14/06/2026
तलाक (DIVORCE)
तलाक की प्रक्रिया दो प्रकार की होती है:
आपसी सहमति से (Mutual Consent) और आपसी सहमति के बिना/विवादित (Contested Divorce)।
आपसी सहमति में प्रक्रिया जल्दी पूरी होती है, जबकि विवादित तलाक में पति या पत्नी में से कोई एक पक्ष अदालत में याचिका दायर करता है और इसमें कुछ महीने से लेकर कुछ साल तक का समय लग सकता है।
आपसी सहमति से तलाक (Mutual Consent)
इसमें दोनों पति-पत्नी की शादी के बंधन से कानूनी रूप से अलग होने पर सहमति होती है।
शर्तों पर समझौता: दोनों पक्षों को बच्चों की कस्टडी, गुजारा भत्ता (Alimony), और संपत्ति के बंटवारे पर आपसी समझौता करना होता है।
याचिका दायर करना (First Motion): पारिवारिक अदालत (Family Court) में दोनों पक्षों के हस्ताक्षर के साथ एक संयुक्त याचिका दायर की जाती है।
अदालत में पेशी: अदालत दोनों पक्षों के बयान दर्ज करती है और याचिका की जांच करती है।
सुलह की अवधि (Cooling-off Period): कानून के अनुसार, पहला मोशन पूरा होने के बाद 6 महीने का समय दिया जाता है, ताकि पति-पत्नी अपने रिश्ते को बचाने के बारे में दोबारा विचार कर सकें।
अंतिम सुनवाई (Second Motion): 6 महीने पूरे होने के बाद या अदालत द्वारा छूट (Waiver) देने पर, दूसरा मोशन दाखिल किया जाता है। इसके बाद जज तलाक की मंजूरी दे देते हैं।
विवादित तलाक (Contested Divorce)
यदि एक पक्ष तलाक के लिए तैयार नहीं है, तब दूसरा पक्ष निम्नलिखित आधारों (Grounds) पर अदालत में याचिका दायर कर सकता है:
क्रूरता (Cruelty), परित्याग (Desertion), व्यभिचार (Adultery), या धर्म परिवर्तन।
याचिका दायर करना: जो पक्ष तलाक चाहता है, वह अपने वकील के माध्यम से अदालत में याचिका और सभी सबूत (Evidence) जमा करता है।
दूसरे पक्ष को समन: अदालत दूसरे पक्ष (पति/पत्नी) को नोटिस भेजकर जवाब देने के लिए बुलाती है।
मध्यस्थता (Mediation): अदालत सुलह कराने के लिए काउंसलिंग या मध्यस्थता का प्रयास करती है।
गवाही और क्रॉस-एग्जामिनेशन: यदि सुलह नहीं होती है, तो दोनों पक्षों के वकील अदालत में गवाह पेश करते हैं और जिरह (Cross-examination) होती है।
फैसला: सभी सबूतों और बयानों के आधार पर, अदालत तलाक की अंतिम डिक्री (Decree) पारित करती है।
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
विवाह का प्रमाण पत्र (Marriage Certificate)