Advocate Pradeep Kumar Singh

Advocate Pradeep Kumar Singh Hi, I'm [Pradeep Kumar Singh], a criminal law attorney with experience in high-conflict cases.

I have training in mediation and collaborative law and can help deal with emotionally charged situations.

01/16/2026

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम निर्णय में हिंदू महिलाओं के अधिकारों को मजबूती दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई महिला अपने ससुर के निधन के बाद विधवा होती है, तब भी वह उसकी संपत्ति से भरण-पोषण की मांग कर सकती है। न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की पीठ ने कहा कि हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत किसी महिला को ‘आश्रित’ मानने के लिए यह मायने नहीं रखता कि उसके पति की मृत्यु ससुर के निधन से पहले हुई या बाद में। पति की मृत्यु का समय इस अधिकार को प्रभावित नहीं करता, इसलिए ऐसी विधवा महिला को अपने ससुर की संपत्ति से भरण-पोषण पाने का पूरा हक हो

01/07/2026

उत्तर प्रदेश में एक दलित व्यक्ति अपनी जमीन किसी भी जाति के व्यक्ति (सामान्य या गैर-अनुसूचित जाति) को बेच सकता है, लेकिन इसके लिए जिलाधिकारी (DM) की पूर्व अनुमति (prior permission) लेना अनिवार्य है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जमीन का हस्तांतरण आर्थिक दबाव या धोखाधड़ी में न हो और बेचने के बाद भी दलित व्यक्ति के पास न्यूनतम निर्धारित भूमि (लगभग 3.125 एकड़) बची रहे; यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के तहत नियंत्रित होती है.
मुख्य शर्तें और प्रक्रिया:
जिलाधिकारी की अनुमति: अनुसूचित जाति (SC) के भूमिधर को अपनी जमीन किसी गैर-SC व्यक्ति को बेचने, दान करने, गिरवी रखने या पट्टे पर देने से पहले जिलाधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होती है.
भूमि का न्यूनतम हिस्सा: जिलाधिकारी यह देखता है कि बिक्री के बाद दलित व्यक्ति के पास कम से कम 1.26 हेक्टेयर (लगभग 3.125 एकड़) भूमि बची रहे.
अपवाद (Exceptions): कुछ विशेष परिस्थितियों में, अगर भूमिधारक के पास वारिस न हो, वह दूसरे राज्य में बस गया हो, या परिवार में कोई जानलेवा बीमारी हो, तो इन शर्तों में छूट मिल सकती है.
ऑनलाइन प्रक्रिया: अब यह अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया ऑनलाइन भी उपलब्ध है, जिससे समय-सीमा (लगभग 45 दिन) तय की गई है.
संक्षेप में, दलित अपनी जमीन किसी भी जाति को बेच सकता है, लेकिन यह प्रक्रिया जिलाधिकारी की अनुमति और कानूनी प्रावधानों के तहत ही पूरी की जाती है, जिसका उद्देश्य SC समुदाय की जमीन की सुरक्षा करना है.

01/05/2026

Celebrating my 8th year on Facebook. Thank you for your continuing support. I could never have made it without you. 🙏🤗🎉

01/05/2026

वेनेजुएला के उदाहरण से भारत के बुद्धुओं अर्थात बुद्धिजीवियों को समझ आ जाना चाहिए कि ढाई हजार साल पहले तथागत बुद्ध ने क्यों कहा था --

"राजसैनिक को प्रवज्या नहीं देनी चाहिए।"

जब एक राजवंश इस नियम से विचलित होता उसे हटा दिया जाता और उसकी जगह तलवार चमकाता दूसरा राजवंश आ जाता।

अशोक ने एकमात्र स्वतंत्र जनपद कलिंग पर हमला किया, जीता और फिर युद्ध पर आँसू हजार बहाए लेकिन जमीन एक इंच फिर भी नहीं छोड़ी।

गुप्तों ने भारत को एक किया, अश्वमेध किया,अफगानिस्तान में सेना भेजी और फिर शांति का प्रचार किया, मंदिर स्तूप बनवाये।

हर्षवर्धन ने पहले उत्तरापथ विजय की फिर प्रयाग में सर्वस्व दान करते रहे।

फिर बीसवी शताब्दी में एक पाखंडी आदमी आया।

अपनी दयनीय काया को अपना हथियार बनाकर उसने जनता को 'अहिंसा' का ऐसा उल्टा पाठ पढ़ाया कि सेना को भंग करने तक की बातें होने लगीं और लेहरू के प्रिय जनरल बी एम कौल सेना से मकान बनवाने लगे।

