17/09/2026
आज शब्द मौन हैं,
हृदय शोकाकुल है,
और स्मृतियों के आकाश पर
एक ऐसा सितारा टूट गया,
जिसकी रोशनी अभी बहुत दूर तक जानी थी।
आज मन अत्यंत व्यथित है। यह विश्वास कर पाना कठिन है कि हमारे आत्मीय मित्र एवं पूर्व ग्राम प्रधान बड़े भाई पवन कुमार यादव जी अब हमारे बीच नहीं रहे। हिंसा की एक निर्मम घटना ने एक हँसते-मुस्कुराते, मिलनसार और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व को हमसे सदा के लिए छीन लिया। कुछ व्यक्तित्व केवल अपने जीवनकाल तक सीमित नहीं रहते, वे अपनी स्मृतियों, अपने व्यवहार और अपने आत्मीय संबंधों के माध्यम से सदैव हमारे बीच जीवित रहते हैं। पवन जी भी उन्हीं विरले व्यक्तित्वों में से एक थे। उनकी सहजता, आत्मीयता और मित्रवत व्यवहार की स्मृतियाँ सदैव हृदय में अंकित रहेंगी। उनका इस प्रकार असमय चले जाना केवल उनके परिवार की ही नहीं, बल्कि हम मित्रों, परिचितों और समस्त शुभचिंतकों की ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं।
मृत्यु शरीर को हमसे दूर कर सकती है, किंतु आत्मीय संबंधों और मधुर स्मृतियों को कभी समाप्त नहीं कर सकती।
ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।
बड़े भाई पवन कुमार यादव को अश्रुपूरित नेत्रों से विनम्र श्रद्धांजलि।
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।🙏