advocate aisha khan

advocate aisha khan I'm advocate aisha khan
civil and criminal lawyer

30/08/2026

⚖️सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक अहम निर्णय में🧑‍⚖️

हिंदू उत्तराधिकार कानून से जुड़े सिद्धांतों को स्पष्ट करते हुए कहा है कि जब किसी संपत्ति का उत्तराधिकार बिना वसीयत (intestate succession) के होता है, तो उत्तराधिकारी संयुक्त हिंदू परिवार की तरह "कर्त्ता" (Karta) की भूमिका में नहीं होते, बल्कि वे केवल "Tenants-in-Common" यानी निश्चित हिस्सों के साथ अलग-अलग सह-स्वामी होते हैं।✅🚨

यह फैसला जस्टिस Sanjay Karol और जस्टिस Augustine George Masih की खंडपीठ द्वारा सुनाया गया, जिसमें अदालत ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में प्रत्येक उत्तराधिकारी का हिस्सा पहले से तय और पहचाने योग्य होता है, और वह संपत्ति सामूहिक रूप से "संयुक्त परिवार संपत्ति" की तरह नहीं मानी जा सकती।✅🚨

मामले की पृष्ठभूमि महाराष्ट्र से जुड़ी एक संपत्ति विवाद से संबंधित थी, जिसमें एक हिंदू पुरुष की मृत्यु बिना वसीयत के हो गई थी। उनकी दूसरी पत्नी और पहली पत्नी से हुई चार बेटियों के बीच संपत्ति बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवा�

30/08/2026

दहेज़ के मुकदमे से सास ससुर अपना नाम कैसे निकलवाए 50 बचाव के तरीके जाने।🚨📌
Advocate Aisha Khan 🧑‍🎓
high court Lucknow bench ⚖️

#दहेज



⚖️😎

30/08/2026

दहेज उत्पीड़न और दहेज के कारण होने वाली मौत के मुकदमे अब⚖️🧑‍🎓

सालों-साल लंबित नहीं रहेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने देश भर की निचली अदालतों को इन मामलों की तेज सुनवाई का निर्देश दिया है. कोर्ट ने यह तक कहा है कि अगर आरोपी का वकील बार-बार सुनवाई टालने की कोशिश करता है तो किसी दूसरे वकील को एमिकस क्यूरी नियुक्त कर कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाए.✅





Trials

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High court Lucknow Meeting time's with senior advocate and colleagues
26/08/2026

High court Lucknow
Meeting time's with senior advocate and colleagues

26/08/2026

मुस्लिम समाज में प्रचलित तलाक-ए-हसन, तलाक-ए-अहसन।

और एकतरफा तलाक की व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।

सुप्रीम कोर्ट इनकी वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 27 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।

सुप्रीम कोर्ट इस मामले में पहले ही केंद्र सरकार और दूसरे पक्षों को नोटिस जारी कर चुका है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने मामले की सुनवाई के दौरान ये बात सामने आई कि कुछ मुस्लिम पुरुष अपनी पत्नियों को व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए 'वर्चुअल तलाक' देने की कोशिश कर रहे हैं।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि इन कुरीतियों के वजह से कई महिलाओं की जिंदगी और उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायपालिका को सभी धर्मों की परंपराओं और मान्यताओं का सम्मान करना चाहिए। इसके साथ ही अदालत को धार्मिक मामलों में कम से कम हस्तक्षेप करना चाहिए।

26/08/2026

जहाँ S.P. - D.S.P. के कदम संभलकर पड़ते हैं!
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25/08/2026

दिलेर बाप की बेटी हूँ, आँख में आँख मिलाने का मुकम्मल हौसला रखती हूँ।
और पेशे से Advocate हूँ—इसलिए हक़ की लड़ाई में पीछे हटना मेरी फितरत नहीं। ⚖️🔥
लहजा शांत है, मगर तेवर कानून वाले हैं।

24/08/2026

High court Lucknow bench 🧑‍🎓😎

16/08/2026

चेहरा है या चाँद किला है जुल्फ का मेरी शाम है सागर जे ये तो बता तेरा🥰💗

15/08/2026

High court Lucknow bench ⚖️
Advocate Aisha Khan 🧑‍🎓
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Lucknow
Democratic Republic Of The

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