advocate Sonu Malik High Court Allahabad

advocate Sonu Malik High Court Allahabad 442K ⚖️
वकील | कानूनी जागरूकता
महिला & पुरुष दोनों के लिए
पहली सलाह बिल्कुल FREE
धन्यवाद ❤️
(1)

*⚖️ अदालत में फर्जी कागज पेश करना - सीधा जेल का रास्ता है!*क्या आप जानते हैं?किसी भी अदालत में झूठे दस्तावेज़, फर्जी वसी...
07/09/2026

*⚖️ अदालत में फर्जी कागज पेश करना - सीधा जेल का रास्ता है!*

क्या आप जानते हैं?
किसी भी अदालत में झूठे दस्तावेज़, फर्जी वसीयत, नकली एग्रीमेंट या झूठी गवाही पेश करना सिर्फ झूठ नहीं, बल्कि बहुत बड़ा अपराध है!

बहुत से लोग सोचते हैं कि कागज बना दिया, अदालत में चल जाएगा। लेकिन नए कानून *भारतीय न्याय संहिता 2023* में इसके लिए बहुत सख्त सजा है।

*कानून क्या कहता है?*

*1. धारा 233 - फर्जी दस्तावेज़ बनाना:*
कोई भी झूठा कागज बनाना - 2 साल तक की जेल।

*2. धारा 236 - अदालत के लिए फर्जी कागज बनाना:*
अगर आपने वसीयत, बैनामा, अदालत का आदेश जैसा कीमती कागज फर्जी बनाया तो - *7 साल तक की जेल और भारी जुर्माना, आजीवन कारावास तक हो सकता है।*

*3. धारा 240 - फर्जी को असली बताकर इस्तेमाल करना:*
यह जानते हुए कि कागज नकली है, फिर भी उसे असली बताकर अदालत में पेश किया तो - *जितनी सजा नकली बनाने की, उतनी ही सजा इस्तेमाल करने की।*

*4. धारा 227 - अदालत को गुमराह करने के लिए झूठा सबूत गढ़ना:*
इसमें *7 साल तक की जेल* का प्रावधान है।

*इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त रुख:*
माननीय हाईकोर्ट ने कई फैसलों में कहा है - _"जो व्यक्ति अदालत में झूठे दस्तावेज़ पेश करता है, वह न्याय प्रणाली पर हमला करता है।"_ ऐसे लोगों पर अदालत की अवमानना की कार्यवाही भी होती है।

*याद रखें:*
👉 एक फर्जी कागज आपका पूरा मुकदमा खत्म कर सकता है
👉 आप पर अलग से आपराधिक मुकदमा चलेगा
👉 आपकी जमानत भी मुश्किल होगी

*कानून अंधा नहीं है, सबूत पहचानता है! FSL जाँच में एक सेकंड में नकली-असली का पता चल जाता है।*

> आपसे सवाल - क्या अदालत में झूठे दस्तावेज़ पेश करने वालों पर और सख्त कानून होना चाहिए? हाँ / नहीं - कमेंट में लिखिए।

*इस जानकारी को शेयर जरूर करें, ताकि कोई अनजाने में अपराध न कर बैठे।*

*🏚️ दिल्ली में 5 मंजिला हॉस्टल ढहा, 6 छात्रों की मौत, मालिक पर FIR - जानिए कानून क्या कहता है?*दिल्ली के सत्य निकेतन में...
07/09/2026

*🏚️ दिल्ली में 5 मंजिला हॉस्टल ढहा, 6 छात्रों की मौत, मालिक पर FIR - जानिए कानून क्या कहता है?*

दिल्ली के सत्य निकेतन में कल रात एक 30 साल पुरानी 5 मंजिला बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। इसमें PG के रूप में रह रहे 50 से ज्यादा छात्र दब गए, 6 की मौत हो गई।

*कानूनी सवाल:*
बिल्डिंग के बेसमेंट में अवैध खुदाई चल रही थी। मालिक ने बिना नक्शा पास कराए 5 मंजिल बना दी थी।

👉 *IPC की धारा 304A (लापरवाही से मौत), 336, 337 और MCD Act के तहत FIR दर्ज।*
👉 बिल्डिंग मालिक को 10 साल तक की सजा हो सकती है।
👉 छात्रों के परिवार को मुआवजा कौन देगा?

