12/05/2026
DALSA Chhatarpur
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के आदेश के परिपालन में तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशन में दिनांक 09 मई 2026 को जिला न्यायालय एवं तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
जिला न्यायालय छतरपुर में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छत्तरपुर माननीय रविन्द्रर सिंह साहब है ारा मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। उक्त अवसर पर विशेष न्यायाधीश श्रीमती निवेदिता मुदगल, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री राजेश कुमार देवलिया, जिला न्यायाधीश श्रीमति कविता वर्मा, जिला न्यायाधीश श्री आशीष श्रीवास्तव, जिला न्यायाधीश श्रीमती मंजुल पाण्डेय, जिला न्यायाधीश श्री निवेश कुमार जायसवाल, जिला न्यायाधीश श्रीमती निधि सक्सेना, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती स्वाति निवेश जायसवाल, सचिव श्री वि.प्र. सोलंकी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छतरपुर, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती रानो बघेल, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती प्रेरणा जैन, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री राहुल जैन, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सोनम डेहरिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री हर्षा परमार, न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री संघशिखा वंशकार, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री संतोष कुशवाहा एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री आयुषी रघुवंशी एवं अभिभाषक संघ के अध्यक्ष श्री शिवप्रताप सिंह चौहान जिला अभियोजन अधिकारी श्री प्रवेश अहिरवार, डॉ० वीरेन्द्र चढार जिला विधिक सहायता अधिकारी, चीफ लीगल एड डिफेंस कांउसिल छतरपुर श्री रमाशंकर तिवारी, श्री राजेन्द्र शर्मा, श्रीमती प्रियंका सोनी अधिवक्ता श्री ओमप्रकाश सोनी, श्री बलजिंदर सोढी एवं अन्य अधिवक्तागण के साथ ही जिला न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त कर्मचारीगण और पक्षकारगण आदि उपस्थित रहे।
उक्त नेशनल लोक अदालत में जिला न्यायालय एवं तहसील न्यायालयों में कुल 31 खण्डपीठों का गठन किया गया था। जिनके द्वारा आपसी सुलह समझौतों के आधार पर प्रकरणों का निराकरण किया गया।
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से जिले के विभिन्न न्यायालयों में प्रकरणों में से आपराधिक प्रकरण 209 बैंक बाउंस से संबंधित 58 प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण के 42 प्रकरण, विद्युत के 80 प्रकरण, वैवाहिक 100 प्रकरण सहित 109 अन्य प्रकरणों का इस प्रकार कुल 686 लंबित प्रकरणों का निराकरण आपसी सुलह-समझौतों के आधार पर किया गया। लोक अदालत में कुल राशि रूपये 49380134 का एवार्ड पारित किया गया।
साथ ही निराकृत प्रकरणों में प्रिलिटिगेशन के कुल 1215 प्रकरणों का निराकरण आपसी सुलह समझौते के आधार पर किया गया जिसमें बैंक से संबंधित 69 प्रकरणों का. विद्युत के 396 व वाटर बिल के 662 एवं अन्य प्रकरण 88 के प्रकरणों का निराकरण कर कुल राशि रुपये 13120648 का अवार्ड पारित किया गया।
सफलता की कहानी
माननीय प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय में लंबित मामला जिसमें ग्राम नारायणपुरा जिला छतरपुर के रहवासी परिवर्तित नाम भैयालाल अनुरागी एवं अनावेदिका रामरति अनुरागी के मध्य लभगभ दो वर्ष पूर्व विवाह हुआ था किंतु विवाह उपरांत ही पति-पत्नि में छोटे-मोटे कारणों से अनवन होने के कारण अलग-अलग जीवन बसर कर रहे थे। मामले में अनावेदक द्वारा धारा 09 हिन्दू विवाह अधिनियम के तहत आवेदन प्रस्तुत किया, उक्त मामला पारिवारिक प्रकृति का होने से लोक अदालत में रखा गया। मामले में लोकअदालत की प्रीसिटिंग के दौरान समझाइस के फलस्वरूप पति-पत्नि साथ रहने को सहमत हुये और उभय पक्षों के सदस्य पति-पत्नि खुशी-खुशी लोक अदालत से विदा हुआ।
साथ ही एक अन्य मामला ग्राम व तहसील महाराजपुर के परिवर्तित नाम कमलेश पिता रमेश व अनावेदिका रामबाई पिता घनश्यामके मध्य लगभग 11 साल पहले हिन्दू रीति रिवाज से विवाह संपन्न हुआ था। उभयपक्ष की एक बेटे व दो बेटियां है. किंतु उसके वावजूद भी आपसी छोटी-मोटी परिवारिक झगडों एवं मन-मुटाव के कारण लगभग 01 वर्ष से रामबाई अपने बच्चों सहित मायके में निवास कर रही थी उक्त मामले में आवेदक कमलेश द्वारा जिला न्यायालय छतरपुर में अपनी धर्म-पत्नि को ले जाने के लिए धारा 09 हिन्दू विवाह अधिनियम का आवेदन प्रस्तुत कियां। मामला पारिवारिक प्रकृति का होने केलोक अदालत में रखा गया । लोकअदालत में उभय पक्षों को समझाइस के रूप् उभयपक्ष आपसी सहमति से साथ रहने को तैयार हुये। इस प्रकार लोक अदालत प्रभाव से एक ओर टूटता हुआ परिवार बिखरने से बचा एवं उक्त दोनो मामलों में राजीनामा होने के फलस्वरूप पति-पत्नि ने एक दूसरे को फूल माला पहनाई एवं उन्हे न्याय के सांकेतिक रूप में पौधा प्रदान किया गया।