31/12/2025
👆*जरूर पढ़े अपना गौरव*
मुझे गर्व है गाजीपुर में निवास करने पर।..... वक्त सब ठीक कर देता है।
*जय मांधाता जय चौहान!*
जय पृथ्वीराज, जय राष्ट्रवाद!
और पढ़े 👉
प्रतुति BK SINGH CHAUHAN
एडवोकेट हाई कोर्ट प्रयागराज।
*महाराजा मांधाता (चौहान वंश - गाजीपुर का इतिहास)*
ऐतिहासिक दस्तावेजों और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, *महाराजा मांधाता पृथ्वीराज चौहान तृतीय के वंशज थे।*
*गढ़ और शासन:* उन्होंने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के पास कठउत नामक स्थान पर अपना किला (गढ़) बनाया था और वहां से एक छोटे राज्य पर शासन किया था।
*स्वतंत्र शासक:* वे दिल्ली के सुल्तानों की अधीनता स्वीकार नहीं करते थे और एक स्वतंत्र राजा के रूप में शासन कर रहे थे।
*ऐतिहासिक संघर्ष:* सन् 1330 ईस्वी के आसपास, तुगलक काल के दौरान, दिल्ली के सुल्तान के सेनापति सैयद मसूद अल हुसैनी (जिन्हें गाजी मसूद भी कहा जाता है) ने उन पर आक्रमण किया।
*परिणाम:* इस भीषण युद्ध में महाराजा मांधाता वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी मृत्यु के बाद, सैयद मसूद ने इस क्षेत्र का नाम बदलकर 'गाजीपुर' रख दिया। गाजीपुर के इतिहास में उन्हें एक वीर और स्वाभिमानी योद्धा के रूप में याद किया जाता है।
*2. चक्रवर्ती सम्राट मांधाता (इक्ष्वाकु वंश/सूर्यवंश)*
अक्सर महाराजा मांधाता का नाम आने पर पौराणिक इतिहास के सम्राट मांधाता की चर्चा होती है, जो भगवान राम के पूर्वज थे।
वंश: ये अयोध्या के इक्ष्वाकु वंशी (सूर्यवंशी) राजा युवनाश्व के पुत्र थे।
*चक्रवर्ती सम्राट:* इन्हें प्राचीन भारत का प्रथम चक्रवर्ती सम्राट माना जाता है, जिन्होंने पूरी पृथ्वी पर विजय प्राप्त की थी। 'मांधाता' नाम का अर्थ है "वह जिसे स्वयं इंद्र पालेंगे" (मां धाता)।
उपलब्धियाँ: उन्होंने 100 अश्वमेध और 100 राजसूय यज्ञ किए थे। ऋग्वेद के कुछ सूक्तों की रचना का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है।
*ओंकारेश्वर संबंध:* मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर के पर्वत का नाम 'मांधाता पर्वत' इन्हीं के नाम पर पड़ा है, क्योंकि इन्होंने यहाँ कठिन तपस्या की थी।
*इस शोध से पहले भी हमने कहा था, चौहान भी पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र के पूर्वज हैं।*🙏
जय श्री रामचंद्र, जय चौहान !!🚩
*बीके सिंह चौहान (अधिवक्ता)*
उच्च न्यायालय, प्रयागराज।
उत्तर प्रदेश, भारत।
संपर्क 9453009710