06/07/2026
#मेंटेनेंस_फीस या #अभिभावकों_की_जेब_पर_डकैती? 🔴
🚨 उत्तराखंड के निजी विद्यालयों की मनमानी आखिर कब तक? 🚨
उत्तराखंड शासन द्वारा जारी स्पष्ट शासनादेश के अनुसार निजी विद्यालय ट्यूशन फीस के अतिरिक्त Annual Maintenance Fee, Caution Money, Development Fee, Building Fund, Facility Fee या अन्य किसी भी नाम से अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकते। इसके बावजूद राज्य के अनेक निजी विद्यालय खुलेआम इन प्रतिबंधित मदों में अभिभावकों से हजारों रुपये वसूल रहे हैं।
इसी गंभीर विषय को लेकर मेरे द्वारा माननीय उत्तराखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) संख्या 161/2025 दायर की गई है। उक्त जनहित याचिका में दिनांक 08.05.2026 को संबंधित विभाग द्वारा Compliance Affidavit भी दाखिल किया जा चुका है। माननीय न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में शिक्षा विभाग द्वारा सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (CEO) को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए कि निजी विद्यालयों द्वारा शासनादेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि न्यायालय के निर्देशों और शिक्षा विभाग के आदेशों के बावजूद रुद्रपुर सहित उत्तराखंड के कई जिलों में इन आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। कई विद्यालय आज भी प्रतिबंधित मदों में शुल्क वसूल रहे हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई का अभाव इस मनमानी को बढ़ावा दे रहा है।
अब समय आ गया है कि अभिभावक बिना किसी भय या दबाव के अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाएँ। जब तक अभिभावक संगठित होकर ऐसी अवैध वसूली का विरोध नहीं करेंगे, तब तक कुछ निजी विद्यालय शासनादेशों की अनदेखी करते रहेंगे।
शिक्षा कोई व्यापार नहीं है। शासनादेश का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। यदि नियमों का उल्लंघन होगा, तो उसके विरुद्ध आवाज़ उठाना प्रत्येक अभिभावक का अधिकार और कर्तव्य दोनों है।
— अधिवक्ता जसविंदर सिंह
याचिकाकर्ता, जनहित याचिका संख्या 161/2025
माननीय उत्तराखंड उच्च न्यायालय