02/08/2026
3 अगस्त 2017… यह तारीख मैं कभी नहीं भूल सकता।
उस दिन सुबह से शाम तक हम हमेशा की तरह साथ थे। हँसी-मज़ाक, बातें, सीख और ढेर सारी यादें… सब कुछ बिल्कुल सामान्य था। मुझे आज भी वह रात याद है, जब हम सब हँस रहे थे, मज़ाक कर रहे थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि कुछ ही पलों बाद एक हादसा हमारी पूरी दुनिया बदल देगा।
किस्मत ने मुझे बचा लिया, लेकिन मेरे तीन बड़े भाई—राहुल भैया, गोलू भैया और रमेश जी—हमेशा के लिए हमसे बिछड़ गए। एक पल में सब कुछ खत्म हो गया। आज भी उस रात की हर बात, हर हँसी और हर याद दिल में वैसे ही ज़िंदा है।
आज जब कोई सही सलाह देने वाला, गलती पर डाँटकर समझाने वाला या हर मुश्किल में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होने वाला नहीं मिलता, तो आपकी बहुत याद आती है। आप सिर्फ बड़े भाई नहीं थे, बल्कि मेरी ताकत, मेरी प्रेरणा और मेरी ज़िंदगी का अहम हिस्सा थे।
समय बीत गया, लेकिन आपकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती।
भगवान आपको अपने श्रीचरणों में स्थान दें। आप तीनों हमेशा हमारे दिलों में ज़िंदा रहेंगे। 🥺❤️ ❤️😘✌🏻️