Advocate Abhishek Dwivedi

Advocate Abhishek Dwivedi ●Welcome To Divine Law Firm- Which is Available 5 States High Courts including Supreme Court Of India

नए आपराधिक कानून को सरकार ने बहुत ही सुव्यवस्थित तरीके से बनाया है जिसमे कुछ धाराएं नई जोड़ी गई तो कुछ धाराओ को  हटाया भी...
25/02/2025

नए आपराधिक कानून को सरकार ने बहुत ही सुव्यवस्थित तरीके से बनाया है जिसमे कुछ धाराएं नई जोड़ी गई तो कुछ धाराओ को हटाया भी गया है। भारतीय न्याय संहिता 2023 में महिलाओं से संबंधित अपराधों को एक ही जगह रखा गया एवं महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों में सरकार ने काफी हद तक कड़ा रुख ही रखा है जो जरूरी भी है समाज मे महिलाओ के प्रति होने वाले अपराधों में अंकुश के लिए,,,,,, लेकिन ये तो बस एक पक्ष हुआ सब जानते है कि आज के समय में कुछ महिलाओं द्वारा उन्हें मिली कानूनी सहूलियत का गलत प्रयोग करती है।
सबसे खतरनाक कहे या इसमे विधायिका की मंशा को समझने का प्रयास करे तो धारा 69 BNS में काफी विरोधाभास है। मतलब महिला को ऐसे पेश किया गया इस धारा में की कोई भी उसको प्रलोभन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बना सकता है अब अगर दिया गया प्रलोभन पूरा हो जाता है तो अपराध नही लेकिन अगर पूरा न हुआ तो अपराध🤔
धारा 69 BNS- *Sexual in*******se by employing deceitful means, etc.* मतलब इसमे शादी का, प्रमोशन का, नौकरी का, आदि कोई भी वादा किया गया तो वो प्रवंचनापूर्ण माना जायेगा।
दरासल अभी फिलहाल में एक केस आया जिसमे अभियुक्त जो पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल हैं के ऊपर आरोप था कि इसने शादी का वादा करके लगभग 10 माह से लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा और बाद अपना ट्रांसफर दूसरी जगह कराकर फोन उठाना बन्द कर दिया, जिससे अभियुक्त के ऊपर 69 BNS का आरोप लगा जिसमे 10 वर्ष तक सजा का प्रावधान है, फिर अभियुक्त जिस विभाग का कर्मचारी है वही विभाग उसको जेल भेजने के लिए ढूढ़ने लगा लेकिन सही समय मे भगवान ने उसका साथ दिया और वो *डिवाइन लॉ फर्म* में आ गया,
डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के सीनियर अधिवक्ता के माध्यम से फिर क्या डिवाइन लॉ फर्म के अधिवक्ता अभिषेक नारायण द्विवेदी जी तुरंत माननीय उच्च न्यायालय में उसकी रिट याचिका दायर की और एक सप्ताह के अंदर उसे माननीय उच्च न्यायालय द्वारा स्टेय आदेश दिया गया जिससे जेल जाने से बचत हुई और आगे की बहस के लिए विपक्षी के वकील को जवाब दाखिल का आदेश दिया गया।
अभिषेक नारायण द्विवेदी, उच्च न्यायालय इलाहाबद।

Off course section 18 A of SC/ST Bar about Anticipatory Bail, but this bar is not absolute. After a long argument in Mai...
16/02/2025

Off course section 18 A of SC/ST Bar about Anticipatory Bail, but this bar is not absolute. After a long argument in Maintainable ground Hon'ble Court pleased to grant 2 accused Anticipatory Bail out of 5 accused in SC/ST Act.
Adv. Abhishek Narayan, High Court Allahabad.

F.I.R. Under Section 105( Culpable homicide not amounting to murder) and 118(1) BNS
15/12/2024

F.I.R. Under Section 105( Culpable homicide not amounting to murder) and 118(1) BNS

15/11/2024
On this auspicious festival, may your life be filled with love, light, and endless joy. Wishing you and your family a ve...
31/10/2024

On this auspicious festival, may your life be filled with love, light, and endless joy. Wishing you and your family a very Happy Diwali!

Warm Regards
A.N.Dwivedi Adv.
Allahabad High Court & DRT Allahabad.
"Divine Law Firm"
Available 5 States High Court including Supreme Court Of India.

07/08/2024
अप्य दीपों भवः
21/07/2024

अप्य दीपों भवः

कभी कभी किसी की टेक या थोड़ी सी गलती किसी अन्य के जीवन को कितना प्रभावित करेगी इसका अनुमान लगाना मुश्किल होता है लेकिन कभ...
20/05/2024

कभी कभी किसी की टेक या थोड़ी सी गलती किसी अन्य के जीवन को कितना प्रभावित करेगी इसका अनुमान लगाना मुश्किल होता है लेकिन कभी कभी ये किसी की जान भी ले सकती है, कुछ ऐसा ही था ये ललितपुर जिले के एक छात्र का केस जिसमे बिना किसी गलती के ही छात्र को 12th के पेपर में अंग्रेजी विषय मे 00 नम्बर दिए गए जबकि छात्र ने पूरे प्रश्नों का उत्तर लिखा था और पेपर में उपस्थित रहा लेकिन मध्यमिक शिक्षा बोर्ड के छोटी सी गलती से बेचारा फेल हुआ, जिससे अपने दोस्तों और परिवार, समाज मे 12th में फेल होने का कलंक लगने से इतना आहत हुआ कि चिकित्सा उपचार भी लेना पड़ा, इसका एक कारण और भी है बच्चे के माता पिता दोनों प्रिंसिपल होने के कारण बच्चे के ऊपर और भी ज्यादा मानसिक दबाव आया होगा माता पिता चाहे जितना समझाए लेकिन इसका भी असर जरूर पड़ता है।
खैर बात उच्च न्यायालय तक आ गई और माननीय उच्च न्यायालय द्वारा छात्र की उत्तरपुस्तिका तलब की गई है देखते है अब आगे कितना किया जा सकता है छात्र हित मे ।
आपका- अभिषेक नारायण द्विवेदी, उच्च न्यायालय इलाहाबाद एवं ऋण वसूली अधिकरण( DRT)
"डिवाइन लॉ फर्म"

Every High Court and Supreme Court Lawyer discuss those day's where we can go for winter vacation but some like me think...
21/12/2023

Every High Court and Supreme Court Lawyer discuss those day's where we can go for winter vacation but some like me think how we make all pending work completed...

सत्र न्यायालय ने सजा दिया, उच्च न्यायालय में अपील हुई , उच्च न्यायालय बेल निरस्त कर दिया , सर्वोच्च न्यायालय से बेल हुई😃...
08/11/2023

सत्र न्यायालय ने सजा दिया, उच्च न्यायालय में अपील हुई , उच्च न्यायालय बेल निरस्त कर दिया , सर्वोच्च न्यायालय से बेल हुई😃 हमारी भाषा मे बोले तो Sentence suspended by supreme court. Matter Related to Jabalpur H.C

07/09/2023

भगवान श्री कृष्ण के अवतरण पर्व की आपको शुभकामनाएं।
'हैप्पी कृष्ण जन्माष्टमी'
'डिवाइन लॉ फर्म'-सेवारत पांच राज्यो में ,सर्वोच्च न्यायालय सहित।

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