Advocate Jasvinder Singh

Advocate Jasvinder Singh इस पेज का उद्देश्य आम जन मानस को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना है । LEGAL SERVICES CIVIL & CRIMINAL

“भविष्य में आपके बच्चों या परिवार के सदस्यों के बीच आपकी चल-अचल संपत्ति को लेकर किसी भी प्रकार का झगड़ा या विवाद न हो, इ...
28/12/2025

“भविष्य में आपके बच्चों या परिवार के सदस्यों के बीच आपकी चल-अचल संपत्ति को लेकर किसी भी प्रकार का झगड़ा या विवाद न हो, इससे बचने के लिए अपनी वसीयत (Will) किसी समझदार अधिवक्ता से अवश्य बनवाएँ।”

माननीय सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले में:अगर कोई पुलिस अधिकारी थाने में शिकायत करने आए नागरिक के साथ बुरा व्यवहार या अभद्र भ...
22/09/2025

माननीय सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले में:

अगर कोई पुलिस अधिकारी थाने में शिकायत करने आए नागरिक के साथ बुरा व्यवहार या अभद्र भाषा का प्रयोग करता है, तो यह अनुच्छेद 21 के तहत अपराध माना जाएगा।

इस मामले में दोषी इंस्पेक्टर पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया गया।
अपने अधिकार जानें और जागरूक रहें!

केस: पावुला येसु दासन बनाम राज्य मानवाधिकार आयोग, तमिलनाडु (SLP(C) NO. 20028/2022)

08/09/2025

बीते दिन देहरादून शहर में एक अजीब होड़ देखने को मिली। ऊँची आवाज़ में डीजे गूंज रहे थे, अलग-अलग पिकअप और कमर्शियल टेम्पो में गणेश जी की प्रतिमाओं के साथ लोग भरे पड़े थे। चारों ओर बस जाम ही जाम था।

भीषण शोर, उस पर नृत्य करती भीड़, लगभग हर गाड़ी में डीजे और स्पीकर लगे हुए। यह देख मन खिन्न हो उठा जब छोटे-छोटे बच्चे भी इन स्पीकर्स से चिपके हुए थे। इतनी तीव्र ध्वनि में उनके नाज़ुक कानों पर क्या बीत रही होगी? शायद वे भीड़ के बहाव में यही मान बैठे कि यह सब कोई पवित्र धार्मिक कार्य है।

सड़कों पर मोटरसाइकिलों को बेलगाम चलाते युवक, रंगों में लथपथ भीड़, और हर तरफ बिखरा कूड़ा-करकट—खाने-पीने के बाद की थैलियाँ और गंदगी ही गंदगी।

जब टॉन्स नदी के किनारे पहुँचा, तो मन और भी विचलित हो गया। वहां बेशुमार ढोल बज रहे थे, लोग नाचते-गाते नदी किनारे खड़े थे और पन्नियों में भरी सामग्री नदी में डाल रहे थे। हर ओर प्लास्टिक और गंदगी का अंबार था। केमिकल से बनी मूर्तियों का बार-बार नदी में विसर्जन किया जा रहा था। नदी मानो सहनशील होकर सब कुछ झेल रही थी, जैसे चुपचाप पूछ रही हो—“मैं अपनी शिकायत किससे करूँ?”

घर की ओर के सफर में ट्रैफिक और शोर ने व्याकुलता और बढ़ा दी। मन खुद से प्रश्न कर बैठा—क्या मैं ही नास्तिक हूँ जो इस सबको देखकर विचलित हूँ? लेकिन नहीं, मैं तो प्रतिदिन पूजा करता हूँ। तो फिर इसे आस्था का कौन-सा रूप कहा जाए?