Sawal ye hai ki har saal barsaat mein aise haadse kyun hote hain? Kanoon ka dar kyun nahi?

*Aapke hisab se zimmedar kaun? Malik ya System? Comment mein bataiye.*

*⚖️ गौरव का क्षण - इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस M.C. त्रिपाठी बने बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस*इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए ...
07/09/2026

*⚖️ गौरव का क्षण - इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस M.C. त्रिपाठी बने बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस*

इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए गर्व का ऐतिहासिक पल!

वरिष्ठ न्यायमूर्ति *श्री महेश चंद्र त्रिपाठी (M.C. Tripathi)* को पदोन्नत कर *बॉम्बे हाईकोर्ट का 50वां मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice)* नियुक्त किया गया है।

*केंद्र सरकार ने दी मंजूरी -*
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 6 अगस्त को उनके नाम की सिफारिश की थी, जिसे केंद्र सरकार ने 5 सितंबर 2026 को मंजूरी दे दी है। fd3f

*इलाहाबाद से बॉम्बे तक का सफर:*
- 1990 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से लॉ
- 1992 से वकालत शुरू, सिविल मामलों के विशेषज्ञ
- यूपी सरकार के Additional Chief Standing Counsel रहे
- 27 सितंबर 2013 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में Additional Judge बने और 10 अप्रैल 2015 को स्थायी न्यायाधीश बने 5ebd

*ऐतिहासिक विदाई समारोह:*
बॉम्बे रवाना होने से पहले उनके सम्मान में *कल, सोमवार 7 सितंबर को सुबह 10 बजे इलाहाबाद हाईकोर्ट में Full Court Farewell Reference* का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें चीफ जस्टिस अरुण भंसाली सहित सभी न्यायमूर्तिगण और अधिवक्ता मौजूद रहेंगे। a308

इलाहाबाद हाईकोर्ट से बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बनने वाले वे केवल दूसरे न्यायाधीश हैं - यह पूरे प्रयागराज विधि जगत के लिए हर्ष का विषय है।

समस्त अधिवक्ता समाज की ओर से माननीय न्यायमूर्ति को नए दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

* *

06/09/2026
*🚨 रेलवे का नया नियम! कन्फर्म टिकट के बाद भी लगेगा जुर्माना - जानिए वरना जेब कटेगी!*रेल यात्रियों के लिए बुरी खबर!अब कन्...
06/09/2026

*🚨 रेलवे का नया नियम! कन्फर्म टिकट के बाद भी लगेगा जुर्माना - जानिए वरना जेब कटेगी!*

रेल यात्रियों के लिए बुरी खबर!

अब कन्फर्म टिकट होने के बाद भी रेलवे आपसे पेनल्टी वसूल सकता है। रेलवे ने लगेज (सामान) को लेकर नया सख्त नियम लागू कर दिया है।

*नया नियम क्या है?*
अलग-अलग क्लास के लिए सामान की लिमिट तय कर दी गई है -

- *स्लीपर क्लास* - 40 किलो तक ही फ्री
- *AC 3 Tier* - 40 किलो तक ही फ्री
- *AC 2 Tier* - 50 किलो तक ही फ्री
- *AC First Class* - 70 किलो तक ही फ्री

अगर इससे ज्यादा सामान लाए, तो *एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा*, चाहे आपका टिकट कन्फर्म ही क्यों न हो!

