10/02/2024
कितने दुख की बात है की एक वकील साथी ओम शर्मा किन्ही कारणों से आत्महत्या करता है और उसकी शोक सभाओं में इतनी बड़ी बड़ी बातें कही जाती है और उसकी तहरवी / रश्म पगड़ी में सिर्फ़ 9 वकील पहुँचते हैं और जबकि साकेत कोर्ट में लगभग 12, हज़ार मेम्बर है और देखने को मिल रहा है कि कोई किसी का नहीं सब मतलब के यार है
"वकील ख़त्म ,वोट ख़त्म ,रिश्ता ख़त्म “
बस यही नाता है 😭😭