यह देवभूमि है, जहाँ हर कोने में देवी-देवताओं का वास है। फिर हम भगवान को नदियों में क्यों विसर्जित कर रहे हैं? अपनी अब तक की धार्मिक यात्रा से मैंने यही समझा है कि परमात्मा का निवास हमारी आत्मा में है। अगर वास्तव में विसर्जन करना है, तो अपने अंतरमन में डूबकर अपनी बुराइयों का करना होगा। वहीं हमें परमात्मा मिलेंगे।

जब तक हम नदियों को भी परमात्मा का स्वरूप मानकर उनका सम्मान नहीं करेंगे, तब तक अपनी फूहड़ता पर लगाम नहीं लगा पाएंगे। आज हर प्रदेश किसी न किसी प्राकृतिक त्रासदी से गुजर रहा है, पर हम हैं कि मानने को तैयार नहीं। धर्म के नाम पर दिखावा अब बंद होना चाहिए; अब तो समय प्रकृति से क्षमा मांगने का है।

बात कड़वी लग सकती है, लेकिन अगर माँ प्रकृति की व्याकुलता को भी हम अनसुना करते रहे, तो हमें इंसान कहलाने का कोई हक नहीं। हमसे बेहतर तो वे पशु हैं जिन्होंने न सीमेंट के जंगल बनाए, न ही धर्म के नाम पर कोई पाखंड रचा।

मान लो, स्वयं श्री गणेश और सभी इष्ट भी यही चाहते होंगे कि हम विसर्जन करें अपनी बुराइयों का, और धारण करें ईश्वर का सच्चा स्मरण। क्योंकि जब स्मरण होगा, तभी दया, करुणा और संवेदना स्वतः प्रकट होंगी—और यही तो धर्म का असली उद्देश्य है।

*बड़े ही व्याकुल मन से आपका जसविंदर सिंह*

03/09/2025

उत्तराखण्ड के अभिभावकों के लिए बड़ी पहल 🙏

राज्य शासन आदेश के बावजूद लगभग हर स्कूल मोटी रजिस्ट्रेशन/एडमिशन फीस वसूल रहा है। ट्रांसपोर्टेशन फीस पर भी कोई ठोस नियम लागू नहीं है।

इसी अन्याय के खिलाफ मैंने PIL no. 161/2025 माननीय उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड में दायर की है। सुनवाई के दौरान माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय ने कहा कि ऐसी फीस लेना अनुचित है और सभी स्कूल एसोसिएशनों को नोटिस जारी किए गए हैं।

यह लड़ाई केवल मेरी नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के हर अभिभावक की आवाज़ है।
हमें विश्वास है न्याय अवश्य मिलेगा।

🇮🇳 जय हिन्द, जय उत्तराखण्ड 🇮🇳

इस पेज का उद्देश्य आम जन मानस को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना है ।

ना जाने उत्तराखंड में कब ऐसा नियम बनेगा। क्रेता और अधिवक्ता दोनों ही सेल डीड(जमीन की रजिस्ट्री) होने के बाद दाख़िल-ख़ारि...
28/08/2025

ना जाने उत्तराखंड में कब ऐसा नियम बनेगा। क्रेता और अधिवक्ता दोनों ही सेल डीड(जमीन की रजिस्ट्री) होने के बाद दाख़िल-ख़ारिज (Mutation) की प्रक्रिया को लेकर परेशान रहते हैं। तहसील के लगातार चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे अधिवक्ताओं को भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। हाल ही में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दाख़िल-ख़ारिज की अर्ज़ी का निस्तारण तीन माह के भीतर किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारी अवमानना के दोषी होंगे (संदर्भ: अमर उजाला समाचार, प्रयागराज बेंच)। आवश्यकता है कि उत्तराखंड सरकार भी इसी प्रकार का ठोस प्रावधान करे, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और आमजन को राहत मिल सके।

15/06/2025

जागरूक बने अत्याचार का खुल कर विरोध करे।

अगर किसी सरकारी कार्यालय में कोई अधिकारी या कर्मचारी आपके साथ अभद्रता या शोषण करता है, तो आप उसका वीडियो बनाना पूरी तरह से आपका अधिकार है।

Justice Nirzar S. Desai of the Gujarat High Court
"बताइए कौन सा कानून कहता है कि पुलिस स्टेशन में वीडियो बनाना गैरकानूनी है"

उत्तराखंड में प्राइवेट स्कूलों द्वारा छात्रों के अभिभावकों से मन मर्जी स्कूल बस किराया वसूलने के संबंध में। पिछले वर्ष म...
30/11/2024

