Advocate High court Jaipur

Advocate High court Jaipur are you facing any legal issues ?? So you are at right place
We are here to help you
We provide you

07/12/2025
 Vijay Singh Shekhawat
01/11/2025

Vijay Singh Shekhawat

राजस्थान हाईकोर्ट ने बहू शशि कुमारी की सैलरी से हर महीने 20 हजार रुपये काटकर ससुर भगवान सिंह को देने का आदेश दिया है◆ को...
31/10/2025

राजस्थान हाईकोर्ट ने बहू शशि कुमारी की सैलरी से हर महीने 20 हजार रुपये काटकर ससुर भगवान सिंह को देने का आदेश दिया है

◆ कोर्ट ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति पूरे परिवार के लिए होती है, इसलिए बहू वादे से पीछे नहीं हट सकती

◆ अब 1 नवंबर 2025 से हर माह राशि ससुर के खाते में जमा की जाएगी, यह व्यवस्था उनके जीवनकाल तक जारी रहेगी

23/06/2025
पत्नी द्वारा पति की शारीरिक कमजोरी पर की गई टिप्पणी तलाक का आधार: हाईकोर्ट का अहम फैसलाओडिशा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक म...
22/06/2025

पत्नी द्वारा पति की शारीरिक कमजोरी पर की गई टिप्पणी तलाक का आधार: हाईकोर्ट का अहम फैसला

ओडिशा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि यदि पत्नी अपने पति की शारीरिक दुर्बलता को लेकर बार-बार अपमानजनक टिप्पणियां करती है, तो यह मानसिक क्रूरता मानी जाएगी और यह तलाक के लिए पर्याप्त आधार हो सकता है।

🔴 मामला क्या था?

इस केस में प्रतिवादी पति शारीरिक रूप से विकलांग थे। दोनों का विवाह जून 2016 में हुआ था। विवाह के बाद पत्नी पति की शारीरिक कमजोरी पर बार-बार अपमानजनक टिप्पणियां करती थी, जिससे पति मानसिक रूप से बहुत आहत हुआ।

कोर्ट ने कहा कि एक पति-पत्नी के रिश्ते में सम्मान और सहयोग की उम्मीद की जाती है। यदि पति शारीरिक रूप से दुर्बल है, तो पत्नी को उसका सहारा बनना चाहिए, न कि उसका अपमान करना चाहिए। यदि पत्नी इस प्रकार की टिप्पणियां कर मानसिक पीड़ा पहुंचाती है, तो यह मानसिक क्रूरता मानी जाएगी।

🏛️ कोर्ट का फैसला:

जस्टिस विष्णु प्रसाद राजू और जस्टिस चिरांजन दास की बेंच ने इस टिप्पणी को गंभीर मानते हुए कहा कि ऐसी बातें वैवाहिक रिश्तों को तोड़ सकती हैं।

पत्नी की अपील को खारिज कर फैमिली कोर्ट का तलाक का फैसला बरकरार रखा गया।

✨ संदेश:

पति-पत्नी के रिश्ते में एक-दूसरे का सम्मान और सहयोग सबसे जरूरी होता है। शारीरिक दुर्बलता या विकलांगता का मजाक बनाना न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि कानून की नजर में भी अपराध के समान माना जा सकता है।

वकील एकता जिंदाबाद
24/09/2024

वकील एकता जिंदाबाद

Address

Jaipur
302001

Telephone

+918003239701

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Advocate High court Jaipur posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share