*कितना लगेगा जुर्माना?*
रेलवे के मुताबिक, तय वजन से ज्यादा होने पर प्रति किलो के हिसाब से 6 गुना तक जुर्माना लग सकता है। कई बार तो TTE मौके पर ही रसीद काट देगा।

*बचने का तरीका क्या है?*
1. ज्यादा सामान है तो पहले से लगेज ऑफिस में बुक करा लें
2. BIS Care App से सोने की तरह अपना सामान वजन कर लें
3. बच्चों का सामान भी अपने वजन में गिना जाएगा

ये नियम आज 6 सितंबर से कई बड़े स्टेशनों - नई दिल्ली, लखनऊ, पटना, कानपुर पर सख्ती से चेक किया जा रहा है।

क्या रेलवे का ये नियम सही है? क्या गरीब यात्री का सामान भी अब अमीरों जैसा तोला जाएगा?

कमेंट में अपनी राय बताएं और इस खबर को हर रेल यात्री तक शेयर करें।

*गौतमबुद्ध नगर का Nishu Azad vs Swatantra Bhardwaj मामला - Latest Update**पूरा मामला क्या है?*2 महीने पहले जंतर-मंतर पर ...
06/09/2026

*गौतमबुद्ध नगर का Nishu Azad vs Swatantra Bhardwaj मामला - Latest Update*

*पूरा मामला क्या है?*
2 महीने पहले जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले का आरोप लगा था। आरोपी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने खुद पॉडकास्ट में दावा किया था कि उसने "सिर फोड़ दिया और 60 टांके लगे" और कहा था कि उसके राजनीतिक संबंधों के कारण पुलिस ने छोड़ दिया। वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमा गया।

*Latest Update - 5 और 6 सितंबर 2026*

*1. स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में*
दिल्ली पुलिस ने भारी विरोध प्रदर्शन के बाद आरोपी को यूपी के *बुलंदशहर से हिरासत में लिया* है। पुलिस के मुताबिक वह बाइक से नैथला गांव से खुर्जा की तरफ भाग रहा था और हेलमेट से पहचान छिपा रहा था। कोर्ट में पेशी के बाद उसे 1 दिन की पुलिस हिरासत और फिर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

*2. FIR में नई धाराएं जुड़ीं*
- पहले FIR में सिर्फ साधारण धाराएं थीं
- अब पुलिस ने *धारा 307 (हत्या की कोशिश), SC/ST Act, और POCSO Act* की धाराएं जोड़ दी हैं
- निशु को ऑनलाइन धमकी देने के लिए अलग से FIR की मांग भी की गई है

*3. वकील का दावा*
स्वतंत्र के वकील पीयूष जैन का कहना है कि सारे आरोप फर्जी हैं, घटना 2 महीने पुरानी है तो अब SC/ST और POCSO क्यों याद आया? वकील ने जेल में स्वतंत्र पर हमले का खतरा भी बताया है।

*4. निशु का पक्ष*
निशु आजाद और उनके वकील ऋषभ रंजन ने कहा है कि FIR के 2 महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं हुई थी, इसलिए वे चंद्रशेखर आजाद के साथ संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन करने गईं। एडिशनल DCP मंजीत शर्मा ने 72 घंटे में गिरफ्तारी का भरोसा दिया था।

अब इस मामले में सियासत भी तेज है, कांग्रेस, AAP, BJP सभी ने बयान दिए हैं।

आपकी नजर में इस मामले में इंसाफ कैसे मिलेगा? कमेंट में बताएं।

*दिल्ली में महिला पत्रकार के साथ बर्बरता - Latest Update*दिल्ली के साकेत में 2 महिला पत्रकारों के साथ पुलिस द्वारा बर्बर...
06/09/2026

*दिल्ली में महिला पत्रकार के साथ बर्बरता - Latest Update*

दिल्ली के साकेत में 2 महिला पत्रकारों के साथ पुलिस द्वारा बर्बरता का मामला तूल पकड़ रहा है।

*क्या हुआ था 3 सितंबर को?*
साकेत के Max Hospital में गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली CM रेखा गुप्ता के कार्यक्रम की कवरेज करने गईं 4PM News की पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान के साथ कथित मारपीट हुई।

पत्रकारों का आरोप है -
- CM से सवाल पूछने पर पुलिस ने हिरासत में लिया
- साकेत थाने ले जाकर महिला पुलिस की मौजूदगी में पिटाई की
- धार्मिक पहचान पूछकर गाली-गलौज की
- वीडियो में दोनों के शरीर पर चोट के निशान साफ दिख रहे हैं
- दोनों को AIIMS में मेडिकल के लिए जाना पड़ा

