26/08/2026
परम् पूज्यनीय परम् आदरणीय गुरुदेव श्री अम्बिका प्रसाद मिश्र प्रत्याशी महासचिव, अवध बार एसोसिएशन ,उच्च न्यायालय लखनऊ जी की फेसबुक वाल से 💐🙏
यूँ तो सभी प्राणियों में मानव होना ही श्रेष्ठ है, परंतु वही मानव पूजनीय, वंदनीय व श्लाघनीय होता है, जिनमें सत्यता, सत्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता, विश्वसनीयता, सेवा, त्याग, समर्पण और परहित-भाव जैसे गुण उसके हृदय, मन व अंतःकरण में स्वमेव ही आविर्भूत होते हों।
परंतु जब कोई मानव अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए अथवा सत्ता के लिए अथवा क्षणभंगुर भौतिक सुख व मिथ्या सम्मान के लिए अथवा अपने विनाशकारी एवं प्रभु के प्रिय भोजन रूपी क्षुद्र अहंकार को पोषित करने के लिए संपूर्ण देश में विप्लवकारी परिस्थितियों का प्रादुर्भाव करता है, तो वह स्वयं तो नष्ट, विनष्ट व संतापत्रस्त होता ही है, साथ ही साथ संपूर्ण देश, समाज व संसार में अस्थिरता उत्पन्न करने वाला भी होता है।
अम्बिका प्रसाद मिश्र
अधिवक्ता
उच्च न्यायालय लखनऊ