घोटाला मंच

घोटाला मंच देश में हो रहे लूट, अपहरण, बलात्कार, रिश्वतखोरी और घोटालों का खात्मा करना।

03/07/2026
03/07/2026

जिले में सीमा सुरक्षा बल की भर्ती परीक्षा के दौरान एक बड़े और संगठित फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया गया है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के भिंड जिले जैसे बाहरी क्षेत्रों के अभ्यर्थियों ने कथित सिंडिकेट के साथ मिलकर खुद को बालाघाट का मूल निवासी घोषित कर सरकारी नौकरी हासिल करने का प्रयास किया है। प्रशासनिक और बीएसएफ की संयुक्त जांच में अब तक 10 अभ्यर्थियों के मूल निवास, जाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रमाण पत्र पूरी तरह से फर्जी और अवैध पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

जय शिवाजी - जय पटेल

03/07/2026

*भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का एक प्रभावी सुझाव*

‎"जन शिकायतों के निस्तारण के बाद अनिवार्य फीडबैक व्यवस्था लागू हो"

‎यदि सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार को कम करना चाहती है, तो केवल शिकायतों का निस्तारण करना पर्याप्त नहीं है। आवश्यक है कि प्रत्येक जन शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से फीडबैक लिया जाए।

‎जनता द्वारा दिए गए फीडबैक के आधार पर संबंधित कर्मचारी एवं अधिकारियों की कार्यक्षमता, ईमानदारी, व्यवहार एवं जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का मूल्यांकन किया जाए।

‎प्रमुख सुझाव

‎✅ प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से संतुष्टि फीडबैक लिया जाए।

‎✅ एक वर्ष तक प्राप्त फीडबैक का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।

‎✅ अगले वित्तीय वर्ष में उसी फीडबैक के आधार पर कर्मचारियों एवं अधिकारियों का—

‎- प्रमोशन
‎- TA/DA
‎- बोनस
‎- विशेष प्रोत्साहन

‎निर्धारित किया जाए।

‎✅ उत्कृष्ट फीडबैक प्राप्त करने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए।

‎✅ लगातार खराब फीडबैक प्राप्त होने पर संबंधित कर्मचारी एवं अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए तथा निर्धारित नियमों के अनुसार चेतावनी, वेतन वृद्धि रोकना, पदावनति अथवा अन्य अनुशासनात्मक दंड का प्रावधान लागू किया जाए।

‎अपेक्षित परिणाम

‎✔ भ्रष्टाचार में कमी आएगी।

‎✔ सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ेगी।

‎✔ जन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण होगा।

‎✔ जनता और प्रशासन के बीच विश्वास मजबूत होगा।

‎✔ सुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

‎"अच्छे कार्य पर सम्मान और प्रोत्साहन, खराब कार्य पर जवाबदेही और दंड — यही सुशासन की पहचान है।"

‎"जनता का फीडबैक ही सुशासन का वास्तविक पैमाना है।"

‎— मंशूभाई
‎अध्यक्ष, मणिप्राण संगठन
‎मो.: 9795005126 / 9795005136
‎ईमेल: [email protected]
‎:
‎भ्रष्टाचार मुक्त भारत की ओर एक प्रभावी कदम
‎जनता देगी मूल्यांकन — तभी बनेगा जवाबदेह प्रशासन

मंशू भाई Manipran Organization

28/06/2026

‎*मणिप्राण संगठन की मासिक बैठक सम्पन्न*

‎बैठक में डॉ. ओ.पी.चौधरी को मणिप्राण संगठन का संरक्षक सदस्य बनाया गया ‌,आप प्रोफेसर एवं अध्यक्ष,मनोविज्ञान विभाग(सेवा निवृत्त)
‎श्री अग्रसेन कन्या स्वायत्तशासी पी. जी. कॉलेज वाराणसी और एक पर्यावरणविद् है।
‎संगठन को मजबूती प्रदान करने हेतु सदस्यता अभियान चलाने पर चर्चा किया गया।
‎आज की बैठक उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकार बलराम मौर्य की उपस्थिति में सम्पन्न हुई।

‎*मड़हा नदी के पुनर्जीवन की मुहिम: उद्गम स्थल ‘प्रमोदवन’ और मांडव्य ऋषि आश्रम को मिलेगी नई पहचान*‎अयोध्या जनपद में लुप्त...
20/06/2026