*पुलिस का क्या कहना है?*
दक्षिण दिल्ली DCP अनंत मित्तल ने सभी आरोपों को "तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक" बताया है। पुलिस का कहना है कि दोनों ने VVIP रूट पर स्कूटर लगाकर रास्ता रोका था और हटाने को कहा तो नहीं हटीं, इसलिए पूछताछ के लिए थाने लाया गया।

*अब तक का Update (4-5 सितंबर)*
- प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, इंडियन विमेंस प्रेस कॉर्प्स, DUJ सहित 5 बड़े पत्रकार संगठनों ने संयुक्त बयान जारी कर घटना की कड़ी निंदा की है
- संगठनों ने साकेत SHO सहित सभी दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है
- प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की गई है
- AAP और विपक्ष ने सरकार को घेरा है

क्या पत्रकारों को सवाल पूछने की कीमत चुकानी पड़ेगी? आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं।

निष्पक्ष पत्रकारिता के समर्थन में इस पोस्ट को शेयर करें।

*आजकल पुलिस विभाग हाईकोर्ट के आदेशों का पालन क्यों नहीं कर रहा? 5 बड़े कारण*किसान भाइयों, क्या आपने देखा है? आजकल हर दूस...
06/09/2026

*आजकल पुलिस विभाग हाईकोर्ट के आदेशों का पालन क्यों नहीं कर रहा? 5 बड़े कारण*

किसान भाइयों, क्या आपने देखा है? आजकल हर दूसरे दिन खबर आती है - "हाईकोर्ट सख्त, DGP तलब, SP से जवाब मांगा"

आखिर क्यों पुलिस हाईकोर्ट के आदेशों को हल्के में ले रही है? इसके पीछे 5 बड़े कारण हैं -

*1. काम का बोझ और स्टाफ की कमी*
एक थानेदार के पास 200-300 केस, VIP ड्यूटी, चुनाव, मेला सब देखना पड़ता है। हाईकोर्ट की तारीख पर फाइल तैयार करने का समय ही नहीं मिलता।

*2. जांच की ट्रेनिंग का अभाव*
आज भी कई जगह जांच पुराने तरीके से हो रही है। CCTV, फोरेंसिक, मोबाइल डाटा जैसी नई तकनीक में कई पुलिसकर्मी एक्सपर्ट नहीं हैं, इसलिए रिपोर्ट कमजोर रह जाती है।

*3. कागजी कार्रवाई और अफसरशाही*
हाईकोर्ट का आदेश थाने तक पहुंचते-पहुंचते 3-4 टेबल पर घूमता है। CO, SP ऑफिस, सरकारी वकील के बीच तालमेल में देरी होती है और कोर्ट में जवाब लेट पहुंचता है।

*4. जवाबदेही का डर नहीं*
पहले कोर्ट की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई कम होती थी। इसलिए कुछ अधिकारी सोचते हैं - "देरी हो गई तो क्या होगा, माफी मांग लेंगे।" अब हाईकोर्ट ने सख्ती शुरू की है।

*5. राजनीतिक दबाव और सिफारिश*
कई मामलों में पुलिस पर दोनों पक्षों का दबाव होता है। सही रिपोर्ट लगाने में भी पुलिस को कई बार दिक्कत आती है।

*समाधान क्या है?*
- जैसे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UP DGP से कहा है, हर जिले में एक नोडल अधिकारी होना चाहिए जो सिर्फ कोर्ट के आदेशों का पालन करवाए।
- पुलिस की ट्रेनिंग और स्टाफ बढ़ाना जरूरी है।
- कोर्ट के आदेश का ऑनलाइन सिस्टम बनना चाहिए ताकि सीधे थानेदार को मैसेज मिले।

आपके हिसाब से सबसे बड़ा कारण क्या है?
A) स्टाफ की कमी
B) ट्रेनिंग की कमी
C) लापरवाही