लेकिन अब तो हिंदुओं को समझ आ जाना चाहिए कि दुनियाँ की हकीकत क्या है।

चाहे व्यक्ति हो या समाज या संस्कृति या राष्ट्र, जीवित वही रहता है जो शक्तिशाली होता है वरना कमजोर का तो ईराक और वेनेजुएला हो जाता है।

जिस अमेरिका को अपने यहाँ बसे आतंकवादी पन्नू की हत्या से भी एतराज है वह दूसरे देश में घुसकर वहाँ के राष्ट्रपति को बंधक बना लेता है।

अगर अमेरिका को लोकतंत्र की इतनी परवाह है तो चीन और रूस छोड़िये, उत्तर कोरिया पर हमला करके देख ले।

छोड़िये उत्तर कोरिया क्योंकि वहाँ तो परमाणु बम है इसलिए सऊदी अरब, यूएई पर ही हमला करके देख ले।

शक्ति में ही सामर्थ्य होती है चाहे वह शांति की हो या दंड की और यह मानवता के इतिहास का सबसे कड़वा सच है।

दया, करुणा, अहिंसा का अधिकार भी शक्तिवान को ही है।

इसलिए,

राष्ट्र के स्तर पर,
धर्म के स्तर पर,
व्यक्ति के स्तर पर,

शक्ति अर्जित करना प्रत्येक हिंदू का व्यक्तिगत नैतिक, धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य है वरना आपको मिटाने के लिये अमेरिका और चीन को बस चालीस करोड़ मुस्लिमों को उकसाना और हथियार देना भर है।

हमारे हर देवता और देवी का एक हाथ अभय मुद्रा में शांति प्रसारित करता है और दूसरे हाथ में थमा शस्त्र उस शांति की रक्षा करता है।

बस समस्या यह है कि हिंदुओं को न व्यक्तिगत शारीरिक शक्ति में इंट्रेस्ट है और न हिंदुत्व की शक्ति में, उसे बस अपनी 'जाति की शक्ति' बढानी है।

06/10/2025

जमीन विवादों से संबंधित समाधानों के लिए उपयुक्त कोर्ट एसडीएम कोर्ट:

यदि जमीन का बंटवारा मौके पर करवाना है, तो आप एसडीएम कोर्ट में आवेदन कर सकते हैं. एसडीएम कोर्ट में आवेदन करने के लिए आपको जमीन की स्थिति और बंटवारे के लिए सभी पक्षकारों की सहमति दिखानी होगी.

सिविल कोर्ट:

यदि जमीन का बंटवारा करने में विवाद है, तो आप सिविल कोर्ट में भी आवेदन कर सकते हैं. सिविल कोर्ट में आवेदन करने के लिए आपको जमीन से संबंधित सभी दस्तावेजों और विवाद की स्थिति को दर्शाना होगा.
प्रदीप कुमार सिंह एडवोकेट

05/21/2025
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04/06/2025

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आगरा में हुई इस दुखद घटना में भारतीय वायुसेना के वारंट ऑफिसर रामकुमार तिवारी की पैराशूट में तकनीकी खराबी के कारण मौत हो गई। यह हादसा 5 अप्रैल 2025 को सुबह करीब 9:30 बजे उस समय हुआ जब रामकुमार, जो आकाश गंगा स्काईडाइविंग टीम के पैरा जंप इंस्ट्रक्टर थे, एक प्रदर्शन (डेमो ड्रॉप) के दौरान जवानों को प्रशिक्षण दे रहे थे। उन्होंने हेलिकॉप्टर से लगभग सात हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई थी, लेकिन पैराशूट समय पर नहीं खुल सका, जिसके चलते वह सीधे जमीन पर गिर गए।

रामकुमार तिवारी (41) उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के रहने वाले थे और उनके पास सैकड़ों छलांगों का अनुभव था। हादसे के बाद उन्हें तुरंत मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस के अनुसार, दोपहर 12 बजे के आसपास अस्पताल से उनकी मृत्यु की सूचना मिली, और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। भारतीय वायुसेना ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई है। रामकुमार अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके गांव में किया जाएगा।

देश के सपूत को आखरी सलाम 🇮🇳🙏💕💐😭

03/30/2025

भ्रमित न हों!

