03/03/2026
बहुत बहुत बधाइयाँ। होली की तथा मस्ती की हार्दिक बधाई।
होली वसंतोत्सव के रूप में मनाया जाता है। वसंत आने से उत्साह, उत्फुलता और संपूर्ण खिलावट के फलस्वरूप रसो से भरपूर हो जाती है प्रकृति। मनुष्य में रस और मादकता का प्रभाव परिलक्षित होने लगता है। अंदर में रंगीनी आ जाती है। और इसलिए मनुष्य अपने उल्लास और प्राकृतिक मादकता को बाहर में प्रकट करने के लिए रंगों का सहारा लेता है। और होली रंगोत्सव के रंगीनी में मस्ती की बयार लेकर वसंत की फुहार के रूप में प्रकट होती है। अपने अंदर के उल्लास को प्रकट करने के लिए हम दूसरों को गला लगाते हैं।
अपने अंदर के रस और मस्ती को दूसरों से मिलकर और गले लगाकर प्रकट करता है हम सभी। इसलिए अपने अंदर के उल्लास, रस और आनंद को प्रकट करने का त्यौहार है होली।
आप को और पूरे परिवार को होली की मस्ती की शुभकामनाएं।
रवींद्र नाथ चौबे