‎*मड़हा नदी के पुनर्जीवन की मुहिम: उद्गम स्थल ‘प्रमोदवन’ और मांडव्य ऋषि आश्रम को मिलेगी नई पहचान*
‎अयोध्या जनपद में लुप्तप्राय हो रही मड़हा नदी को बचाने और इसके गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने के लिए 'मिशन मड़हा-बिषुही नदी बचाओ अभियान' के तहत एक महत्वपूर्ण सर्वेक्षण और मुआयना किया गया। 18 जून 2026, बृहस्पतिवार को मणिप्राण संगठन के अध्यक्ष श्री मंशूभाई और तरुण सिंह गौड़ के नेतृत्व में टीम ने मवई ब्लॉक के लखनीपुर गाँव स्थित नदी के उद्गम स्थल का दौरा किया।
‎*पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व*
‎मड़हा नदी, जिसे तमसा, पुछारा और सुरसा नदी के नामों से भी जाना जाता है, का रामायण काल से गहरा संबंध है। मान्यताओं के अनुसार, इस नदी का उद्गम स्थल 'प्रमोदवन' है, जहाँ मांडव्य ऋषि का आश्रम स्थित था। वर्तमान में यह ऐतिहासिक स्थल मात्र 40 बीघा भूमि तक सिमट कर रह गया है। यह नदी न केवल एक जलस्रोत है, बल्कि अयोध्या के सांस्कृतिक और पौराणिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
‎*शासन-प्रशासन से उठाई गई मांग*
‎सर्वेक्षण के दौरान मणिप्राण संगठन के अध्यक्ष श्री मंशूभाई ने स्थानीय ग्रामीणों और मंदिर के पुजारियों के साथ मिलकर शासन व प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि:
‎ * विलुप्त हो रहे मांडव्य ऋषि आश्रम को सामाजिक पटल पर लाया जाए और इसका जीर्णोद्धार हो।
‎ * मड़हा नदी के उद्गम स्थल के दोनों तटों पर घाट का निर्माण कराया जाए, ताकि इस क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।
‎ नदी का प्रवाह मार्ग और भौगोलिक स्थिति
‎मड़हा नदी का प्रवाह मार्ग विस्तृत और कृषि प्रधान क्षेत्रों के लिए जीवनदायिनी है। यह लखनीपुर के मांडव्य ऋषि आश्रम से निकलकर बीबीपुर, खपरईया, हैलूपुर, बरौली, करौदी, पठान पुरवा और नरौली जैसे कई गाँवों से गुजरती है। आगे चलकर यह रुदौली, सोहावल, मसौधा, बीकापुर, तारुन, पूराबाजार, मया, गोसाईगंज और कटेहरी ब्लाक से होकर श्रवण क्षेत्र तक पहुँचती है, जहाँ बिषुही नदी से मिलकर यह 'तमसा' नदी का स्वरूप ले लेती है। इसके अतिरिक्त, राम सनेही घाट से महाराजा ताल के जल को भी इस नदी में समाहित किया गया है।
‎*कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति*
‎इस महत्वपूर्ण मुआयना कार्यक्रम में मंदिर के महंथ रामबृज सहित उमेश चन्द्र, राजित राम, राम कृर्षि, अंकुल, रामेश्वर, हरिराम, राधेश्याम समेत क्षेत्र के अनेक जागरूक नागरिक उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों ने संगठन के इस प्रयास की सराहना करते हुए नदी के संरक्षण और सफाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
‎*इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नदी के प्रवाह को अवरुद्ध होने से बचाना और लुप्त होती ऐतिहासिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना है।

 #अयोध्या मंडलीय अस्पताल बना 'घोटाला मंच'!मरीजों से ऑपरेशन के नाम पर ठगी और फर्जी पर्ची देकर अवैध वसूली की जा रही है। बा...
07/06/2026

#अयोध्या मंडलीय अस्पताल बना 'घोटाला मंच'!
मरीजों से ऑपरेशन के नाम पर ठगी और फर्जी पर्ची देकर अवैध वसूली की जा रही है। बाहर की दवाएं लिखकर पैसे ऐठे जा रहे हैं। इसके पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं।
ी, कृपया संज्ञान लें। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले इन दोषियों को तत्काल सेवामुक्त कर कड़ी कार्रवाई की जाए!

Address

Dharupur
Ayodhya
224001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when घोटाला मंच posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category