27/03/2025
आकाश में घने बादल छाए हुए थे। स्नेहा अपनी खिड़की से बाहर देख रही थी, जैसे किसी का इंतज़ार कर रही हो। उसकी आँखों में हल्की बेचैनी और दिल में एक अजीब-सी खुशी थी। आज पहली बारिश थी, और उसके दिल में पहली बार किसी के लिए एहसास जागा था।
स्नेहा और आरव कॉलेज के दोस्त थे, लेकिन उनके बीच हमेशा एक खास कनेक्शन था। दोनों घंटों बातें करते, एक-दूसरे की पसंद-नापसंद को अच्छे से जानते थे। पर, कभी किसी ने अपने दिल की बात नहीं कही। आज का दिन शायद कुछ नया लेकर आने वाला था।
कॉलेज के बाद, स्नेहा पार्क में बैठी थी, जब अचानक बारिश शुरू हो गई। वह भीगते हुए बचने के लिए दौड़ पड़ी, लेकिन तभी किसी ने उसका हाथ पकड़ लिया। वह पलटकर देखी तो आरव था।
"बारिश में भीगने से डर रही हो?" आरव ने मुस्कुराते हुए पूछा।
स्नेहा शरमाते हुए बोली, "नहीं, बस सोचा था कि घर चली जाऊँ।"
आरव ने उसकी आँखों में झाँका और कहा, "कभी सोचा है, यह बारिश कितनी खास होती है? जैसे यह बूंदें आसमान से हमें छूने आती हैं, वैसे ही कुछ एहसास भी दिल से बाहर आना चाहते हैं।"
स्नेहा की धड़कनें तेज़ हो गईं। उसने धीरे से पूछा, "तुम क्या कहना चाहते हो, आरव?"
आरव ने हल्की मुस्कान के साथ कहा, "स्नेहा, मैं तुम्हें बहुत पसंद करता हूँ... शायद हमेशा से। लेकिन अब और छुपा नहीं सकता।"
स्नेहा का दिल जोर-जोर से धड़कने लगा। उसने नज़रें झुका लीं, फिर धीरे से बोली, "मुझे भी बारिश बहुत पसंद है... और तुम्हारा साथ भी।"
आरव ने उसकी भीगी हथेलियों को थाम लिया। बारिश की बूँदें अब तेज़ हो चुकी थीं, लेकिन उनके दिलों में एक नयी धूप खिल गई थी।
उस दिन पहली बारिश ने दो दिलों को हमेशा के लिए जोड़ दिया।
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