02/02/2026
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 125 (3) और 128, उत्तर प्रदेश फैमिली कोर्ट नियम, 2006 के नियम 36 तथा दीवानी प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 60 और आदेश 21 के अंतर्गत भरण-पोषण की वसूली का प्रावधान है।
भरण-पोषण देने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति को अपराधी की तरह नहीं माना जा सकता। केवल भरण-पोषण की राशि न देने पर नियमित रूप से गिरफ्तारी वारंट या गैर-जमानती वारंट जारी करना न केवल अवैध है, बल्कि अमानवीय भी है और यह व्यक्ति की गरिमा तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है।
नियम 36 के अनुसार वेतनभोगी व्यक्ति के मामले में, दीवानी प्रक्रिया संहिता की धारा 60 और आदेश 21 के तहत वेतन की कुर्की का प्रावधान केवल एक अतिरिक्त उपाय है, न कि धारा 125 (3) दण्ड प्रक्रिया संहिता में निर्धारित प्रक्रिया का स्थानापन्न।
दीवानी प्रक्रिया संहिता के प्रावधान केवल उसी स्थिति में लागू होते हैं जब भरण-पोषण का बकायादार वेतनभोगी कर्मचारी हो।
भरण-पोषण की बकाया राशि की वसूली के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाना अनुमन्य नहीं है।