बहुत से लोग इंग्लैंड, ग्रेट ब्रिटेन, यू.के. को एक ही समझ लेते हैं... चलिए इसे अलग-अलग समझते हैं:

इंग्लैंड - एक देश (नाइजीरिया जैसा), राजधानी: लंदन।
ग्रेट ब्रिटेन - इंग्लैंड, स्कॉटलैंड (एडिनबर्ग) और वेल्स (कार्डिफ़) से बना द्वीप।
यूनाइटेड किंगडम (यू.के.) - पूरा नाम: यूनाइटेड किंगडम ऑफ़ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैंड।

इसमें शामिल हैं:
• इंग्लैंड
• स्कॉटलैंड
• वेल्स
• उत्तरी आयरलैंड (राजधानी: बेलफ़ास्ट)
और उत्तरी आयरलैंड को आयरलैंड गणराज्य के साथ भ्रमित न करें - यह एक अलग देश है, राजधानी: डबलिन
अब आपको अंतर पता चल गया है!

Beware of your Right
03/26/2025

Beware of your Right

01/29/2025

महाकुंभ में पैदल चलने के नैरेटिव से भयभीत होने की आवश्यकता नही 🤔

कैलाश मानसरोवर यात्रा में परिक्रमा पथ 52 KM का है.
बाबा अमरनाथ 45 KM की चढ़ाई है.
केदारनाथ 16 KM की चढ़ाई है.
वैष्णो देवी 14 KM की चढ़ाई है.

वृन्दावन परिक्रमा 15 KM की है.
गोवर्धन परिक्रमा 21 KM की है.
बृज चौरासी कोस परिक्रमा तो 252 KM की है.

लाखों करोड़ों श्रद्धालु हर साल जाते हैं इन तीर्थ स्थानों पर...... लेकिन कोई नहीं रोता कि हाय इतना चल लिए.. हाय ये हो गया... हाय पैर टूट गए.

प्रयागराज जैसे मध्यम स्तर के शहर में कुछ ही घंटो के अंतराल में करोड़ों लोगों को सीधे त्रिवेणी में उतार कर स्नान दुनिया का कोई प्रशासन नहीं करा सकता.

आपको पुण्य भी लेना है और 5,7,8,10 किलोमीटर पैदल भी नहीं चलना तो फिर प्रयागराज पर अहसान करने क्यों जा रहे हो भइया... घर में ही नहाओ और ऑनलाइन संगम के दर्शन करो.

पुण्य चाहिए तो मेहनत तो करनी ही पड़ेगी.... और प्रयागराज तीर्थ तो वैसे भी सबसे सुलभ है.... ना पहाड़ चढने हैं, ना कड़कती ठण्ड में शरीर गलाना है, ना सांस की दिक्क़त होगी.

वैसे भी किसी ने कहा है.... श्रद्धालु शिकायत नहीं करते.... पर्यटक करते हैं. श्रद्धालु बन कर जाइये...आनंद ही आनंद होगा 🙏🙏

09/01/2024

एक गोत्र में विवाह क्यों नहीं ?

डिस्कवरी चैनल के बीमारियों से संबंधित एक कार्यक्रम में एक
वैज्ञानिक ने कहा कि जैनेटिक (अनुवांशिक) बीमारी न हो

इसका एक ही इलाज है 'सैपरेशन ऑफ जींस'। अर्थात अपने

निकटतम रिश्तेदारों में विवाह नहीं करना चाहिए, क्योंकि

नज़दीकी रिश्तेदारों में जींस सैपरेट (विभाजित) नहीं हो पाता

और जींस लिंक्ड बीमारियां होने की शत-प्रतिशत संभावना

होती है। सनातन धर्म में हजारों वर्ष पहले 'जींस' और

'डी.एन.ए.' के बारे में लिखा गया। हिंदू परम्परा में कुल सात

गोत्र होते हैं। एक गोत्र के लोग आपस में विवाह नहीं कर

सकते, जिससे जींस सैपरेट (विभाजित) रहे। उस वैज्ञानिक ने

कहा कि आज पूरे विश्व को मानना पड़ेगा कि सनातन हिंदू धर्म

ही विश्व का एकमात्र ऐसा धर्म है जो विज्ञान पर आधारित है।

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