Rakesh Bhelloriya

Rakesh Bhelloriya Lawyers Attorneys Advocates & Solicitors
Providing solutions to Individuals, Company, FIRM, NGOs, Govt.

Organizations & Association in their Corporate & Financial Disputes like Intellectual Property, Taxation, Funding, etc type Disputes/Court Matters.

HAPPY NEW YEAR      #2026
31/12/2025

HAPPY NEW YEAR #2026

न्याय मिल गया... ओ बेबी 😀                                                       #बहनों  #जन्मसिद्ध
26/12/2025

न्याय मिल गया... ओ बेबी 😀 #बहनों #जन्मसिद्ध

 ी_आज़ादी,  #ईश्वर_का_तोहफा और  #जन्मसिद्ध  #अधिकार।  #बहनों,  #कल्पना_करो उस  #जीवन को, जहाँ हर सांस में बंधन हो, हर कद...
27/11/2025

ी_आज़ादी, #ईश्वर_का_तोहफा और #जन्मसिद्ध #अधिकार। #बहनों, #कल्पना_करो उस #जीवन को, जहाँ हर सांस में बंधन हो, हर कदम पर रोक हो। घर की चारदीवारी अगर तुम्हें सुरक्षित न लगकर जेल लगे, अगर हर दिन डर, शक और गाली के साथ हो, आपकी स्वतंत्रता छीन ले, आपको दोस्त से बात करने से रोके, सोशल मीडिया चलाने पर भी शक करे, घर में आपको रानी नहीं नौकरानी की तरह ट्रीट करे तो कैसा होगा? क्या यही है वो प्यार, जो पति का नाम लेकर मिला?
जो पति प्यार नहीं, पाबंदी दे। जब पति पत्नी पर हर वक्त शक करे, उसे दोस्तों से मिलने, बाहर जाने, पढ़ने‑लिखने, काम करने या फेसबुक‑इंस्टाग्राम चलाने तक से रोके, तो यह केयर नहीं, आपके ऊपर कंट्रोल है। जो इंसान तुम्हारी आवाज़ दबा दे, तुम्हें हर समय गुनहगार महसूस कराए, तुम्हारी हँसी से जलने लगे, वह पति नहीं, तुम्हारी आज़ादी का जेलर है।
जो इंसान आपको प्यार नहीं करे, इज़्ज़त नहीं करे उससे दूर जाना ही सबसे सही रास्ता होता है। तो वहां रुके रहना, अपने ऊपर अत्याचार है। जो हाथ तुम्हें थामकर चलाने के लिए बने थे, अगर वही हाथ तुम्हें रोकने, धकेलने, अपमानित करने लगें, तो उन हाथों से छूट जाना ही सही है। किसी को छोड़ देना कई बार कायरता नहीं, सबसे बड़ा साहस होता है यह एलान होता है कि मेरी ज़िंदगी मेरी है।
औरत की आज़ादी कोई एहसान नहीं उसका जन्मसिद्ध हक है। अगर कोई पति आज़ादी छीन ले, शक की जंजीरों में बाँध दे, दोस्तों से बात करने, बाहर जाने, यहाँ तक कि मोबाइल सोशल मीडिया चलाने तक से रोक दे, तो याद रखो, वो पति नहीं, तुम्हारी ज़िंदगी का जेलर है।
ईश्वर ने तुम्हें रोने के लिए नहीं, खुश होने के लिए पैदा किया है। जिस घर में तुम्हें रानी की तरह नहीं, नौकरानी की तरह रखा जाए वह घर, घर नहीं, कैदखाना है। याद रखो, तुम्हारी पहली जिम्मेदारी किसी रिश्‍ते से पहले तुम्हारी आत्मा, तुम्हारा सम्मान और तुम्हारी मुस्कान है।
उठो। जागो। अपनी आज़ादी पहचानो। तुम किसी की दया पर नहीं बनी हो, तुम ईश्वर की बेटी हो, और तुम्हें आज़ाद जीने का पूरा हक है। डर से ऊपर उठो, लोग क्या कहेंगे की दीवार तोड़ो, अपने दिल की आवाज़ सुनो। तुम किसी की गुलाम नहीं, खुद अपनी मालिक हो।
खुद को इतना मत गिराओ कि किसी की ज़ुल्म सहना ही तुम्हारा धर्म लगने लगे, तुम्हारा पहला धर्म खुद के अस्तित्व, आत्म‑सम्मान और ईश्वर के दिए जीवन की इज़्ज़त करना है। धर्म और कानून किसी भी तरह के अत्याचार, अपमान और अन्याय को मान्यता नहीं देता। कानून साफ कहता है महिला पति की जागीर नहीं है। ईश्वर और न्यायालय के सामने हर आत्मा बराबर है।
याद रखो, इसी कारण कितनी महिलाओं ने अपनी जान दे दी है। तो आज तुम अपने ही घर में गुलाम बनकर क्यों रहोगी? नहीं। खुद का सम्मान ही ईश्वर का सम्मान है। जो इंसान तुम्हें रानी नहीं, नौकरानी समझे, जो तुम्हारी कदर न करे, उसे छोड़ देना ही सबसे बड़ी हिम्मत और सही फैसला है। तुम आज़ाद पैदा हुई हो और तुम्हें आज़ाद जीने का पूरा हक है।
क्या तुम्हारा घर जेल बन जाए, तो चुप रहोगी? कभी-कभी किसी को छोड़ देना ही, खुद को बचा लेने का सबसे महान फैसला होता है। ऐसे पति और ऐसे घर को छोड़ देना भागना नहीं, अपने दर्द के खिलाफ खड़ा होना है। यह कहना है कि, अब रोते‑रोते नहीं जिऊंगी।
जागो, बहनों। अपनी आजादी चुनो, खुशी चुनो। तुम अकेली नहीं हो, मदद माँगो, दोस्तों से, परिवार से कोई मदद नहीं करे तो मुझे बताओ। एक बेहतर जीवन इंतजार कर रहा है, बस हिम्मत से कदम उठाओ। तुम शक्तिशाली हो, तुम्हारी जिंदगी तुम्हारी है।

