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व्यूरोचीफ- आर एन एस न्यूज़ एजेंसी
प्रबंधक- अंतर्राष्ट्रीय श्री राम नाम लेखन बैंक

With Amit Shukla – I just made it onto their weekly engagement list by being one of their top engagers! 🎉
24/09/2026

With Amit Shukla – I just made it onto their weekly engagement list by being one of their top engagers! 🎉

आओ हिन्दी हिन्दी गाएं हिन्दी की ही समा बनाएं
14/09/2026

आओ हिन्दी हिन्दी गाएं हिन्दी की ही समा बनाएं

With अंतर्राष्ट्रीय श्री सीताराम नाम लेखन बैंक एवं आयुर्वेद प्रसार मंच  प्रतापगढ़ – I'm on a streak! I've been a top fan ...
23/05/2026

With अंतर्राष्ट्रीय श्री सीताराम नाम लेखन बैंक एवं आयुर्वेद प्रसार मंच प्रतापगढ़ – I'm on a streak! I've been a top fan for 23 months in a row. 🎉

10/05/2026

जमाने को बदलने वाले आते हैं जाते हैं ।
कुछ.नाम कमाते कुछ डुबाते हैं ;
इस देश की हालात न बदल सका कोई क्यॉकि मित्र मेरे सुन लो सभी अंधेरे में तीर चलाते हैं ।

08/05/2026

#अंतर्राष्ट्रीय मातृदिवस पर सृष्टि की समस्त मातृशक्तियों को समर्पित

#माँ कहती थी -
गंगा नदी नहीं
वह तो है सबकी मइया

'वही पालती-वही तारती.. सुख-दुख की भी वह है साखी
वह अक्षय है -
उसने सूरज-चंदा की पत राखी'

माँ कहती थी-
'बबुआ मानो
देस हमारा सोनचिरइया'

'हिमगिरि पर जो देवा रहता
उसके जटा-मुकुट से निकसी
वही सींचती हमें नेह से
जब तपती है देह अगिन-सी’

माँ कहती थी-
‘कामधेनु वह
जो है देवताओं की गइया’

गंगाजल से माँ करती थी
शुद्ध-पवित्र रोज़ आँगन को
कहती थी - 'यह जल है पावन
इससे सींचो अपने मन को'

माँ कहती थी -
‘गंगातट पर ही
रहता है सृष्टि-रचइया'

05/04/2026

#माँ कहती थी -
गंगा नदी नहीं
वह तो है सबकी मइया

'वही पालती-वही तारती.. सुख-दुख की भी वह है साखी
वह अक्षय है -
उसने सूरज-चंदा की पत राखी'

माँ कहती थी-
'बबुआ मानो
देस हमारा सोनचिरइया'

'हिमगिरि पर जो देवा रहता
उसके जटा-मुकुट से निकसी
वही सींचती हमें नेह से
जब तपती है देह अगिन-सी’

माँ कहती थी-
‘कामधेनु वह
जो है देवताओं की गइया’

गंगाजल से माँ करती थी
शुद्ध-पवित्र रोज़ आँगन को
कहती थी - 'यह जल है पावन
इससे सींचो अपने मन को'

माँ कहती थी -
‘गंगातट पर ही
रहता है सृष्टि-रचइया'

राम नाम की महिमा असीमित व अकथनीय है । इसे जानना हो,महसूस करना हो,अनुभव करना हो तो बस राम नाम जपें , नाम धारण कर लें कुछ ...
30/03/2026

राम नाम की महिमा असीमित व अकथनीय है । इसे जानना हो,महसूस करना हो,अनुभव करना हो तो बस राम नाम जपें , नाम धारण कर लें कुछ समय बाद इसके प्रभाव को खुद बताने लगेंगे । अतएव राम से बड़ा राम कर नाम , जय राम , जय राम , जय जय राम, जपो रे भैया सीताराम।।🚩
अपतु अजामिलु गजु गनिकाऊ। भए मुकुत हरि नाम प्रभाऊ ।।कहौं कहाँ लगि नाम बड़ाई ।रामु न सकहिं नाम गुन गाई 🚩
राम नाम की असीमित महिमा बताते हुए तुलसी बाबा कहते हैं कि अजामिल,गज व गणिका ने हरि नाम के प्रभाव से मुक्ति प्राप्त कर ली । वे कहते हैं कि हरि नाम के प्रभाव की कितनी बड़ाई करू,रामजी स्वयं भी नाम की महिमा को नहीं बता सकते हैं । हे राम हे मेरे प्रभु राम मैं आपको भूलूँ नहीं।।🙏🌹
अमित शुक्ल
प्रबंधक
अंतर्राष्ट्रीय श्री राम नाम लेखन बैंक प्रतापगढ़

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49
Bela Pratapgarh
230001

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