25/06/2026
📍⚖️ क्या Live Location कोर्ट में साक्ष्य बन सकती है?
आज के डिजिटल दौर में WhatsApp, Google Maps और अन्य मोबाइल ऐप्स के माध्यम से Live Location साझा करना आम बात है। लेकिन क्या यह अदालत में साक्ष्य (Evidence) बन सकती है?
📌 जानिए कानून क्या कहता है—
✅ Live Location एक प्रकार का डिजिटल / इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हो सकती है।
✅ यदि उसकी प्रामाणिकता (Authenticity) और विश्वसनीयता (Reliability) स्थापित हो जाती है, तो न्यायालय अन्य साक्ष्यों के साथ उसका मूल्यांकन कर सकता है।
✅ केवल Live Location के आधार पर हर मामला तय नहीं होता। न्यायालय उपलब्ध सभी साक्ष्यों, गवाहों और परिस्थितियों को देखकर निर्णय करता है।
✅ यदि Live Location में छेड़छाड़ (Tampering) का आरोप हो, तो उसकी जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
⚖️ याद रखें:
"डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन उनका कानूनी मूल्य प्रत्येक मामले के तथ्यों और उनकी प्रामाणिकता पर निर्भर करता है।"
📌 इसलिए किसी भी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को सुरक्षित रखें और आवश्यकता होने पर उचित कानूनी सलाह लें।
👨⚖️ अजय सिंह छौकर एडवोकेट "अटूस वाले"
📍 सिविल कोर्ट, आगरा