21/05/2026
*सम्पूर्ण हरदेव बाणी*
*१ तू ही निरंकार (197)*
*जब भी कोई वचन कहें तो कोमलता को अपनायें।*
*प्यार करें सत्कार करें तो निश्छलता को अपनायें।*
*सच का जब सन्देश है देना निर्भयता को अपनायें।*
*कहे 'हरदेव' कि मानव हैं तो मानवता को अपनायें।*
*आप जी के पावन चरणों में कोटि कोटि प्यार भरी धन निरंकार जी 🙏*