26/05/2026
हवाओं में इतना जहर न खोलो यारों ... तुम्हें भी यही सांस लेना है!
गिद्ध... खटमल.. कौवा कहने से पहले सच तो जान लेते...!
नीरज द्विवेदी, अधिवक्ता
सिंगरौली। कल से मैं सोशल मीडिया पर एक वीडियो देख रहा हूं.. जो काफी तेजी से वायरल हो रहा है जिसे लेकर लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं और ऐसा लग रहा है मानो अपने जन्म जन्म के अर्जित ज्ञान को आज ही उड़ेल देंगे...कुछ कॉकरोच प्रजाति के लोग इसे जातीय रंग देने का भी प्रयास कर रहे हैं और कुछ मीडिया साथी भी इसमें घी डाल रहे है.. परन्तु सभी सिंगरौलीवासियों को सावधान रहना हैं। इस घटनाक्रम के पीछे का कारण शायद बहुत लोग नहीं जानते होंगे,,,तो हमने सोचा क्यों न आप सभी को उस हकीकत से रूबरू कराए । वायरल वीडियो में देखा जा रहा है कि एक व्यक्ति को कुछ लोग मार रहे है ,,,जिसमें एक व्यक्ति हाथ में ईंट लिए हुए भी दिखाई दे रहे है... इस एक पक्षीय वीडियो को देख कर प्रथम दृष्टया मेरे मन में भी आक्रोश की ज्वाला धधक उठी,,,लेकिन जब मामले को जाना समझा तब समझ में आया कि मामला तो ठीक उलट हैं ...दरअसल कुछ दूषित मानसिकता के लोग अधिवक्ता साथियों को बदनाम करने की नीयत से एक पक्षीय वीडियो वायरल कर रहे हैं, जबकि घटना यह है की वीडियो में मार खाते दिख रहा शख्स और उसका एक साथी न्यायालय में जाते हैं और एक अधिवक्ता साथी की कुर्सी पर बैठ जाते हैं .. अधिवक्ता साथी जब आते हैं तो उनके द्वारा बार-बार प्रेम से हाथ जोड़कर निवेदन किया जाता है कि मेरी कुर्सी हैं मैं बैठूंगा । आप दूसरी कुर्सी पर पर बैठ जाओ लेकिन सुनियोजित तरीके से वह व्यक्ति विवाद करने की नीयत से उनसे उलझ जाता है.. और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया उनका कॉलर पकड़कर उन पर हमला बोल देता है । हल्ला गुहार सुनकर वहां अन्य अधिवक्ता साथी पहुंचते हैं और मारपीट करने वालो को पकड़ लेते हैं..जहां उसका एक साथी मौका देख भाग जाता है और एक साथी पकड़ में आ जाता है जिसके साथ अधिवक्ताओं ने मारपीट की.. अब आते हैं उस ईट की तरफ...
अधिवक्ता कोर्ट में कलम और कानून की किताबें लेकर बैठता हैं ....
न कि पत्थर,लाठी या हथियार...लेकिन अधिवक्ता के हाथ मे ईंट कहा से आया..? प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पकड़े गए युवक का दूसरा साथी भागते भागते बाहर रखी ईंट फेंककर अधिवक्ताओं के ऊपर हमला करना चाहा लेकिन असफल रहा ..
यदि किसी अधिवक्ता के सिर पर लगती तो शायद जान भी जा सकती थी... फिर उसी ईंट को उठाकर अधिवक्ता ले आए और आगे जो भी हुआ आपने वीडियो में देखा होगा। दूसरा पहलू पुलिस बिना जांच पड़ताल किये ही आनन-फानन में हमारे 4-5 साथियों पर तत्काल मुकदमा पंजीबद्ध कर लिया... और दूसरी ओर उस बेचारे अधिवक्ता के साथ मारपीट की गई उस पर पुलिस मौन हैं।
काश वीडियो बनाने वाले महानुभाव वह वीडियो भी वायरल करते जब अधिवक्ता के साथ मारपीट हो रही थी..लेकिन उस समय उन्हें सब सामान्य दिख रहा रहा... इस लिए वीडियो वायरल करने वाले कि नियति पर सवाल उठे रहे हैं। सबसे अहम बात यह कि जातीय रंग देने वाले लोग शायद यह भूल जा रहे हैं कि जिसके साथ विवाद हुआ है वह भी शायद उस युवक की ही जाति से आते हैं.. और जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है उनका कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था बल्कि वह अपने एक अधिवक्ता साथी के साथ हो रही मारपीट को बचाने के लिए गए थे..वहीं दूसरी ओर हमारे कुछ पत्रकार साथी भी बिना विषय को जाने समझे तरह-तरह के सोशल मीडिया पर कमेंट कर रहे हैं .. कोई बिना नाम लिए गिद्ध लिख रहा है तो कोई कोई कौवा तो कोई खटमल लेकिन शायद यह भूल जा रहे हैं कि जब परिस्थितियों विपरीत होती है और किसी मामले में फंसे रहते हैं तो यही कौवा यही खटमल और यही गिद्ध उनके साथ खड़े रहते हैं ... हालांकि मैं वीडियो में मारपीट करते दिख रहे अधिवक्ता साथियों की मैं प्रशंसा भी नहीं करता। उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा रखना चाहिए था और थोड़ा सैयम दिखाते हुए कानूनी रास्ते से आगे बढ़ना चाहिए था लेकिन कार्यवाही तो उन पर भी होनी चाहिए जिन्होंने पहले कुर्सी पर कब्जा किया और फिर मारपीट की... इन सबके बीच सबसे खास बात यह कि सिंगरौली में सभी धर्म, जाति के लोग बड़े ही सद्भाव के साथ रहते हैं, ऐसे में यह माहौल कुछ लोगों को हजम नहीं हो रहा है और ऊर्जाधानी की आवो हवा को बिगाड़ने की नियत से सोशल मीडिया पर तरह-तरह की टिप्पणी कर रहे है। इसलिए हम सबको सावधान रहना है और धैर्य बनाए रखना है।
जय हिंद ..जय भारत... जय संविधान
आपका साथी
नीरज द्विवेदी
अधिवक्ता