26/08/2026
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि तीन वर्षीय LLM कोर्ट का उद्देश्य ऐसा अवसर देना है, जिसमें छात्र अपनी मास्टर डिग्री की पढ़ाई के साथ अदालतों में वकालत भी जारी रख सकें। कोर्ट ने इसी आधार पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक वकील को LLM के दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी, जिसे अनिवार्य उपस्थिति पूरी नहीं करने के कारण परीक्षा से रोक दिया गया।
जस्टिस जस्मीत सिंह ने यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी को तीन वर्षीय LLM पाठ्यक्रम 2023-2026 की दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित करने से रोकने की मांग की गई। याचिका में प्रत्येक विषय में निर्धारित 90 घंटे की अनिवार्य कक्षाएं पूरी किए जाने की शर्त का भी मुद्दा उठाया गया। इसके अलावा परीक्षा में बैठने से रोके गए छात्रों की सूची रद्द कर उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने की मांग की गई।