24/09/2026
*पूर्वी चम्पारण: केशरिया थाना कांड संख्या 345/24 जांच में पाया गया असत्य, निर्दोषों को फंसाने वाले वादी पर कार्रवाई की मांग*
*मोतिहारी/चकिया (पूर्वी चम्पारण):*
पूर्वी चम्पारण जिले के केशरिया थाना क्षेत्र में दर्ज कांड संख्या *345/24* की जांच के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को पूरी तरह असत्य और साक्ष्यहीन पाया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) चकिया के कार्यालय पत्रांक संख्या *2970*, दिनांक *09/09/2026* के अनुसार, नामजद अभियुक्तों को रंजिश के तहत साजिश बनाकर झूठे मुकदमे में फंसाया गया था।
जांच में सामने आए मुख्य तथ्य
*झूठे आरोप का पर्दाफाश:* वादी सह आवास सहायक अर्जुन प्रसाद यादव (ग्राम पंचायत दरमाहा) ने कुंदन कुमार एवं कमलेश कुमार के विरुद्ध कागजात छीनने व मारपीट का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।
*तकनीकी जांच व साक्ष्य:* पुलिस द्वारा की गई सीडीआर (CDR) व टावर लोकेशन जांच में घटना के समय वादी और अभियुक्तों की उपस्थिति स्थल पर नहीं पाई गई। साथ ही स्वतंत्र गवाहों के बयानों से घटना पूरी तरह काल्पनिक साबित हुई।
*रंजिश का कारण:* जांच रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना में हुई कथित धांधली और अपात्रों को लाभ देने का विरोध करने पर रंजिशवश यह झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
*अंतिम प्रतिवेदन:* पुलिस ने मामले में अंतिम प्रतिवेदन संख्या *427/26* (दिनांक 28.06.2026) समर्पित करते हुए केस को असत्य घोषित कर दिया है।
*वादी पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग*
मामले में निर्दोष पाए गए पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मनगढ़ंत कहानी रचकर केस दर्ज कराने वाले वादी (आवास सहायक) के विरुद्ध कानूनन सख्त कार्रवाई और केस दर्ज किया जाए। पीड़ितों का कहना है कि इस झूठे मुकदमे के कारण उन्हें भारी मानसिक प्रताड़ना, आर्थिक नुकसान और सामाजिक प्रतिष्ठा की हानि सहनी पड़ी है, वहीं पुलिस प्रशासन का कीमती समय भी बर्बाद हुआ है। कानून का दुरुपयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई से ही भविष्य में निर्दोषों का उत्पीड़न रुकेगा।
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