26/09/2026
किआ इंडिया ने कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के सहयोग से प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. के पांचवें चरण की शुरुआत की, इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन ने किया क्रियान्वयन
जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए संरचित व्यवस्था विकसित करने हेतु किआ इंडिया की पहल के तहत 90 स्थानों को जोड़ा गया
अंबाला कैंटोनमेंट, 25 सितंबर 2026: किआ इंडिया ने आज इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (आईपीसीए) के सहयोग से हरियाणा के अंबाला कैंटोनमेंट में प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. (डेवलप रिस्पॉन्सिबल आउटलुक फॉर प्लास्टिक) के विस्तार की घोषणा की। इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (आईपीसीए) द्वारा क्रियान्वित यह पहल प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए निरंतर जागरूकता, व्यवहार में बदलाव और व्यवस्थित कचरा संग्रहण तंत्र विकसित करने की दिशा में किआ इंडिया के प्रयासों का महत्वपूर्ण कदम है।
इस पहल के तहत अंबाला कैंटोनमेंट में 90 स्थानों को जोड़ा गया है, जिनमें आवासीय परिसर, सैन्य इकाइयां, स्कूल, मेस और विभिन्न संस्थागत प्रतिष्ठान शामिल हैं। यह व्यापक नेटवर्क प्लास्टिक कचरे के जिम्मेदार तरीके से पृथक्करण, संग्रहण और प्रबंधन में सहयोग करेगा तथा कैंटोनमेंट समुदाय के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देगा।
कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के साथ यह सहयोग प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि पहली बार इस पहल का विस्तार किसी रक्षा प्रतिष्ठान तक किया गया है। यह पहल किआ इंडिया, कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला और इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (आईपीसीए) की संयुक्त क्षमताओं को एक साथ लाकर पर्यावरण संरक्षण के लिए सहयोगात्मक कार्रवाई का एक विश्वसनीय और अन्य स्थानों पर भी अपनाए जा सकने वाला मॉडल विकसित करने का प्रयास करती है।
प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. किआ इंडिया की प्रमुख कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल है, जिसका उद्देश्य कचरा उत्पन्न करने वाले लोगों को जागरूक करके जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देना और एक प्रभावी संग्रहण व्यवस्था स्थापित करना है। अंबाला के जुड़ने के साथ यह परियोजना अब भारत के 12 शहरों—गुरुग्राम, बेंगलुरु, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, मुंबई, चंडीगढ़, पंचकूला, जीरकपुर, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और अंबाला—में सक्रिय हो गई है।
परियोजना के शुभारंभ के अवसर पर इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन की उप निदेशक डॉ. राधा गोयल ने कहा, “90 स्थानों को इस पहल से जोड़ना अंबाला कैंटोनमेंट में एकीकृत और टिकाऊ प्लास्टिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है। कैंटोनमेंट में समुदाय और आम लोगों को जागरूक करना कचरा प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। कचरे के स्रोत पर जागरूकता, व्यवस्थित संग्रहण और सभी हितधारकों की निरंतर भागीदारी को एक साथ लाकर हमारा उद्देश्य मापने योग्य पर्यावरणीय परिणाम हासिल करना और लंबे समय तक व्यवहार में सकारात्मक बदलाव को प्रोत्साहित करना है।”
इस अवसर पर श्री अजय गर्ग ने कहा कि अंबाला कैंटोनमेंट में शुरू की गई यह परियोजना कैंटोनमेंट क्षेत्र में अपनी तरह की पहली कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल है, जो देश के अन्य कैंटोनमेंट क्षेत्रों में भी इस मॉडल को दोहराने का मार्ग प्रशस्त करती है।
कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राहुल आनंद शर्मा ने कहा, “प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. कैंटोनमेंट बोर्ड और रक्षा अधिकारियों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से कैंटोनमेंट में नागरिक प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। स्पष्ट जिम्मेदारियों और मापने योग्य परिणामों के साथ यह परियोजना नागरिक सेवाओं और निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए एक प्रभावी संस्थागत दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह ढांचा अन्य कैंटोनमेंट क्षेत्रों और रक्षा प्रतिष्ठानों में इसी तरह की पहलों के लिए एक संदर्भ के रूप में भी काम कर सकता है।”
कार्यक्रम के दौरान डी.आर.ओ.पी. सामुदायिक कूड़ेदानों का भी अनावरण किया गया। इन कूड़ेदानों का निर्माण पुनर्चक्रित प्लास्टिक से किया गया है। इसके अलावा पुनर्चक्रित सामग्री से तैयार पार्क बेंच भी स्थापित की गईं। ये व्यवस्थाएं यह दर्शाती हैं कि जिम्मेदारीपूर्वक एकत्र किए गए प्लास्टिक कचरे को दोबारा उपयोगी उत्पादों में बदला जा सकता है। इससे संसाधनों के बेहतर उपयोग और चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों को भी बढ़ावा मिलता है।
परियोजना के तहत आयोजित जागरूकता सत्रों में पेशेवर कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया। इसके माध्यम से जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन का संदेश प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया गया और प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने में व्यक्तिगत जिम्मेदारी तथा सामूहिक भागीदारी की भूमिका को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्लास्टिक मुक्त और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भविष्य के निर्माण में योगदान देने की सामूहिक शपथ ली।