17/01/2026
अधिवक्ता से विवाद में दरोगा व सिपाही को हुई 10-10 साल की सजा व 50 -50 हज़ार रुपये जुर्माना....
अधिवक्ता व उनके साथियों के साथ मारपीट, चोटी काटने, नकदी व मोबाइल लूटने के आरोप में तीन वर्ष पूर्व दायर याचिका पर एंटी डकैती न्यायालय ने गंभीर रुख अपनाया है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नेकपुर कलां निवासी अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार शर्मा ने न्यायालय में दाखिल याचिका में बताया कि उनका एक व्यक्ति से विवाद चल रहा था। इसी सिलसिले में कर्नलगंज चौकी पर तैनात तत्कालीन चौकी इंचार्ज अनिल भदौरिया ने 10 जनवरी 2018 को उन्हें चौकी पर बुलाया।
अधिवक्ता के अनुसार जब वह अपने दो साथियों के साथ चौकी पहुंचे, तो वहां मौजूद तत्कालीन एसएसआई दीपक कुमार, सिपाही सुरेंद्र सिंह एवं नवनीत यादव ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपितों ने उनके साथ मारपीट की और जबरन उनकी चोटी काट दी। इसके अलावा जेब में रखे दो हजार रुपये छीन लिए गए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके मोबाइल फोन तोड़ दिए और सिम कार्ड भी गायब कर दिए।
मामले की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) ने दारोगा अनिल भदौरिया व सिपाही सुरेंद्र सिंह को दोषी करार दिया। न्यायालय के आदेश पर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। दोष सिद्ध दारोगा अनिल भदौरिया पुलिस लाइन जालौन व सिपाही सुरेन्द्र कुमार इटावा में तैनात हैं
#फर्रुखाबाद