22/11/2025
❤️❤️❤️❤️❤️                                         ゚viralシfypシ゚viralシalシ
05/11/2025

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 #न्याय_चाहिए या  #पुलिस_की_मनमानी? अब पुलिस अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल करने लगी है। किसी को भी झूठा केस लगाकर जेल भेज ...
21/09/2025

#न्याय_चाहिए या #पुलिस_की_मनमानी? अब पुलिस अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल करने लगी है। किसी को भी झूठा केस लगाकर जेल भेज देना बहुत आसान हो गया है। कई बार बाद में साबित होता है कि इंसान बेगुनाह था, लेकिन तब तक उसकी ज़िंदगी बर्बाद हो जाती है।
पुलिस को सिर्फ़ जाँच करने का अधिकार होना चाहिए, गिरफ्तारी का नहीं। गिरफ्तारी का हक़ सिर्फ़ अदालत को होना चाहिए। पुलिस अगर गलत मामले में किसी को पकड़ेगी, तो बेगुनाह आदमी परेशान होगा। लेकिन अगर अदालत तय करेगी, तो सबके सामने साफ-साफ होगा और भरोसा भी रहेगा।
निर्दोष लोग बचेंगे, अपराधी पकड़ में आएंगे और जनता का भरोसा अदालत और न्याय पर और मज़बूत होगा। असली लोकतंत्र वही होगा जहाँ किसी की आज़ादी पुलिस की मनमानी से नहीं, बल्कि न्याय की कसौटी पर तय होगी।
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 #मैं_वक़ील_नहीं…  #जलते_ज़मीर की वो  #तलवार हूं, जो  ूठ और  #ज़ुल्म को  #चीर_सकती_है। अगर  #तुम्हारा  #हक़_छीना गया है,...
30/07/2025

#मैं_वक़ील_नहीं… #जलते_ज़मीर की वो #तलवार हूं, जो ूठ और #ज़ुल्म को #चीर_सकती_है। अगर #तुम्हारा #हक़_छीना गया है, #तो_बस ाज़_दो… बाक़ी #लड़ाई_मेरी है। #खामोश_मत_रहो। मैं #न्याय_को #तुम्हारे_दरवाज़े तक #लाने_का_वादा #करता_हूं। अपनी #समस्या #व्हाट्सएप 8178811597 करें, #समाधान यहीं मिलेगा। #सबसे_बेहतर। #मैं वो #वार हूं जो सीधा #अन्याय के #सीने में #उतरता_है, #तुम_बस #आवाज़_दो!

 #अन्याय_सहा_है?  , मैं हूं ना।  #जिसने_आपको  #तोड़ा,  #उसे_मैं_तोड़ूंगा। मैं हूं आपका  #कवच आपकी  #आवाज।  #चलिए,  #इंसा...
17/07/2025

#अन्याय_सहा_है? , मैं हूं ना। #जिसने_आपको #तोड़ा, #उसे_मैं_तोड़ूंगा। मैं हूं आपका #कवच आपकी #आवाज। #चलिए, #इंसाफ #छीन_लाते_हैं।
बहुत से लोग पैसे, जानकारी या सही मार्गदर्शन के अभाव में न्याय से वंचित रह जाते हैं। लेकिन अब नहीं। हर किसी को बराबरी का न्याय मिलना उनका अधिकार है। आप देश के किसी भी कोने में हों, अगर आपके साथ अन्याय हुआ है और कोई आपकी मदद नहीं कर रहा, तब भी आप मुझे बताइए। मैं वादा करता हूं.. आपकी तरफ से बिना फीस के कोर्ट में लड़ूंगा और आपको इंसाफ भी दिलाऊंगा।
मैं सिर्फ वकील नहीं, आपका दोस्त हूं। जिनके लहू में उबाल है और जिनका आत्मसम्मान कुचला गया है, उनके लिए मेरा हर तर्क तलवार बनकर गूंजेगा। यह जंग सिर्फ आपकी नहीं, अब मेरी भी है।

