14/07/2026
हर हर महादेव महादेव जी कृपा करे।
बाबा मार्कण्डेय महादेव धाम गंगा गोमती संगम कैथी रघुकुल भवन वाराणसी।
ठाकुर शिवाजी सिंह स्मृति सेवा संघ
Advocate AJIT SINGH A&G Law Associates High Court of Allahabad
कुछ यात्राएँ मंज़िल पाने के लिए नहीं, बल्कि किसी अपने को अमर बनाने के लिए शुरू होती हैं।
आज मैं अपने जीवन का एक सत्य आप सभी के साथ साझा कर रहा हूँ।
मैं एक प्रथम पीढ़ी का अधिवक्ता (First Generation Lawyer) हूँ। इस कठिन पथ को चुनने की प्रेरणा मुझे मेरे पूज्य पिता स्वर्गीय ठाकुर शिवाजी सिंह से मिली—जो विधि के छात्र, हरिश्चन्द्र महाविद्यालय के पूर्व महामंत्री, पूर्वांचल की छात्र राजनीति को नई दिशा देने वाले व्यक्तित्व और एक समर्पित सामाजिक उद्यमी थे।
उनके जाने के बाद जीवन ने मुझसे एक ही वचन लिया—जब तक साँस है, पिता के नाम को सेवा, न्याय और संस्कारों के माध्यम से जीवित रखना है।
इसी संकल्प से "ठाकुर शिवाजी सिंह स्मृति सेवा संघ" की स्थापना हुई। इसी प्रेरणा ने मुझे जिला एवं सत्र न्यायालय, वाराणसी से लेकर भारत के सर्वोच्च न्यायालय तक की यात्रा करने का साहस दिया।
जो कुछ भी पाया है, वह मेरा नहीं—मेरे पिता के सपनों, उनके संस्कारों और उनके आशीर्वाद का प्रतिफल है।
मैं आप सभी आत्मीयजनों से केवल इतना ही निवेदन करता हूँ कि आपका स्नेह, विश्वास, सहयोग और आशीर्वाद सदैव मेरे साथ बना रहे, ताकि सेवा और न्याय का यह संकल्प निरंतर आगे बढ़ता रहे।
"पिता केवल जन्म नहीं देते, वे जीवन का उद्देश्य भी दे जाते हैं।
उनकी स्मृतियों को कर्म से अमर करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।"
सेवा ही मेरा धर्म है।
न्याय ही मेरा कर्म है।
और पूज्य पिता की अमर स्मृतियाँ ही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं।
स्व. ठाकुर शिवाजी सिंह को शत्-शत् नमन। 🙏🌺