08/09/2026
दोनों सम्माननीय जज इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव जी हैं। इन जजों की खंडपीठ ने नोएडा की तत्कालीन डीएम मेधा रूपम को आज न सिर्फ फटकार लगाई, बल्कि कहा कि इन जैसे अधिकारी राज्य को 'ऑर्वेलियन डिस्टोपिया' (एक ऐसी जगह, जहाँ सरकार का पूरा नियंत्रण हो, जनता को आजादी न हो) में बदल देंगे। जजों ने आकृति चौधरी को इन्हीं डीएम के वेतन से 5 लाख देने का आदेश भी दिया। साथ ही सबसे बड़ी बात यह कही कि मेधा रूपम अपने पद की शपथ का उल्लंघन करने की दोषी हैं। अब इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह डीएम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जी की बेटी हैं।
मेधा रूपम अपने पिता ज्ञानेश कुमार के पदचिह्नों पर चलते हुए मोदी और योगी को खुश करने, सामाजिक कार्यकर्ताओं को कुचलने का काम करती रहीं। दोनों जजों ने ज्ञानेश कुमार की बेटी को कानून का पाठ पढ़ाया है, यह जानते हुए भी कि उनके पिता मोदी के प्रिय हैं। और ज्ञानेश कुमार के कहने पर मोदी कुछ भी करेगा, क्योंकि वोट चोरी का काम जो एसआईआर के नाम पर ज्ञानेश कुमार ने किया है, कोई और हिम्मत नहीं कर सकता था।
आप लिखकर रख लीजिए, इन दोनों जजों का ट्रांसफर ऑर्डर तैयार होगा। बावजूद इसके, उन्होंने कानून और न्यायपालिका की थोड़ी-बहुत इज्जत बचा ली है।
शुक्रिया, मीलॉर्ड! Cp