उत्तराखंड में प्राइवेट स्कूलों द्वारा छात्रों के अभिभावकों से मन मर्जी स्कूल बस किराया वसूलने के संबंध में।

पिछले वर्ष मैंने उत्तराखंड में प्राइवेट स्कूल बसों के किराए को लेकर किसी स्पष्ट प्रावधान या नियमावली के अभाव की समस्या पर निदेशक, माध्यमिक शिक्षा उत्तराखंड को एक शिकायत प्रेषित की थी।

निदेशक महोदय ने इस महत्वपूर्ण विषय पर संज्ञान लेते हुए परिवहन आयुक्त उत्तराखंड को उक्त पत्र के माध्यम से अवगत कराया है तथा परिवहन आयुक्त से जनहित में इस विषय पर कार्यवाही करने के लिए आग्रह किया गया है।

इस विषय पर काफी कार्यवाही हेतु लंबे समय से मैं डट कर पैरवी कर रहा हु।

विश्वास है कि परिवहन आयुक्त उत्तराखंड महोदय शीघ्र ही स्कूल बसों के किराए को निर्धारित करने हेतु आवश्यक कदम उठाएंगे, जिससे आम जनता को राहत मिल सकेगी।

आप सब उत्तराखंड वासियों से इस विषय पर सहयोग की आशा है।

जय हिंद! जय उत्तराखंड

जब जुल्मी का आतंक बढ़ जाए तो, सरकारों के भरोसे नहीं बैठा जाता।
19/08/2024

जब जुल्मी का आतंक बढ़ जाए तो, सरकारों के भरोसे नहीं बैठा जाता।

18/05/2024

समस्त मित्रों से निवेदन है कि अगर आप चाहते है की हर व्यक्ति को न्याय पाने के लिए एक लम्बा और महंगा सफर ना करना पड़े तो नीचे दिए लिंक पर अपनी राय "हां" में जरूर दे।

माननीय उत्तराखंड उच्च न्यायालय स्थानांतरण के संबंध में माननीय उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तराखंड प्रैक्टिसिंग एडवोकेट्स ( बार कौंसिल आफ उत्तराखंड मे रजिस्टर हो।) और आम जन से भी राय मांगी गई है, जिस हेतु यह वेबसाइट www.highcourtofuttarakhand.gov.in पर लिंक उपलब्ध है ,सभी से निवेदन है इस लिंक पर अपना ऑप्शन चुन कर सभी विवरण भरकर Yes कर के सबमिट करें , जिससे उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल से स्थानांतरण हो । ऋषिकेश मे उत्तराखंड का हाईकोर्ट बन सके।।
🙏
जसविंदर सिंह अधिवक्ता
देहरादून कोर्ट
संपर्क - 9720999913

मेरा मकसद हमारे प्रदेश उत्तराखंड  में शिक्षा के नाम पर खुली लूट को रोकने का है और वो तभी संभव है जब हम सब एक जुट होकर इन...
16/09/2023

मेरा मकसद हमारे प्रदेश उत्तराखंड में शिक्षा के नाम पर खुली लूट को रोकने का है

और वो तभी संभव है जब हम सब एक जुट होकर इन शिक्षा व्यापारियों का पुरज़ोर विरोध करे

स्कूल बस किराए को लेकर प्रदेश में कोई प्रावधान नहीं है

इस संदर्भ में मेरे द्वारा महानिदेशक विधालयी शिक्षा उत्तराखंड से 12/08/23 को शिकायत की गई थी

आज उनके कार्यालय से उक्त पत्र प्राप्त हुआ है

जिसमें उनके द्वारा प्रदेश के समस्त जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर उक्त विषय पर कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया है

धन्यवाद

जसविंदर सिंह एडवोकेट
देहरादून कोर्ट कंपाउंड

07/09/2023

अगर आप भी कुत्ता पालते है , तो हो जाइए सावधान
और रखिए उत्तराखंड में कुत्ता पालने से जुड़ी कानूनी बातों का ध्यान।

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