04/02/2026
📞 कॉल डिटेल रिकॉर्ड
कैसे पाएं 📞
# प्रश्न : सर जी, हम कॉल डिटेल कैसे ले सकते हैं ? इसके लिए आरटीआई कहां लगानी होगी ? Mera ek prashn Aur Hai
Jo ISI se sambandhit hai
अगर कोई व्यक्ति जैसे कि किसी का पति या पत्नी अपने पिता के नाम से सिम लेकर खुद इस्तेमाल कर रहा है और उसे सिम से व्यापारिक ट्रांजैक्शन कर रहा है तो क्या हम उसे सिम या उसे नंबर की कॉल डिटेल्स मांग सकते हैं ?
- टीना जी अग्रवाल
# उत्तर : CDR (Call Detail Record) के लिए RTI दाखिल करने से पहले आपको कुछ कानूनी नियमों को समझना होगा, क्योंकि यह जानकारी अत्यधिक गोपनीय मानी जाती है।
हम इसकी पूरी जानकारी दे रहे है -
1. किस विभाग को RTI भेजें ? :
चूंकि मोबाइल कंपनियां (जैसे Jio, Airtel) प्राइवेट होती हैं, इसलिए उन पर सीधे RTI लागू नहीं होती। आपको सरकारी विभागों के माध्यम से जानकारी मांगनी होगी।
• आप अपने क्षेत्र के 'Term Cell' या दूरसंचार विभाग के PIO को RTI भेज सकते हैं। ये विभाग सभी टेलीकॉम कंपनियों का रेगुलेटर होता है।
• यदि पुलिस ने किसी जांच के दौरान आपकी CDR निकाली है तो आप संबंधित जिले के SP ऑफिस या पुलिस कमिश्नर कार्यालय में RTI लगा सकते हैं।
2. अधिकतम कितने समय की CDR मांगी जा सकती है?
भारत सरकार के नियमों (DoT guidelines) के अनुसार -
2 साल का रिकॉर्ड :
दिसंबर 2021 के बाद से, सभी टेलीकॉम कंपनियों के लिए अब 2 साल तक का कॉल रिकॉर्ड सुरक्षित रखना अनिवार्य है। इससे पहले यह सीमा केवल 1 साल की थी।
• इंटरनेट लॉग्स :
इंटरनेट कॉलिंग या डेटा लॉग्स के लिए भी अब कंपनियों को 2 साल का डेटा रखना होता है।
3. क्या RTI से CDR आसानी से मिल जाती है ?:
RTI के माध्यम से CDR प्राप्त करने में कुछ बड़ी कानूनी बाधाएं हैं -
• निजता का अधिकार (Section 8(1)(j)) :
आप किसी दूसरे व्यक्ति की CDR नहीं मांग सकते।
RTI कानून की धारा 8(1)(j) के तहत इसे व्यक्तिगत जानकारी मान कर देने से मना किया जा सकता है।
• स्वयं की CDR :
यदि आप अपने स्वयं के नंबर की CDR मांग रहे हैं, तो भी विभाग अक्सर सुरक्षा कारणों का हवाला देकर मना कर देते हैं।
* बेहतर विकल्प क्या है ?
यदि आप किसी कोर्ट केस (जैसे वैवाहिक विवाद या आपराधिक मामला) के लिए CDR चाहते हैं तो RTI के बजाय कोर्ट के माध्यम से आवेदन करना सबसे सही तरीका है :
√ Section 91 CrPC (अब BNSS): इसके तहत आप कोर्ट में अर्जी दे सकते हैं कि संबंधित व्यक्ति या नंबर की CDR सुरक्षित रखी जाए और कोर्ट में पेश की जाए।
• कोर्ट का आदेश :
कोर्ट मोबाइल कंपनी को आदेश दे सकता है कि वह सीलबंद लिफाफे में काल रिकॉर्ड जमा करे।