कमेंट में A, B या C लिखकर अपनी राय जरूर दें।

इस पोस्ट को शेयर करें ताकि पुलिस विभाग तक ये बात पहुंचे।

*हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी पर हाईकोर्ट सख्त, UP DGP को होना पड़ा पेश, मांगी माफी!*इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश प...
06/09/2026

*हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी पर हाईकोर्ट सख्त, UP DGP को होना पड़ा पेश, मांगी माफी!*

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है।

*क्या है पूरा मामला?*
जस्टिस समीर जैन की पीठ एक हत्या के मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने कई बार देखा कि पुलिस अधिकारी उसके आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं, जांच की फाइल और CCTV फुटेज समय पर कोर्ट नहीं पहुंच रही है।

इस लापरवाही पर हाईकोर्ट ने *UP DGP राजीव कृष्ण* को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया था।

*1 सितंबर को DGP हाईकोर्ट में पेश हुए*
कोर्ट में पेश होकर DGP राजीव कृष्ण ने पुलिस विभाग की ओर से हुई कमियों के लिए *माफी मांगी।*

उन्होंने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया कि -
*"भविष्य में किसी भी पुलिस अधिकारी द्वारा ऐसी गलती नहीं की जाएगी और हाईकोर्ट के सभी आदेशों का समय पर पालन किया जाएगा।"*

*हाईकोर्ट ने क्या कहा?*
कोर्ट ने कहा कि पुलिस की लापरवाही से अदालत का काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। हत्या जैसे गंभीर मामलों में जांच की गुणवत्ता में सुधार होना ही चाहिए।

DGP ने बताया कि जांच में सुधार के लिए पुलिस अधिकारियों की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है।

क्या पुलिस को कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन करना चाहिए? अपनी राय कमेंट में बताएं।

*⚠️ देश में बिजली संकट? 50 बिजली घरों में कोयले का स्टॉक खत्म होने की कगार पर!*देश भर के थर्मल पावर प्लांट में कोयले की ...
06/09/2026

*⚠️ देश में बिजली संकट? 50 बिजली घरों में कोयले का स्टॉक खत्म होने की कगार पर!*

देश भर के थर्मल पावर प्लांट में कोयले की भारी कमी हो गई है। Central Electricity Authority की रिपोर्ट के अनुसार -

*ताजा आंकड़े क्या कहते हैं?*
- देश के 224 GW क्षमता वाले बिजली घरों में सिर्फ 28.2 मिलियन टन कोयला बचा है, जबकि जरूरत 58.7 मिलियन टन की है।
- मतलब सिर्फ 48% स्टॉक बचा है।
- 50 बड़े पावर प्लांट में कोयला क्रिटिकल लेवल पर है, जिनमें से 45 घरेलू कोयले वाले प्लांट हैं।
- कई प्लांट में सिर्फ 3 से 4 दिन का ही कोयला बचा है।

*कारण क्या है?*
1. मानसून में ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ की खदानों में खुदाई बंद
2. बारिश से कोयला गीला और ट्रांसपोर्ट में दिक्कत
3. गर्मी और उमस के कारण बिजली की मांग 10% से ज्यादा बढ़ गई

*सरकार क्या कह रही है?*
कोयला मंत्रालय ने कहा है कि Coal India के पास पिटहेड पर 76 मिलियन टन कोयला मौजूद है। यह 36 दिन की खपत के बराबर है। सरकार ने कोयला ढुलाई के लिए सड़क मार्ग से भी सप्लाई शुरू करने का आदेश दिया है और स्थिति पर रोज नजर रखी जा रही है।

पंजाब में तो इस कमी से 1500 MW बिजली उत्पादन घट गया है और कई राज्यों में कटौती शुरू हो गई है।

क्या आपके यहाँ भी बिजली कटौती हो रही है? कमेंट में अपना जिला लिखें।

इस जरूरी खबर को सभी तक शेयर करें।

Address

High Court Allahabad
Allahabad
211001

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when advocate Sonu Malik High Court Allahabad posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share