जब  #डोली में  ुल्हन बन जाए  #कानूनी_बॉम्ब।  #कल्पना_कीजिए… जिस  #लड़की को आपने  #सम्मान,  #प्यार और  #उत्साह से  #अपने_...
09/07/2025

जब #डोली में ुल्हन बन जाए #कानूनी_बॉम्ब। #कल्पना_कीजिए… जिस #लड़की को आपने #सम्मान, #प्यार और #उत्साह से #अपने_घर की #लक्ष्मी बनाया। जिसके #स्वागत में ाया, #रिश्तेदार_बुलाए, #महंगे_गहने दिए, और यहाँ तक की लड़की के #ससुर_जी भी DJ पर #डांस किए, #इतनी_खुशी_थी।
लेकिन… चंद हफ्तों में #वही_दुल्हन, #वही_बहू, #वही_पत्नी… #प्यार_की_भाषा छोड़कर ी_भाषा बोलने लगे। बोले कि, अगर मेरी बात नहीं मानी तो तुम्हें जेल भिजवा दूंगी। 498A लगा दूंगी, जान से नहीं गए तो इज्जत से जरूर चले जाओगे! क्या यही है शादी का मतलब?
आजकल का नया ट्रेंड क्या है पता है? पहले शादी करो… फिर पति और ससुरालवालों से अपने शौक पूरी कराओ और अगर ससुराल ने ना कहा, तो करो ब्लैकमेल। 498A, घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, दहेज, मारपीट... मैं सब केस कर दूंगी। इतना ही नहीं… कभी खुद पर हाथ मारकर कह देना मुझे पीटा गया। कभी अपने ही पति को दरवाज़े से घसीट कर थाने पहुंचा देना। इससे बड़ा सामाजिक आतंकवाद और क्या हो सकता है?
डरिए मत। कानून हर बार महिलाओं के साथ नहीं होता। वो सच के साथ होता है। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा हो रहा है, तो आप चुप मत बैठिए, वरना अगला नंबर आपका हो सकता है।
क्या करें? स्थानीय थाना जाकर इसकी लिखित सूचना दें। कोर्ट में इन्फॉर्मेटरी पिटीशन दायर करें, जिससे आप भविष्य में सुरक्षित रह सकें। सारे सबूत रखें (जैसे ऑडियो रिकॉर्डिंग, मैसेज, गवाह)।
झूठे केस की धमकी देना भी एक अपराध है। झूठे केस के लिए IPC की धारा 182, 211, 506, 499 के तहत लड़की को सजा हो सकती है। इन सबमें वो महिला खुद अपराधी बन सकती है, अगर आपने समय रहते सही कदम उठाया।
अगर आपको लगता है कि आपके साथ ये सब हो रहा है, तो बिना डरे मुझसे संपर्क करें। मैं एक वकील के साथ साथ आपका दोस्त होने के नाते आपको न सिर्फ सही सलाह दूंगा, बल्कि कानून का ढाल बनकर आपके साथ खड़ा रहूंगा। ये लड़ाई सिर्फ आपकी नहीं, हर उस बेटे, हर उस माँ-बाप की है, जो आज अपने ही घर में गुनहगार बना दिए गए हैं।
अब डरिए मत, मुकाबला करिए। क्योंकि झूठ के सामने चुप रहना, सच के साथ गद्दारी है!
#कड़वाहट

जब  #रिश्तों में  #कड़वाहट  ाए, तो अलग होना  #कमजोरी नहीं,  #समझदारी और  #साहस होता है।  िन की  #कलह कभी-कभी  #खूनखराबे ...
06/07/2025

जब #रिश्तों में #कड़वाहट ाए, तो अलग होना #कमजोरी नहीं, #समझदारी और #साहस होता है। िन की #कलह कभी-कभी #खूनखराबे में #बदल जाती है, और #इसका_दोष सिर्फ #दो_लोगों का #नहीं, बल्कि उस #समाज का भी होता है जो #टूटे_रिश्ते और #डिवोर्स को गलत मानते हैं।
समाज को भी #समझना होगा। #तलाक_अपराध_नहीं, एक #समाधान_है। अगर #रिश्ता_ज़हर बन चुका हो, तो ोना ही सबसे #सही_रास्ता है। #खुद के लिए, #एकदूसरे के लिए और #पूरे_समाज के लिए।

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