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21/06/2026

क्या बिना अदालत के पुलिस खुद जज और जल्लाद बन सकती है?
बिहार के भरत भूषण तिवारी का यह वायरल वीडियो हमारे पूरे सिस्टम पर एक बहुत बड़ा सवाल है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि उसने अपनी गन फेंक दी थी, हाथ जोड़कर सरेंडर कर रहा था, और पुलिस के लिए कोई खतरा नहीं था। फिर भी उसे सीधे गोली मार दी गई!
अगर यह फेसबुक लाइव वीडियो नहीं होता, तो क्या पुलिस का यह सच कभी जनता के सामने आ पाता? 🎥
कानून (IPC/BNS) में साफ लिखा है कि पुलिस का काम मुजरिम को पकड़कर अदालत तक ले जाना है। किसी को बिना ट्रायल के सरेआम गोली मार देना एनकाउंटर नहीं, बल्कि 'हिरासत में हत्या' (Custodial Murder) है। इसी वीडियो की ताकत है कि आज 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
कानून की सही जानकारी हर नागरिक तक पहुंचनी चाहिए। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा SHARE करे
Adv Saket Pidiha

14/04/2026

जब समाज किसी को मुजरिम मान चुका हो, तब उसे बेगुनाह साबित करना एक वकील का सबसे बड़ा धर्म होता है। ⚖️
सिहोरा न्यायालय से एक ऐसा फैसला आया है, जिसने न्याय व्यवस्था पर भरोसे को और मजबूत कर दिया है। एक 23 वर्षीय युवक को जमीनी रंजिश के चलते POCSO और बलात्कार के प्रयास जैसे गंभीर और घिनौने आरोपों में फंसाया गया था।
कल्पना कीजिए उस परिवार के दर्द की, जिस पर समाज ने झूठे कलंक लगा दिए हों। बचाव पक्ष के अधिवक्ता के रूप में, यह मेरी जिम्मेदारी थी कि अदालत के सामने अभियोजन की मनगढ़ंत कहानी को तोड़ा जाए। गवाहों के बयानों में भारी विरोधाभास थे, और मजबूत जिरह (Cross-examination) के सामने झूठ टिक नहीं सका। माननीय न्यायालय ने सबूतों की बारीकी से जांच की और आरोपी को सभी आरोपों से दोषमुक्त (Acquitted) कर दिया।
एक वकील के तौर पर मेरी सबसे बड़ी फीस उस परिवार की आँखों में खुशी के आंसू और यह अहसास है कि— इंसाफ हुआ है। सत्यमेव जयते! 🇮🇳

04/04/2026

🚨 पारिवारिक मामलों (Matrimonial Cases) से जुड़ा एक बहुत बड़ा क़ानूनी अपडेट! ⚖️
अगर आपका केस फैमिली कोर्ट में चल रहा है, तो राजस्थान हाईकोर्ट का यह ताज़ा फैसला आपको ज़रूर जानना चाहिए!
📌 हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला:
राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि फैमिली कोर्ट अपने स्तर पर किसी भी केस को दूसरी फैमिली कोर्ट में ट्रांसफर नहीं कर सकती, भले ही वह उसी जिले में क्यों न हो। CPC की धारा 24 के तहत किसी भी केस को ट्रांसफर करने की शक्ति केवल हाईकोर्ट या ज़िला न्यायालय (District Court) के पास होती है।
📢 जनहित में जारी: क़ानून की सही प्रक्रिया जानना हर वादी और अधिवक्ता के लिए ज़रूरी है।
👇 इस वीडियो को अभी SHARE करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह कानूनी जानकारी पहुँच सके।

04/04/2026

🚨 पतियों के लिए बड़ी कानूनी राहत! भरण-पोषण (Maintenance) के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला। ⚖️
अक्सर पारिवारिक विवादों में भरण-पोषण न दे पाने पर पतियों को लंबे समय तक जेल भेज दिया जाता है। लेकिन क्या यह कानूनी रूप से सही है?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में (क्रिमिनल रिवीजन सं. 1508/2026) एक बहुत ही महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है।
📌 मामला: झाँसी पारिवारिक न्यायालय ने एक पति को 22 महीने का मेंटेनेंस न देने पर 22 महीने जेल की सजा सुना दी थी।
📌 हाईकोर्ट का फैसला: हाईकोर्ट ने साफ किया कि Cr.P.C. की धारा 125(3) के अनुसार, डिफ़ॉल्ट होने पर एक बार में अधिकतम 1 महीने की ही जेल हो सकती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इसके बाद वसूली के लिए संपत्ति कुर्क की जानी चाहिए।
📌 नतीजा: हाईकोर्ट ने उस पति को, जो पहले से ही जेल में था, तुरंत बिना किसी बेल बांड के रिहा करने का आदेश दिया।
📢 जनहित में जारी: कानून की सही जानकारी ही आपका बचाव है। इस महत्वपूर्ण फैसले को अपने तक सीमित न रखें!
👇 इस वीडियो को अभी SHARE करें ताकि समाज में कानूनी जागरूकता फैले।
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03/04/2026

FIR दर्ज न हो तो क्या करें? जानें कानूनी उपाय
🚨 क्या पुलिस ने आपकी FIR लिखने से मना कर दिया है? परेशान न हों, कानून आपके साथ है! ⚖️
अक्सर आम नागरिक थाने में FIR दर्ज न होने पर निराश होकर लौट आते हैं। लेकिन नए BNSS, 2023 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के तहत आपके पास ऐसे मजबूत कानूनी अधिकार हैं, जिनकी मदद से आप अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
👉 ये 5 असरदार कानूनी कदम हर नागरिक को पता होने चाहिए:
1️⃣ पुलिस के इनकार करने का रिकॉर्ड या कारण मांगें।
2️⃣ SP/SSP/CP जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजें (BNSS धारा 173(4))।
3️⃣ अपनी शिकायत पंजीकृत डाक (Registered Post) से भेजें और रसीद हमेशा संभाल कर रखें।
4️⃣ अगर फिर भी कार्रवाई न हो, तो सीधे अपने अधिवक्ता के माध्यम से मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन करें (BNSS धारा 175(3))।
5️⃣ स्थिति के अनुसार मानवाधिकार (Human Rights) या सतर्कता आयोग (Vigilance) से संपर्क करें।
📢 जनहित में जारी: कानूनी जानकारी ही आपका सबसे बड़ा हथियार है। इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने तक सीमित न रखें!
👇 इस वीडियो को अभी SHARE करें ताकि आपके दोस्तों, रिश्तेदारों और समाज के अन्य लोगों को भी उनके अधिकारों का पता चल सके।
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