04/07/2026
व्यभिचार कानून तो खत्म, फिर सजा कैसे? हाईकोर्ट ने पलटा फैसला
2018 में खत्म हुआ कानून, फिर भी मिली सजा! दिल्ली हाईकोर्ट ने कैसे किया रद्द?
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अनोखे मामले में व्यभिचार (एडल्टरी) की सजा रद्द कर दी — जहां निचली अदालत ने घटना को महाभारत काल की नियोग प्रथा के आधुनिक रूप जैसा बताते हुए सजा सुनाई थी।
जस्टिस विमल कुमार यादव ने 11 मई के अपने फैसले में कहा — आईपीसी की धारा 497, जो शादी से बाहर प्रेम संबंधों से जुड़ी थी, उसे सुप्रीम कोर्ट पहले ही 2018 में जोसेफ शाइन बनाम भारत संघ मामले में असंवैधानिक घोषित कर चुका है। कोर्ट ने कहा — जब कानून खुद संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन करता पाया गया हो, तो उसके तहत दी गई सजा को बरकरार रखने का कोई आधार नहीं बचता।
हाई कोर्ट ने साफ किया — व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संवैधानिक नैतिकता के सामने पुराने प्रावधानों का कोई कानूनी वजूद नहीं बचता, चाहे निचली अदालत ने कितनी भी सांस्कृतिक व्याख्या क्यों न दी हो।