26/08/2026
दो Boyfriend, एक Pregnancy और संदिग्ध मौत: DNA बताएगा बच्चे का असली पिता कौन?
कानपुर/घाटमपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर क्षेत्र में 25 वर्षीय युवती रेनू सोनकर की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। आम के बाग में युवती का शव मिलने के बाद पोस्टमार्टम में उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। पुलिस जांच में उसके दो पुरुषों के संपर्क में होने की बात सामने आई है और अब DNA जांच बच्चे के जैविक पिता की पहचान में अहम भूमिका निभा सकती है।
आम के बाग में मिला था शव
रिपोर्टों के अनुसार, घाटमपुर के पतारा क्षेत्र में युवती के लापता होने के बाद उसका शव एक आम के बाग में मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में गर्भावस्था की अवधि करीब 5 से 7 महीने बताई गई है, इसलिए इस अवधि को लेकर आधिकारिक अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।
दो पुरुषों से संबंध की बात सामने आई
पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, युवती के दो कथित प्रेम संबंध थे। इनमें एक व्यक्ति की उम्र करीब 50 वर्ष और दूसरे की उम्र करीब 28 वर्ष बताई गई है। युवती की गर्भावस्था के बाद शादी और बच्चे की जिम्मेदारी को लेकर दोनों से बातचीत होने की बात भी सामने आई है।
पुलिस ने युवती के पिता की शिकायत के आधार पर दोनों पुरुषों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। उनकी भूमिका, युवती से संबंध और घटना से पहले हुई बातचीत की भी जांच की जा रही है।
DNA टेस्ट से सामने आएगा बच्चे के पिता का सच
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी DNA जांच मानी जा रही है। पुलिस दोनों आरोपियों के DNA नमूनों की तुलना गर्भ में पल रहे बच्चे के जैविक संबंध से करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि बच्चे का जैविक पिता कौन था।
लेकिन यह समझना भी जरूरी है कि DNA टेस्ट केवल जैविक पितृत्व से जुड़ा सवाल हल कर सकता है; युवती की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है, यह केवल DNA से तय नहीं होगा। मौत की परिस्थितियों, पोस्टमार्टम, बिसरा जांच, कॉल डिटेल, घटनास्थल और अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल करना होगा।
मौत की वजह को लेकर जांच जारी
मौत के कारण को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अंतर दिखाई देता है। कुछ रिपोर्टों में पोस्टमार्टम से मौत का कारण स्पष्ट न होने और बिसरा सुरक्षित रखे जाने की बात कही गई है, जबकि अन्य रिपोर्टों में जहरीला पदार्थ सामने आने का उल्लेख है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष के लिए आधिकारिक जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल—जिम्मेदारी और मौत का सच
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