता है। सरकार गरीबो के लिए योजनाएँ बहुत बनाती है पता है क्यों? क्योंकि ये अपराध में शामिल होते है । जैसा कहो वैसा करते है। राशन, घर, पैसा सब है इनके लिए योजनाओ में। कभी सुना एम एड, बी एड पास वालो के लिए योजना बनी हो। उनके लिए तो परीक्षा फार्म निकलते है आज ये परीक्षा, कल वो परीक्षा। जीवन भर घर में बेरोजगार सड़ते है हम पढ़े लिखे।
बाजार पर नजर डाली पूरे बाजार में एक औरत नहीं थी। कारे ही कारे । जीक जेक होकर की विजन रूके , किसी को भी ज्यादा दूर तक न दिखे कि हो क्या रहा है बाजार में। फिल्मी सीन था पूरा कि आज कत्ल होगा यहाँ।
देर है अभी , फोटो पर माला नहीं चढ़ाने दूंगी कहा है न मैंने। राजकीय प्राथमिक विद्यालय वरूण पथ मानसरोवर का विकास अभी तक नहीं हुआ, 31 सेक्टर के पार्क से नगर निगम ने अतिक्रमण नहीं हटाया है पूरा पार्क विकसित चाहिए हमें। विकास करो फिर फोटो पर माला चढ़ाने की सोचना।