28/06/2026
मेरे विचार से.."इसे क्रिकेट की पॉलिटिक्स कह लीजिए... या खेल की सबसे बड़ी कूटनीति।" 🏳️🏳️
हर मैच सिर्फ जीतने के लिए नहीं खेला जाता, कुछ मैच खेल को जीताने के लिए भी खेले जाते हैं।
अगर भारत हर छोटी टीम को हमेशा हराता ही रहे, तो उन देशों में क्रिकेट के प्रति उत्साह, निवेश और विश्वास कैसे बढ़ेगा? जब कोई बड़ी टीम किसी उभरती हुई टीम के देश में जाकर खेलती है, तो उसका हर मुकाबला उस देश के क्रिकेट को नई पहचान देता है। कभी-कभी एक अप्रत्याशित जीत पूरी पीढ़ी को क्रिकेट की ओर प्रेरित कर देती है।
अफगानिस्तान, नेपाल और आयरलैंड जैसी टीमों ने भारत से ही क्रिकेट सीखा है। भारत के साथ उनका खेलना केवल एक सीरीज़ नहीं, बल्कि क्रिकेट के विस्तार का माध्यम भी है।
सोचिए, अगर आयरलैंड जैसी टीम आगे बढ़ती है, तो कल वही टीम दुनिया की बड़ी टीमों को चुनौती देगी। क्रिकेट जितने अधिक देशों में मजबूत होगा, खेल उतना ही समृद्ध होगा।
हमेशा जीत ही सब कुछ नहीं होती। कभी-कभी हार भी नए रिश्ते, नए अवसर और खेल के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती है।
जीतना हमें भी आता है... लेकिन कभी-कभी खेल और रिश्तों को जीताना, खुद जीतने से भी बड़ा होता है।
— आलोक शर्मा 🏳️🏳️एक विचार के रूप में।