25/08/2026
🔥 15 मीटर से कम ऊँचाई वाले विद्यालय भवनों के लिए बड़ी राहत का आधार बना शासन का महत्वपूर्ण पत्र
क्या निजी विद्यालयों को अनावश्यक अग्निशमन एनओसी की जटिलताओं से राहत मिल सकती है? शासन के इस महत्वपूर्ण पत्र में इसका स्पष्ट रास्ता दिखाई देता है।
उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव द्वारा 07 जनवरी 2022 को जारी पत्र में 15 मीटर से कम ऊँचाई वाले लो-राइज भवनों एवं मिक्स्ड ऑक्यूपेंसी भवनों में अग्निशमन व्यवस्था तथा अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) जारी करने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे भवनों के लिए NBC-2016 के अनुरूप सामान्य अग्निशमन एवं ढांचागत व्यवस्थाओं में संशोधन किया जाए। इसमें भवनों की प्रकृति और उपयोग के अनुसार अलग-अलग मानकों की व्यवस्था की गई है। विशेष रूप से शैक्षिक भवनों को Annexure-B में शामिल किया गया है।
🏫 विद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
शासन के पत्र में 15 मीटर से कम ऊँचाई वाले भवनों के लिए कई व्यावहारिक व्यवस्थाओं का उल्लेख है, जिनमें—
फायर टेंडर के आवागमन के लिए न्यूनतम 6 मीटर अथवा आवश्यकतानुसार पहुँच मार्ग।
भवनों में स्मोक मैनेजमेंट/प्राकृतिक वेंटिलेशन की व्यवस्था।
फायर वाटर टैंक, फायर पंप, स्मोक/ऑटोमेटिक डिटेक्शन सिस्टम, स्प्रिंकलर सिस्टम आदि के संबंध में NBC-2016 के Annexure-A से F के अनुसार व्यवस्था।
स्टेयरकेस एवं निकास मार्ग की चौड़ाई में भी व्यावहारिक संशोधन।
सबसे महत्वपूर्ण—15 मीटर से कम ऊँचाई वाले Existing Buildings के लिए प्रस्तावित व्यवस्था बाध्यकारी न होकर पूर्णतः स्वैच्छिक रखी गई थी।
📌 30 जून 2022 की कटऑफ तारीख क्यों महत्वपूर्ण है?
पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि Existing Buildings के लिए 30 जून 2022 की कटऑफ तारीख मानी जाएगी। इसके बाद निर्मित भवनों को Existing Building की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा और उनका परीक्षण संबंधित बिल्डिंग बायलॉज, NBC तथा शासनादेशों के अनुसार किया जाएगा।
यह प्रावधान उन हजारों विद्यालय प्रबंधकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिनके विद्यालय भवन पहले से संचालित हैं और जिनके सामने अग्निशमन NOC को लेकर अनेक व्यावहारिक कठिनाइयाँ आती हैं।
✊ अब जरूरत है शासन के इस उद्देश्य को जमीन पर लागू करने की
जब शासन स्वयं 15 मीटर से कम ऊँचाई वाले लो-राइज भवनों की कठिनाइयों को दूर करने, व्यावहारिक अग्निशमन व्यवस्था बनाने और उद्यमियों/भवन संचालकों को सुविधा देने की बात कर चुका है, तो विद्यालयों के मामले में भी इसी भावना के अनुरूप सरल और व्यावहारिक व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
शिक्षा के मंदिरों को अनावश्यक कागजी औपचारिकताओं और अव्यावहारिक मानकों में उलझाने के बजाय सुरक्षा के साथ-साथ व्यावहारिकता का संतुलन बनाना आवश्यक है।
विद्यालय प्रबंधक सुरक्षा व्यवस्था के विरोधी नहीं हैं। हर विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। लेकिन सुरक्षा के नाम पर ऐसी प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए जो वर्षों से संचालित छोटे विद्यालयों के लिए असंभव आर्थिक और तकनीकी बोझ बन जाए।
🇮🇳 राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ की मांग
15 मीटर से कम ऊँचाई वाले Existing विद्यालय भवनों के लिए शासन के उक्त पत्र की भावना एवं प्रावधानों को स्पष्ट रूप से लागू किया जाए तथा अग्निशमन NOC की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाया जाए।
सुरक्षा भी जरूरी है, शिक्षा भी जरूरी है और विद्यालयों का अस्तित्व भी जरूरी है।