03/07/2026
फर्जी एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय
मामला : *Prakash Kadam & Ors. v. Ramprasad Vishwanath Gupta & Anr.*
Citation: (2011) 6 SCC 189 | AIR 2011 SC 1945 | (2011) 2 SCC (Cri) 848
न्यायालय: Supreme Court of India
पीठ: Justice Markandey Katju एवं Justice Gyan Sudha Misra
निर्णय दिनांक: 13 मई 2011
🚨 फर्जी एनकाउंटर कानून के नाम पर हत्या है
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि विधिसम्मत ट्रायल के बाद यह सिद्ध हो जाए कि पुलिस द्वारा किया गया एनकाउंटर फर्जी था, तो वह कानून के रक्षकों द्वारा किया गया एक Cold-Blooded Murder है।
⚖️ पुलिस भी कानून से ऊपर नहीं
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पुलिस का दायित्व कानून लागू करना है, स्वयं कानून हाथ में लेना नहीं। यदि कोई पुलिस अधिकारी फर्जी एनकाउंटर करता है, तो उसके विरुद्ध भी हत्या का मुकदमा चल सकता है और वह भारतीय दंड कानून के अनुसार उत्तरदायी होगा।
📌 निर्णय के प्रमुख सिद्धांत
✅ फर्जी एनकाउंटर Rule of Law के विरुद्ध है।
✅ पुलिस अधिकारी भी हत्या के अपराध के लिए अभियोजित किए जा सकते हैं।
✅ "ऊपर से आदेश मिला था" (Superior Orders) हत्या का वैध बचाव नहीं है।
✅ प्रत्येक पुलिस अधिकारी का कर्तव्य है कि वह अवैध आदेश का पालन न करे।
🔥 सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
"Fake encounters are nothing but cold-blooded, brutal murders by persons who are supposed to uphold the law."
अर्थात—
"फर्जी एनकाउंटर कानून की रक्षा करने वाले व्यक्तियों द्वारा की गई निर्मम और योजनाबद्ध हत्या है।"
⚖️ मृत्युदंड पर न्यायालय की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि किसी मामले में विधिसम्मत ट्रायल के बाद फर्जी एनकाउंटर सिद्ध हो जाए और मामला 'Rarest of Rare' श्रेणी में आता हो, तो संबंधित पुलिस अधिकारियों के लिए मृत्युदंड पर भी विचार किया जा सकता है। यह प्रत्येक मामले में अनिवार्य दंड नहीं है।
🎯 Ratio Decidendi
"यदि न्यायालय में विधिसम्मत ट्रायल के दौरान यह सिद्ध हो जाए कि पुलिस एनकाउंटर फर्जी था, तो संबंधित पुलिस अधिकारी हत्या के अपराध के लिए उत्तरदायी होंगे। कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह पुलिस अधिकारी ही क्यों न हो।"
💥 याद रखने योग्य पंक्ति
"वर्दी हत्या का लाइसेंस नहीं है। कानून का शासन (Rule of Law) तभी सार्थक है जब पुलिस भी उसी कानून के अधीन हो जिसकी रक्षा करने की शपथ वह लेती है।"
— एडवोकेट *सुखदेव चौधरी जाजूंदा*
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